गौ विज्ञान परीक्षा के सिलेबस में लिखा- बीफ खाने से आते हैं बुरे दिन: रिपोर्ट

बिना किसी शुल्क के कामधेनु गौ विज्ञान प्रचार प्रसार परीक्षा में प्राथमिक, माध्यमिक और कॉलेज स्तर के छात्र और आम लोग हिस्सा ले पाएंगे

बिना किसी शुल्क के कामधेनु गौ विज्ञान प्रचार प्रसार परीक्षा में प्राथमिक, माध्यमिक और कॉलेज स्तर के छात्र और आम लोग हिस्सा ले पाएंगे

Rashtriya Kamdhenu Aayog: बिना किसी फीस के कामधेनु गौ विज्ञान प्रचार प्रसार परीक्षा में प्राथमिक, माध्यमिक और कॉलेज स्तर के छात्र और आम लोग हिस्सा ले पाएंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 8, 2021, 8:13 PM IST
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नई दिल्ली. पिछले दिनों राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (Rashtriya Kamdhenu Aayog) ने राष्ट्रीय स्तर की ऑनलाइन गौ विज्ञान परीक्षा के आयोजन का ऐलान किया है. इस परीक्षा के तहत देसी गायों और इसके फायदे के बारे में छात्रों और आम लोगों के बीच रुचि पैदा करने की कोशिश की जाएगी. 25 फरवरी को होने वाली इस परीक्षा में लोग अपनी इच्छा से बैठ सकते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस परीक्षा के सिलेबस में कहा गया है कि बीफ खाने से इंसान के खराब कर्म शुरू हो जाते हैं. अपनी तरह की इस पहली परीक्षा की घोषणा करते हुए राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के अध्यक्ष वल्लभभाई कथीरिया ने कहा है कि वार्षिक तरीके से परीक्षा का आयोजन होगा.

अंग्रेजी बेवसाइट द क्विंट ने बताया कि इस परीक्षा के लिए 54 पन्नों का सिलेबस जारी किया गया है. इसमें दावा किया गया है कि देसी गाय किसी भी जर्सी के मुकाबले अच्छी होती है. इसके पीछे वजह बताई गई है कि देसी गाय का दूध हल्के पीले रंग का होता है क्योंकि इसमें सोने के तत्व होते हैं. इसमें आगे लिखा है कि जो बच्चे जर्सी गाय का दूध पीते हैं उन्हें कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं. जैसे कि अस्थमा और डायबिटीज.

देसी गाय के फायदे

सिलेबस में आगे लिखा गया है कि देसी गाय काफी चालाक होती है और वो किसी गंदी जगह पर नहीं बैठती है. वो जर्सी गाय के मुकाबले मुश्किल मौसम में भी आसानी से रह सकती है. इसके अलावा इसमें ये भी बताया गया है कि देसी गाय के गोबर और गौमूत्र के इस्तेमाल से कई तरह की बीमारियां भी दूर होती हैं. साथ ही ये भी कहा गया है कि इससे नेगेटिव एनर्जी भी खत्म होती है.
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क्या है इस परीक्षा का मकसद



बिना किसी फीस के कामधेनु गौ विज्ञान प्रचार प्रसार परीक्षा में प्राथमिक, माध्यमिक और कॉलेज स्तर के छात्र और आम लोग हिस्सा ले पाएंगे. मंत्रालय ने कहा है कि देसी गायों के बारे में छात्रों और नागरिकों के बीच जन जागरूकता पैदा करने के लिए कामधेनु आयोग ने गौ विज्ञान पर राष्ट्रीय परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है. होनहार उम्मीदवारों को पुरस्कार और प्रमाणपत्र दिए जाएंगे. मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत आने वाले कामधेनु आयोग की स्थापना केंद्र ने फरवरी 2019 में की थी और इसका लक्ष्य गायों के संरक्षण, संवर्द्धन के लिए काम करना है.
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