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48 घंटे से कम समय में 3 लोगों की हत्‍या से डरे कश्‍मीर के सेब कारोबारी छोड़ रहे घाटी

News18Hindi
Updated: October 17, 2019, 7:06 PM IST
48 घंटे से कम समय में 3 लोगों की हत्‍या से डरे कश्‍मीर के सेब कारोबारी छोड़ रहे घाटी
आतंकी देश के दूसरे राज्‍यों से कश्‍मीर घाटी आए व्यापारियों को निशाना बनाकर शांति-व्यवस्था भंग करने की कोशिश कर रहे हैं.

जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu-Kashmir) के शोपियां (Shopian) में राजस्‍थान (Rajasthan) के एक ट्रक ड्राइवर की दो संदिग्‍ध आतंकियों (Terrorists) ने गोली मारकर हत्‍या कर दी. इसके 48 घंटे के भीतर आतंकियों ने दो और आम लोगों की कश्‍मीर घाटी (Kashmir Valley) में हत्‍या कर दी. इससे घाटी के सेब कारोबारियों (Apple Traders) में फिर से डर और तनाव का माहौल बन गया है. दूसरे राज्यों से आने वाले दर्जनों ट्रक ड्राइवर (Truck Drivers) सेना की चौकियों (Army Garrison) के नजदीक अपनी गाड़ियां खड़ी कर रुक गए हैं.

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  • Last Updated: October 17, 2019, 7:06 PM IST
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आकाश हसन

शोपियां. पंजाब (Punjab) में अमृतसर (Amritsar) के एक छोटे से गांव गगोमल के कुलवंत सिंह दो दशक से कश्‍मीर (Kashmir) आते-जाते रहे हैं. उन्‍हें हर साल अक्‍टूबर का बेसब्री से इंतजार रहता है. इस समय कश्‍मीर घाटी (Kashmir Valley) में सेब का मौसम अपने चरम पर होता है. इस दौरान यहां से सेब उठाने वाले लोगों को मुनाफा भी ज्‍यादा होता है. कुलवंत सिंह ने कहा कि मैं हर साल सितंबर से दिसंबर तक कश्‍मीर के चक्‍कर लगाता हूं. इस बीच मैं कश्‍मीर से सेब उठाकर देश के अलग-अलग शहरों तक पहुंचाता हूं. इस साल ये सबसे ज्‍यादा मुनाफे वाला समय सेब कारोबारियों (Apple traders) के लिए बुरे सपने (Nightmare) जैसा हो गया है. बता दें कि आतंकी देश के दूसरे राज्‍यों से घाटी आए व्यापारियों को निशाना बनाकर शांति-व्यवस्था भंग करने की कोशिश कर रहे हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसके पीछे घाटी में व्यापार ठप करने की साजिश है.

हत्‍याओं से सेब कारोबारियों में डर और तनाव का माहौल
कुलवंत सिंह और उनके जैसे दर्जनों ड्राइवरों (Truck Drivers) ने सेब की खेप नहीं मिलने के कारण अपने ट्रक शोपियां (Shopian) के हवाल इलाके में सेना की चौकियों (Army Garrison) के पास खड़े कर दिए हैं. जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu-Kashmir) को विशेष संवैधानिक दर्जा देने वाले अनुच्‍छेद 370 (Article 370) को हटाने के बाद दुनिया के बड़े सेब उत्‍पादकों में एक कश्‍मीर का देश के बाकी हिस्‍सों और दुनिया से ट्रांसपोर्ट लिंक टूट गया. इससे कश्‍मीर का सेब कारोबार प्रभावित हुआ. शोपियां में राजस्‍थान (Rajasthan) के एक ट्रक ड्राइवर की दो संदिग्‍ध आतंकियों (Terrorists) ने गोली मारकर हत्‍या कर दी. इसके 48 घंटे के भीतर आतंकियों ने दो अन्‍य लोगों की कश्‍मीर घाटी में हत्‍या कर दी. इससे घाटी के सेब कारोबारियों (Apple Traders) में फिर से डर और तनाव का माहौल बन गया है.

दूसरे राज्यों से कश्‍मीर आने वाले ट्रक ड्राइवर सेब की खेप उठाए बिना ही घाटी से वापस जा रहे हैं.


ड्राइवर को गोली मारने के बाद ट्रक में लगा दी आग
दूसरे राज्यों से कश्‍मीर आने वाले ट्रक ड्राइवर (Truck Drivers) सेब की खेप उठाए बिना ही घाटी से वापस जा रहे हैं. दरअसल, सोमवार रात दो नकाबपोश हमलावरों ने शकील अहमद के घर पर ट्रक में सेब लाद रहे राजस्‍थान के कारोबारी पर हमला कर दिया. इसके बाद उन्‍होंने राजस्‍थान के ही ट्रक ड्राइवर शरीफ खान को गांव से बाहर शोपियां-श्रीनगर मार्ग की ओर ले जाकर गोली मार दी. इसके बाद ट्रक को आग लगा दी. इसके बाद आतंकियों ने बुधवार को शोपियां में पंजाब के एक सेब व्यापारी और पुलवामा (Pulwama) में ईंट भट्टा में काम करने वाले छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के मजदूर सेठी कुमार सागर की हत्या कर दी. डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि बुधवार को ईंट भट्टा में काम करने वाले छत्तीसगढ़ के मजदूर की उस वक्त हत्या कर दी गई जब वह एक दूसरे व्‍यक्ति के साथ सड़क पर टहल रहे थे. इस दौरान दो आतंकियों ने उन्हें घेरकर गोलियों से छलनी कर दिया. यह हमला पुलवामा में काकापोरा रेलवे स्टेशन के पास हुआ था.
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शोपियां फल मंडी का कारोबार दूसरे राज्‍यों के ट्रांसपोर्टर्स पर निर्भर है. अब दूसरे राज्‍यों के लोग पहले से भी ज्‍यादा डर गए हैं.


सेब के मौसम में मंडी को होती है 8,000 ट्रक की जरूरत
कश्‍मीर में ये तीनों आतंकी घटनाएं पोस्‍टपेड मोबाइल कनेक्‍शन सेवा फिर से शुरू करने के कुछ घंटों में ही हो गईं. बता दें कि देश के बाकी हिस्‍सों से काम के लिए कश्‍मीर पहुंचे लोग 5 अगस्‍त के बाद अपने-अपने घर लौट गए थे. अब इन घटनाओं के बाद कश्‍मीर लौटने का मन बना रहे लोगों ने योजना टाल दी है. शोपियां फल मंडी के अध्‍यक्ष अशरफ वानी ने कहा कि हमारा कारोबार दूसरे राज्‍यों के ट्रांसपोर्टर्स पर निर्भर है. लेकिन, अब दूसरे राज्‍यों के लोग पहले से भी ज्‍यादा डर गए हैं. शोपियां सेब बाजार के पास अपने 215 ट्रक हैं. पीक सीजन में हमें 8,000 ट्रकों की जरूरत पड़ती है. अगर सेब नहीं उठाए गए तो सड़ जाएंगे. कुलवंत सिंह के गांव से ही करीब 100 ट्रक कश्‍मीर आते हैं.

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First published: October 17, 2019, 6:26 PM IST
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