नवंबर में नेपाल का दौरा करेंगे सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे, राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी करेंगी सम्मान

फरवरी में होने वाले इस दौरे को कोरोना वायरस के चलते टाल दिया गया था. (फोटो: ANI/Twitter)
फरवरी में होने वाले इस दौरे को कोरोना वायरस के चलते टाल दिया गया था. (फोटो: ANI/Twitter)

आर्मी प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के नेपाल दौरे को कोरोनावायरस के कारण टाल दिया था. नेपाल सरकार ने पहले इस दौरे को फरवरी में मंजूरी दी थी. नरवणे ने आज सीडीएस जनरल विपिन रावत के साथ युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 27, 2020, 6:40 PM IST
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नई दिल्ली. भारत के पड़ोसी नेपाल के साथ नक्शे को लेकर चल रहे विवाद के बीच सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (Indian Army Chief General Manoj Mukund Naravane) के नेपाल दौरे की खबर है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सेना प्रमुख 4-6 नवंबर के बीच नेपाल का दौरा करेंगे. खास बात है कि इस दौरे पर राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी (President Bidya Devi Bhandari) 'नेपाली आर्मी के जनरल' (General of the Nepal Army) के तौर पर उनका सम्मान करेंगी. हालांकि, नरवणे के इस दौरे की घोषणा नेपाली सेना ने पहले ही कर दी थी.

कोरोनावायरस के कारण टल गया था कार्यक्रम
नेपाल और भारतीय सेना के बीच अच्छे संबंध कायम हैं और नेपाल के गोरखा नागरिक बड़ी संख्या में भारतीय सेना का हिस्सा हैं. उम्मीद की जा रही है कि नरवणे इस दौरान अपने समकक्ष जनलर पूर्ण चंद्र थापा (General Purna Chandra Thapa) से मुलाकात करेंगे. पहले जारी किए एक स्टेटमेंट में नेपाल आर्मी के प्रवक्ता ने बताया था कि नेपाल सरकार ने पहले नरवणे के दौरे को 3 फरवरी को मंजूरी दी थी, लेकिन कोरोनावायरस के चलते इस कार्यक्रम को टाल दिया गया था.

मई में नेपाल के एक नए राजनीतिक नक्शा जारी किए जाने के बाद काठमांडू (Kathmandu) के लिए इसे भारत की ओर से पहला उच्च स्तरीय दौरा माना जा रहा है. नेपाल की तरफ से जारी किए गए नक्शों में उत्तराखंड के कुछ इलाकों ने नेपाल ने अपना बताया था. इस दौरे पर आर्मी प्रमुख 1800 किमी लंबी सीमा को संभालने समेत कई मुद्दों पर बात कर सकते हैं.
सीडीएस बिपिन रावत के साथ शहीदों को दी श्रद्धांजलि


मंगलवार को इंफैंट्री डे (Infantry day) के मौके पर नरवणे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल विपिन रावत (Chief of Defense Staf General Bipin Rawat) के साथ युद्ध स्मारक पर पहुंचे. यहां दोनों अधिकारियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी. इंफैंट्री दिवस को भारतीय सेना की पहली कार्रवाई के रूप में देखा जाता है.
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