भ्रष्टाचार के मामले में घिरीं महबूबा मुफ्ती, एंटी करप्शन ब्यूरो ने मांगा जवाब

जम्मू-कश्मीर बैंक में गैर-कानूनी नियुक्तियों को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो ने राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को पत्र लिखकर कथित भ्रष्टाचार पर स्पष्टीकरण मांगा है.

News18Hindi
Updated: August 4, 2019, 10:54 PM IST
भ्रष्टाचार के मामले में घिरीं महबूबा मुफ्ती, एंटी करप्शन ब्यूरो ने मांगा जवाब
जम्मू-कश्मीर बैंक में गैर-कानूनी नियुक्तियों को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो ने राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को पत्र लिखकर कथित भ्रष्टाचार पर स्पष्टीकरण मांगा है.
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Updated: August 4, 2019, 10:54 PM IST
जम्मू-कश्मीर बैंक में गैर-कानूनी नियुक्तियों को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो ने राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को पत्र लिखकर कथित भ्रष्टाचार पर स्पष्टीकरण मांगा है. पत्र में कहा गया है कि- 'कुछ मंत्रियों की सिफारिश पर जम्मू-कश्मीर बैंक के चेयरमैन द्वारा कुछ नियुक्तियों का मामला सामने आया है. पत्र में कहा गया है कि यह स्पष्ट करें कि क्या जम्मू-कश्मीर बैंक में नियुक्तियों के लिए इस तरह के संदर्भों पर आपका समर्थन था?'

महबूबा मुफ्ती ने ये पत्र मिलने के बाद ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से ये पत्र मिलने पर आश्चर्य नहीं हुआ. केंद्र की नीतियों का विरोध करने के चलते उन पर निशाना साधा जा रहा है. उन्होंने कहा मेरे प्रयासों को विफल करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. ये नीतियां काम नहीं करेंगी.



बता दें इससे पहले जम्मू-कश्मीर बैंक से कुछ समय पहले ही बर्खास्त हुए चेयरमैन अहमद नेंगरू की संपत्तियों पर एसीबी ने छापेमारी की थीं. एसीबी ने इस दौरान कई अहम दस्तावेज़ और फाइलें भी जब्त की थीं.

एसीबी ने पूर्व बैंक चेयरमैन के घर पर की थी छापेमारी
एसीबी ने पूर्व चेयरमैन के सरकारी और निजी बंगले पर छापेमारी की थी. घंटों तक चली इस कार्रवाई में दस्तावेज़, फाइलों के अलावा कम्प्यूटर और लैपटॉप भी खंगाले गए थे. इन्हीं दस्तावेज़ों की जांच करते हुए अब एसीबी ने महबूबा मुफ्ती को पत्र लिखा है.

जून में किया गया था बर्खास्त
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गौरतलब है कि बैंक के चेयरमैन के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान घोर अनियमितताएं और आधिकारिक पद के दुरुपयोग करने के आरोपों में 8 जून को नेंगरू को सरकार ने पद से बर्खास्त कर दिया था. उन्हें एक अंतरिम अध्यक्ष द्वारा बदल दिया गया था जबकि एक खोज समिति की स्थापना एक नए अध्यक्ष और राज्य के प्रमुख वित्तीय संस्थान के प्रबंध निदेशक की तलाश के लिए की गई थी.

चेयरमैन की बर्खास्तगी के तुंरत बाद हुई थी छापेमारी
नेंगरू को हटाए जाने के एक घंटे बाद ही एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बैंक के मुख्यालय में छापा मारा था. छह घंटे तक चली कार्रवाई में परवेज अहमद के कार्यकाल के दौरान हुई भर्ती प्रक्रिया, ट्रांसफर प्रक्रिया तथा कामकाज से संबंधित 100 से अधिक फाइलें जब्त की गईं थी.

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First published: August 4, 2019, 4:27 PM IST
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