तुष्टिकरण की राजनीति ने बड़ी संख्‍या में बंगाल के लोगों को सेकेंड क्लास सिटिजन बना दिया: अमित शाह

अमित शाह पश्चिम बंगाल में 200 सीटें जीतने का दावा करते रहे हैं.  (फाइल फोटो)

अमित शाह पश्चिम बंगाल में 200 सीटें जीतने का दावा करते रहे हैं. (फाइल फोटो)

राज्य की 294 में से 200 सीटें जीतने का दावा एक बार फिर करते हुए अमित शाह (Amit Shah) ने कहा है, 'ऐसे लोगों की आशांए बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जुड़ी हुई हैं, ये बीजेपी की जिम्मेदारी है कि वो राज्य में बेहतर प्रदर्शन करे.' न्यूज़18 के साथ खास बातचीत (Exclusive Interview) में अमित शाह ने पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर राय रखी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2021, 6:53 PM IST
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कोलकाता. देश के गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने सीएनएन-न्यूज़18 से एक्सक्लूसिव बातचीत (Exclusive Interview) में कहा है कि पश्चिम बंगाल में तुष्टिकरण की नीतियों के कारण बड़ी संख्या में लोगों को लगने लगा है कि वो दूसरे दर्जे के नागरिक हैं. शाह का मानना है कि ऐसे लोगों को बीजेपी में आशा की किरण दिखाई देती है. उन्होंने ममता राज में वोट बैंक पॉलिटिक्स, चुनावी हिंसा और घुसपैठ की तरफ इशारा करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को दबाया गया और उनके साथ अन्याय हुआ है.

राज्य की 294 में से 200 सीटें जीतने का दावा एक बार फिर करते हुए अमित शाह ने कहा, 'ऐसे लोगों की आशांए बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जुड़ी हुई हैं, ये बीजेपी की जिम्मेदारी है कि वो राज्य में बेहतर प्रदर्शन करे.'

'ध्रुवीकरण की राजनीति के कारण नंदीग्राम से हारेंगी ममता बनर्जी'

हाल के दिनों में बीजेपी लगातार कहती रही है कि ममता बनर्जी नंदीग्राम से अपना चुनाव भी हारेंगी. तो जब अमित शाह से पूछा गया कि ममता बनर्जी की हार की सबसे बड़ी वजह क्या होगी तो उन्होंने कहा कि ध्रुवीकरण की राजनीति. शाह ने कट मनी (भ्रष्टाचार) या सत्ता विरोधी लहर जैसी बातों का जिक्र नहीं किया.
अमित शाह ने नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने के लिए भी तृणमूल कांग्रेस की आलोचना की है. उनका कहना है कि ऐसा तुष्टिकरण की राजनीति के तहत किया गया है.

सरकार बनते ही सीएए लागू करेगी बीजेपी, मतुआ समुदाय को लाभ मिलने की उम्मीद

बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में सरकार बनने पर सीएए लागू करने का घोषणा की है. कहा जा रहा है कि बीजेपी के इस कदम से राज्य के दलित मतुआ समुदाय को मदद मिलेगी जो बांग्लादेश से आया है. ऐसा माना जा रहा है कि मतुआ समुदाय में बड़ी संख्या में लोग बीजेपी को सपोर्ट कर रहे हैं.



मुख्य मुद्दों पर फेल रहा है तृणमूल कांग्रेस का शासन

इंटरव्यू के दौरान अमित शाह ने तृणमूल शासन के मुख्य मुद्दों पर फेल रहने को लेकर भी आलोचना की. उनका कहना है - हर आदमी इन अन्याय से मुक्त होना चाहता है. उन्होंने कहा, 'राज्य सरकार ने केंद्र की पीएम किसान योजना राज्य के किसानों तक नहीं पहुंचने दी जिससे 6000 रुपये प्रति वर्ष आर्थिक मदद हो सकती थी. इसके अलावा आयुष्मान भारत स्कीम के जरिए गरीबों को मदद मिल सकती थी.'

'महिलाओं का सपोर्ट बनेगा बीजेपी के जीत की सबसे बड़ी वजह'

ममता बनर्जी को राज्य में महिलाओं का बड़ा समर्थन मिलने की बात पर अमित शाह ने कहा, 'बीजेपी की जीत के पीछे महिलाओं के वोट का सबसे बड़ा हाथ होगा./ शाह ने कहा, 'जब भी कहीं हिंसा होती है या गरीबी का प्रभाव होता है, वहां सबसे ज्यादा महिलाएं ही प्रभावित होती हैं.' उन्होंने जोर देकर कहा, 'बीजेपी की अगुआई वाली केंद्र सरकार ने योजनाएं चलाकर महिलाओं के लिए गैस सिलेंडर, बिजली और टॉयलेट्स की व्यवस्था करवाई है.'

'याद किया कैसे शुरू किया नक्सलबाड़ी में सदस्यता अभियान'

इस दौरान अमित शाह ने राज्य में 2017 से 2021 तक की पार्टी की यात्रा भी याद की है. उन्होंने याद किया कि कैसे पार्टी अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने नक्सलबाड़ी इलाके में बीजेपी का सदस्यता अभियान शुरू किया था जिससे संगठन मजबूत हो सके. वो कहते हैं, 'आज मैं खुश हूं कि पार्टी एक मजबूत स्थिति में है. ये हमारे कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत का नतीजा है.' उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत लोकप्रिय हैं.

लोगों ने ममता को बदलाव के लिए चुनाव था लेकिन वो नहीं हुआ

अमित शाह कहते हैं, '2011 में लोगों ने टीएमसी के 34 वर्षों के शासन का अंत कर ममता बनर्जी को चुना था लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.' उन्होंने कहा, 'यहां तक कि 2016 में लोग टीएमसी से गुस्सा थे लेकिन तब हमारे पास पूरे संसाधन नहीं थे, पूरे पश्चिम बंगाल में पैठ नहीं थी. एक पार्टी की विचारधारा लोगों तक पहुंचाने के लिए इन सब चीजों की जरूरत होती है.'

2019 की जीत का जिक्र कर 2021 में जीत का जताया भरोसा

वो 2019 में बीजेपी की सफलता पर जोर देते हुए कहते हैं, 'हमने लोकसभा चुनाव में 42 में 18 सीटें जीतीं. इसी को आधार बनाते हुए वो एक बार फिर 2021 में भी पार्टी की बड़ी जीत का दावा कर रहे हैं.'

चुनावी हिंसा पर ये दिया जवाब

पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा पर अमित शाह ने कहा, 'आपको ममता बनर्जी, कम्युनिस्टों और कांग्रेस से हिंसा की संस्कृति के बारे में पूछना चाहिए क्योंकि इन्हीं पार्टियों का राज्य में शासन रहा है. हम लोग कभी यहां सत्ता में नहीं रहे.' उन्होंने पूछा आखिर ये पार्टियां हिंसा के दम पर क्या छुपाना चाहती थीं.

अर्धसैनिक बलों पर आरोप को लेकर क्या बोले शाह

टीएमसी लगातार आरोप लगाती रही है कि राज्य में मौजूद अर्धसैनिक बल गृह मंत्रालय के निर्देशों पर काम कर रहे हैं. विशेष रूप से सीतलकूची हिंसा के मामले में. इस पर अमित शाह कहते हैं, 'मुझे दुख है कि ये लोग मूलभूत बातें भी नहीं समझते.'

दूसरी पार्टी के नेताओं के शामिल होने से बीजेपी की विचारधारा नहीं बदलती

शुभेंदु अधिकारी, राजीब बनर्जी सहित कई दिग्गज टीएमसी नेताओं के बीजेपी में शामिल होने पर अमित शाह का कहना है कि पूरे देश में दूसरी पार्टियों के नेता बीजेपी में शामिल होते रहे हैं लेकिन इससे हमारी विचारधारा, संस्कृति, वर्किंग स्टाइल नहीं बदलती.
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