पटाखों पर बैन लगाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, क्या कार से प्रदूषण नहीं होता?

पटाखों पर बैन लगाने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए बैंच ने पूछा, "हर कोई पटाखों पर बैन क्यों चाहता है जबकि ऑटोमोबाइल्स से अधिक प्रदूषण होता है?"

Utkarsh Anand | News18Hindi
Updated: March 12, 2019, 4:13 PM IST
पटाखों पर बैन लगाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, क्या कार से प्रदूषण नहीं होता?
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
Utkarsh Anand | News18Hindi
Updated: March 12, 2019, 4:13 PM IST
पटाखों पर बैन लगाने की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हर कोई पटाखों पर बैन क्यों लगाना चाहता है जबकि सड़क पर दौड़ रहे वाहनों से सबसे ज्यादा प्रदूषण होता है. जस्टिस एसए बोब्डे की अध्यक्षता वाली बेंच ने पाया कि केवल पटाखों को प्रदूषण की वजह मानना सही नहीं है जबकि ऑटोमोबाइल से प्रदूषण का अधिक खतरा है.

पटाखों पर बैन लगाने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूछा, "हर कोई पटाखों पर बैन क्यों चाहता है जबकि ऑटोमोबाइल्स से अधिक प्रदूषण होता है?"

कोर्ट ने इस बात को भी नोट किया कि 'ग्रीन पटाखों' के निर्माण पर अनिश्चितता की स्थिति के चलते हजारों लोगों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ा. 'ग्रीन पटाखों' के कंपोजिशन और फॉर्मूला अभी तक तय नहीं हुआ है. कोर्ट ने कहा, "पटाखा इंडस्ट्री में काम करने वाले लोगों के रोजगार का क्या होगा? अगर कोर्ट पटाखों के निर्माण पर रोक लगा देती है तो इसके उत्पादन और मार्केटिंग से जुड़े लोग बेरोजगार हो जाएंगे. हम लोगों को तब तक बेरोजगार नहीं रख सकते जबतक कि उन्हें परिवार चलाना पड़ता है."

कोर्ट ने कहा, "आखिर आप बेरोजगारी तो पैदा नहीं कर सकते हैं. लोगों को अचानक बेरोजगार नहीं किया जा सकता. इससे निपटने का रास्ता ढूढ़िए. जबतक कि यह कानूनी पेशा है आप लाइसेंस कैसे रद्द कर सकते हैं? लाइसेंस की शर्तों को बदलने के लिए दूसरे रास्ते हो सकते हैं."

गौरतलब है कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश में पटाखे जलाने पर बैन लगा दिया था. कोर्ट ने दिवाली और दूसरे त्याेहारों पर पटाखे जलाने का वक्त तय कर दिया था. इसके साथ ही कोर्ट ने पटाखों के निर्माण और इसकी बिक्री को लेकर भी कुछ नियम तय किए थे. कोर्ट ने साफ किया था कि केवल 'ग्रीन पटाखों' का ही निर्माण किया जा सकेगा.

ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिका की खारिज

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 12, 2019, 3:29 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...