एंट्रिक्स-देवास करार: इसरो के पूर्व प्रमुख माधवन नायर को सम्मन

भाषा
Updated: September 16, 2017, 6:37 PM IST
एंट्रिक्स-देवास करार: इसरो के पूर्व प्रमुख माधवन नायर को सम्मन
Antrix-Devas एंट्रिक्स-देवास करार: इसरो के पूर्व प्रमुख माधवन नायर को सम्मन
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Updated: September 16, 2017, 6:37 PM IST
एक विशेष अदालत ने शनिवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व प्रमुख जी माधवन नायर को एंट्रिक्स-देवास करार मामले में आरोपी के तौर पर सम्मन किया.

विशेष जज वीरेंद्र कुमार गोयल ने नायर, इसरो के तत्कालीन निदेशक ए भास्कर नारायण राव, एंट्रिक्स के तत्कालीन कार्यकारी निदेशक के आर श्रीधर मूर्ति, अंतरिक्ष विभाग में अतिरिक्त सचिव रहीं वीणा एस राव और अन्य को 23 दिसंबर को यहां अदालत में पेश होने के निर्देश दिए.

अदालत ने इस मामले में सीबीआई के आरोप-पत्र का संज्ञान लेने के बाद इस संबंध में आदेश दिया. सीबीआई ने पहले अदालत को बताया था कि पूर्व लोक सेवकों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी संबंधित अधिकारियों से ली जा चुकी है.

जांच एजेंसी ने 16 मार्च 2015 को नायर एवं अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज़ की थी और उन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने इसरो की वाणिज्यिक शाखा एंट्रिक्स से निजी मल्टी-मीडिया कंपनी देवास को गलत तरीके से 578 करोड़ रुपए का फायदा कराया.

सीबीआई ने पिछले साल 11 अगस्त को आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था. एजेंसी ने उन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग कर सरकारी खजाने को 578 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया.

ये मामला एंट्रिक्स की ओर से एस-बैंड (वाहनों और मोबाइल फोनों में मोबाइल रिसीवरों को वीडियो, मल्टी-मीडिया और सूचना सेवाएं मुहैया कराने के लिए 'इनसैट' उपग्रहों के सीमित तरंगदैर्घ्य) देवास मल्टी-मीडिया को लीज पर देने से जुड़ा है.
First published: September 16, 2017
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