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CAA विरोध प्रदर्शन: सदफ जाफर और दारापुरी ने पुलिस के ऊपर लगाया टॉर्चर का आरोप

News18Hindi
Updated: January 9, 2020, 5:13 AM IST
CAA विरोध प्रदर्शन: सदफ जाफर और दारापुरी ने पुलिस के ऊपर लगाया टॉर्चर का आरोप
रिटायर IPS अधिकारी एसआर दारापुरी और कांग्रेस कार्यकर्ता सदफ जाफर

सर्दियों में कंबल दिए जाने से मना करने से लेकर शारीरिक चोट पहुंचाने और सांप्रदायिक गालियां देने तक, सदफ जाफर (Sadaf Jafar) ने यूपी पुलिस पर हिरासत के दौरान कई ज्यादतियां करने का आरोप लगाया है. इन्हें पिछले महीने CAA विरोधी आंदोलन के दौरान हिंसा (Violence) भड़क जाने के बाद हिरासत में लिया गया था.

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  • Last Updated: January 9, 2020, 5:13 AM IST
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लखनऊ. कांग्रेस कार्यकर्ता (Congress Worker) और एक्टिविस्ट सदफ जाफर और रिटायर IPS अधिकारी एसआर दारापुरी ने पुलिस (Police) के ऊपर हिरासत के दौरान उन्हें टॉर्चर किए जाने का आरोप लगाया है. हाल ही में दोनों को लखनऊ की एक कोर्ट ने CAA विरोधी आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए जाने के बाद जमानत दी है.

सदफ जाफर (Sadaf Jafar) ने कहा, "हम शांतिपूर्ण तरीके से शिक्षक, प्रोफेसर और दूसरे सिविल सोसाइटी के सदस्यों के साथ हजरतगंज इलाके (Hazratganj Area) में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. अचानक से, वहां एक भारी भीड़ पहुंची जिसने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए.

'महिला थाने लाया गया, जहां महिला पुलिसकर्मियों ने की पिटाई'
जमानत पर रिहा किए जाने के बाद उन्होंने मीडिया को बताया, "हम एक ओर खड़े थे और हमने वहीं एक फेसबुक लाइव (Facebook Live) करने का फैसला किया था. मुझे इसमें साफ-साफ कहते हुए सुना जा सकता है- 'पुलिस कहां है और वे कुछ क्यों नहीं कर रहे.' जब परिस्थिति थोड़ी शांत हुई, हमने अपनी गाड़ियों की ओर जाना चाहा. लेकिन अचानक से पुलिस आई और हमें दबोच लिया. वे हमें गालियां देने लगे और हमें पीटने लगे. हमें पैरों पर लाठियों से मारा गया और निर्दयता से पीटा गया, जिसके बाद हमें महिला थाना ले जाया गया. वहां महिला पुलिसकर्मियों ने मुझे पीटना शुरू कर दिया."



जाफर ने बताया कि वे पुलिस से कहती रहीं कि उनकी हिरासत (Detention) के बारे में उनके परिवार को बता दिया जाए लेकिन उन्होंने इस गुजारिश पर कोई ध्यान नहीं दिया.



'शरीर पर आई चोटों की दवा देने से डॉक्टरों को किया गया मना'
उन्होंने आरोप लगाया, इसके बाद हमें बहुत गालियां दी गईं और 'खाते यहां की हो और बजाते वहां की हो' जैसे ताने (Taunts) मारे गए.

"हमें सबसे भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं, इसमें सांप्रदायिक गालियां भी शामिल थीं. मेरे बाल पकड़कर एक पुरुष पुलिसकर्मी ने मेरे पेट पर लात मारी. रात करीब 2 बजे, जब मैंने अपना ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) तेजी से बढ़ने की शिकायत की, तो मुझे हॉस्पिटल ले जाया गया और एक इंजेक्शन लगवाया गया और वापस जेल ले आया गया. डॉक्टरों को मेरे शरीर पर आई दूसरी चोटों के लिए दवा देने की अनुमति नहीं दी गई."

'कोचिंग जा रहे निर्दोष छात्रों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया'
जाफर ने आरोप लगाया कि निर्दोष छात्र जो अपनी कोचिंग क्लास (Coaching Class) के लिए जा रहे थे लखनऊ पुलिस (Lucknow Police) ने उन्हें भी गिरफ्तार किया.

उन्होंने कहा, "हमारा विरोध और संघर्ष जारी रहेगा. मेरी पार्टी (Party) और मेरा परिवार सभी मेरे साथ मजबूती के साथ खड़े हैं."

वहीं ऐसे ही हिरासत के दौरान टॉर्चर किए जाने के आरोप 70 साल से अधिक उम्र के रिटायर IPS अधिकारी एसआर दारापुरी की ओर से भी लगाए गए हैं.

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First published: January 9, 2020, 5:13 AM IST
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