लाइव टीवी

नागरिकता विधेयक संविधान की आत्मा पर हमला, शिवसेना रुख बदले तो स्वागत है: कांग्रेस

भाषा
Updated: December 10, 2019, 8:53 PM IST
नागरिकता विधेयक संविधान की आत्मा पर हमला, शिवसेना रुख बदले तो स्वागत है: कांग्रेस
राहुल गांधी ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक संविधान पर हमला है

कांग्रेस पार्टी (Congress Party) के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने कहा, नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) भारत की आत्मा पर हमला है. 72 साल पहले अंग्रेजों, सावरकर और जिन्ना की सोच एवं रवैये के चलते भारत का विभाजन हुआ.

  • Share this:
नई दिल्ली. कांग्रेस (Congress) ने लोकसभा (Loksabha) में नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) पारित होने के बाद मंगलवार को सरकार पर ‘‘कट्टरता’’ का आरोप लगाया और दावा किया कि यह विधेयक संविधान की आत्मा पर हमला है और इसका समर्थन करना भारत की बुनियाद को नष्ट करने का प्रयास होगा. मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि अगर शिवसेना राज्यसभा में इस विधेयक पर अपने रुख में बदलाव करती है तो उसका स्वागत है.

पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ट्वीट कर कहा, ‘‘नागरिकता संशोधन विधेयक संविधान पर हमला है. जो कोई भी इसका समर्थन करता है वो हमारे देश की बुनियाद पर हमला और इसे नष्ट करने का प्रयास कर रहा है.’’

प्रियंका गांधी ने किया ये ट्वीट
पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने दावा किया बीती रात लोकसभा (Loksabha) में नागरिकता संशोधन विधेयक पारित होने के साथ देश में कट्टरता एवं संकुचित विचारों वाले अलगाव के प्रयासों की पुष्टि हुई है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ हमारे पूर्वजों ने हमारी स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण दिये. उस स्वतत्रंता में समता का अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार निहित है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारा संविधान, हमारी नागरिकता, एक मजबूत एवं एकजुट भारत के हमारे सपने हम सभी से जुड़े हुए हैं.’’ कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘हम सरकार के उस एजेंडे के खिलाफ लड़ेंगे जो हमारे संविधान को सुनियोजित ढंग से खत्म कर रहा है तथा उस बुनियाद को खोखला कर रहा है जिस पर हमारे देश की नींव पड़ी.’’

सुरजेवाला ने कहा- ये भारत की आत्मा पर हमला 
कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘‘नागरिकता संशोधन विधेयक भारत की आत्मा पर हमला है. 72 साल पहले अंग्रेजों, सावरकर और जिन्ना की सोच एवं रवैये के चलते भारत का विभाजन हुआ. उसी विचार से जुड़े लोग एक बार फिर से हमारे बुनियादी मूल्यों का बंटवारा करने के प्रयास में हैं.

पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह (विधेयक) पूरी तरह असंवैधानिक है इसको ध्यान में रखकर अगर शिवसेना राज्यसभा में अपने रुख में बदलाव करती है तो हम इसका स्वागत करेंगे. देश की सभी राष्ट्रवादी शक्तियां भी इसका स्वागत करेंगी.’’ उन्होंने कहा कि अलग परिस्थिति में दोनों दल महाराष्ट्र में साथ आए हैं, लेकिन उनकी विचारधारा अलग अलग है.सवालों के जवाब मिलने तक समर्थन नहीं- शिवसेना
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने मंगलवार को कहा कि शिवसेना राज्यसभा में तब तक नागरिकता (संशोधन) विधेयक का समर्थन नहीं करेगी, जब तक कि पार्टी द्वारा लोकसभा में उठाए गए सवालों का जवाब नहीं मिल जाता.

शिवसेना ने सोमवार को निचले सदन में विधेयक का समर्थन किया था.

गौरतलब है कि लोकसभा ने सोमवार रात नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी जिसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने का पात्र बनाने का प्रावधान है.



ये भी पढ़ें-
CAB के समर्थन में उतरे अदनान सामी ने पाकिस्‍तान को लताड़ा, दिया करारा जवाब

राज्यसभा में आसानी से पास हो जाएगा सिटिजनशिप बिल, ये है पूरा गणित

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 10, 2019, 8:32 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर