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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य समानता और समावेश सुनिश्चित करना है- अर्जुन मुंडा

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा शिक्षा मंत्रालय और यूजीसी द्वारा आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए.

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा शिक्षा मंत्रालय और यूजीसी द्वारा आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए.

Ministry of Education और University Grants Commission द्वारा एक वेबिनार आयोजित किया गया, जिसको संबोधित करते हुए Union Tribal Affairs Minister अर्जुन मुंडा कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य समानता और समावेश सुनिश्चित करना है.

  • News18Hindi
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    नई दिल्‍ली. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य समानता और समावेश सुनिश्चित करना है, जिससे आदिवासी समाज की शिक्षा को एक राष्ट्रीय स्वरूप दिया गया है और यह सुशासन का एक सच्चा घोषणा पत्र है. यह बात केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने शिक्षा मंत्रालय और विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा आयोजित एक वेबिनार में  कही, जिसका विषय ‘समावेशी शासन प्रणाली सुनिश्चित करना: प्रत्येक व्यक्ति को महत्वपूर्ण बनाना’ था. इस मौके पर उच्च शिक्षा सचिव, अमित खरे, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष, डी.पी. सिंह, संयुक्त सचिव, उच्च शिक्षा, नीता प्रसाद और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

    इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) योजना समावेशी शिक्षा के प्रति प्रधानमंत्री के दूरदर्शी दृष्टिकोण को प्रदर्शित करती हैं. उन्होंने कहा कि ईएमआरएस आदिवासी क्षेत्रों में दूर दराज की आबादी के लिए शिक्षा की पहुंच प्रदान करता है. उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया, समग्र शिक्षा जैसे कार्यक्रम आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद कर रहे हैं. अर्जुन मुंडा ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना के साथ स्वशासन के महत्व पर बल दिया. प्रधानमंत्री ने हमें इन आदर्शों को प्राप्त करने में लोगों की भागीदारी पर ध्यान देने के साथ यह मंत्र दिया है, जो एक सच्चे लोकतंत्र का आधार है.

    इस अवसर पर अमित खरे ने विद्यार्थियों को हो रही भाषा संबंधी समस्याओं पर बल दिया. उन्होंने हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि कोई भी विद्यार्थी पीछे न रहे. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-यूजीसी के अध्यक्ष डी.पी. सिंह ने अपने उद्घाटन भाषण में लोकतंत्र की धुरी के रूप में स्थिति और अवसर की समानता के संवैधानिक आदर्शों को दोहराया. तकनीकी सत्र की अध्यक्षता भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, सोनीपत की पूर्व कुलपति प्रो. सुषमा यादव ने की. इसके अलावा इस मौके पर सदस्य-यूजीसी प्रो. एम.एम. सालुंखे, भारती विद्यापीठ, पुणे के कुलपति, प्रो. एच.सी.एस. राठौर, पूर्व कुलपति, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रो. भीमराय मेत्री और निदेशक आईआईएम नागपुर ने तकनीकी सत्र को संबोधित किया.

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