चीन ने लद्दाख के इस इलाके को बताया अपना, भारतीय सैनिकों से हुई धक्का-मुक्की

भाषा
Updated: September 13, 2019, 6:33 AM IST
चीन ने लद्दाख के इस इलाके को बताया अपना, भारतीय सैनिकों से हुई धक्का-मुक्की
पूर्वी लद्दाख इलाके के पेगोंग झील इलाके को लेकर भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच गतिरोध हुआ (News18 क्रिएटिव)

चीन (China) ने गुरुवार को दावा किया कि पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) का ‘पेंगोंग झील इलाका’ (Pangong Lake Area) पूरी तरह से उसके भूभाग में पड़ता है और यह उसके प्रभावी ‘अधिकार क्षेत्र’ में है.

  • भाषा
  • Last Updated: September 13, 2019, 6:33 AM IST
  • Share this:
बीजिंग. चीन (China) ने गुरुवार को दावा किया कि पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) का ‘‘पेंगोंग झील इलाका’’ (Pangong Lake Area) पूरी तरह से उसके भूभाग में पड़ता है और यह उसके प्रभावी ‘अधिकार क्षेत्र’ में है. दरअसल, इस इलाके में भारतीय और चीनी सैनिकों (Indian and Chinese Soldiers) के बीच एक बार फिर से गतिरोध (Standoff) हो गया.

नई दिल्ली (News Delhi) में भारतीय सैन्य सूत्रों ने बताया कि झील के तट पर बुधवार को भारत और चीन के सैनिकों के बीच धक्का-मुक्की हुई थी. लेकिन इस विषय को बातचीत के जरिए सुलझा लिया गया है. पूर्वी लद्दाख में स्थित इस झील के दो तिहाई हिस्से पर चीन का कब्जा है.

भारतीय सैनिकों की गश्त पर चीनी सैनिकों ने जताई थी आपत्ति
सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि इलाके में भारतीय सैनिकों की गश्त (Patrolling) पर चीन के सैनिकों ने आपत्ति जताई थी लेकिन भारतीय सैनिकों ने उनकी आपत्तियों पर ध्यान नहीं दिया और दोनों ओर के सैनिकों के बीच धक्का-मुक्की हुई.

घटना के बाद दोनों पक्षों ने और सहायता बुला ली. हालांकि, दोनों पक्षों के बीच प्रतिनिधि स्तर की बातचीत के बाद इस विवाद का हल निकल गया. एक अधिकारी ने बताया कि इस तरह की घटनाओं के समाधान के लिए एक तय प्रक्रिया है.

चीन ने बाद में दिया लिखित में जवाब
इस घटना पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय ने मीडिया के सवालों के एक लिखित जवाब में कहा, ‘‘कुछ खबरों में जिक्र किया गया यह इलाका पूरी तरह से चीन में पड़ता है और बीजिंग (Beijing) प्रभावी अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करता रहा है.’’
Loading...

जवाब में कहा गया है, ‘‘चीन के सीमा सैनिकों ने हमेशा ही संबंधित समझौतों तथा चीन एवं भारत के बीच सहमतियों का सख्ती से पालन किया है तथा चीनी भूभाग पर नियमित रूप से गश्त लगाई है.’’

चीन ने लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश बनाने पर जताई थी आपत्ति
जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 (Article-370) के ज्यादातर प्रावधानों को भारत के रद्द करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांटने के फैसले के बाद दोनों देशों के सैनिकों के बीच यह गतिरोध हुआ.

चीन ने लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि इसने इसकी क्षेत्रीय संप्रभुता को कमजोर किया है.

भारत ने चीन के बयान पर व्यक्त की थी तीखी प्रतिक्रिया
इस बयान पर नयी दिल्ली ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और बीजिंग से भारत के अंदरूनी मामलों पर टिप्पणी करने से बचने को कहा. बुधवार के गतिरोध के बाद भारतीय सैन्य सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच हुआ विवाद गुरुवार को प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के बाद सुलझ गया.

भारतीय थल सेना के सूत्रों ने बताया कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के बारे में दोनों देशों के अलग-अलग नजरिये को लेकर यह घटना हुई. एक अधिकारी ने कहा, ‘‘इस तरह की घटनाओं को सुलझाने के लिए निर्धारित तंत्र हैं. ’’

अगले महीने चीनी राष्ट्रपति आएंगे भारत
हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब पेंगोंग झील इलाके में दोनों देशों के सैनिकों के बीच गतिरोध हुआ है. अगस्त 2017 में दोनों पक्षों के सैनिकों के बीच एक बड़ा गतिरोध हुआ था. तब दोनों देशों के सैनिकों के बीच हाथापाई हुई थी और पथराव भी किये गये थे.

भारत और चीन के बीच तनाव की ये खबरें ऐसे वक्त में आई हैं, जब दोनों देश चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) की अगले महीने एक अनौपचारिक शिखर बैठक के लिए उनकी भारत की संभावित यात्रा की तैयारियों में जुटे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल में वुहान में शी से मुलाकात की थी.

NSA अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच चल रही बातचीत
भारत और चीन सीमा मुद्दे का हल करने के लिए फिलहाल 22वें दौर की विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता के लिए बातचीत कर रहे हैं. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि नयी दिल्ली में होने वाली बैठक की तारीखों पर विचार किया जा रहा है.

वार्ता के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (Ajit Doval) और चीनी विदेश मंत्री वांग यी अपने-अपने देशों के विशेष प्रतिनिधि हैं. भारत और चीन के बीच एलएसी की 3,488 किमी लंबी सीमा है. चीन अरूणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताते हुए उस पर दावा करता रहा है जबकि भारत उसके इस दावे का विरोध करता रहा है.

यह भी पढ़ें: चीन करेगा तोरखम सीमा के पास शीत भंडार गृह और अस्पताल का निर्माण

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 13, 2019, 6:32 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...