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  • ARMY CHIEF MM NARAVANE SAID THE SITUATION IN JAMMU AND KASHMIR IS NORMAL WHICH IS THE RESPONSIBILITY OF PAKISTAN TO ENSURE

भारत के साथ दूरियां कम करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान की, बॉर्डर पर आतंकी ढांचे मौजूद: आर्मी चीफ

सेना अध्‍यक्ष जनरल एमएम नरवणे ने कहा, घाटी में संघर्ष विराम समझौते के बाद से शांति बनी हुई है.(फाइल फोटो)

जनरल एमएम नरवणे (MM Naravane) ने एक बार फिर यह दोहराते हुए कहा कि भारत एलओसी (Line of Control) पर तब तक संघर्ष विराम (Ceasefire) जारी रखेगा, जब तक पाकिस्‍तान (Pakistan) इस पर अमल करता रखेगा. उन्‍होंने कहा कि संघर्ष विराम को जारी रखने की जिम्‍मेदारी पूरी तरह से पाकिस्‍तान पर निर्भर है.

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    श्रीनगर. भारत (India) और पाकिस्‍तान (Pakistan) के बीच नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम समझौते (Ceasefire Agreement) के 100 दिन पूरे होने पर सेना अध्‍यक्ष जनरल एमएम नरवणे (MM Naravane) ने कहा, जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu and Kashmir) में हालात फिलहाल सामान्‍य होते दिखाई पड़ रहे हैं. इसे आगे भी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर है. उन्‍होंने इशारों ही इशारों में कहा कि अगर स्थिति इसी तरह आगे भी कायम रहती है तो जम्‍मू-कश्‍मीर में सैनिकों की कमी संभव है.

    घाटी में सुरक्षा व्‍यवस्‍था का जायजा लेने के लिए पहुंचे सेना अध्यक्ष एमएम नरवणे ने दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, मुझे सभी कमांडरों द्वारा एलओसी और भीतरी इलाकों की स्थिति की जानकारी दी गई है. जिसे जानने के बाद हम ये कह सकते हैं कि स्थिति में पहले से काफी सुधार हो रहा है. उन्‍होंने कहा कि घाटी में आतंकी घटनाओं में काफी कमी देखने को मिल रही है. इसके साथ ही पथराव और आईईडी का शायद ही कोई मामला सामने आया हो. ये सभी सामान्‍य स्थिति की ओर लौटने के संकेत हैं. ये सभी संकेत हैं कि यहां की आवाम भी घाटी में शांति चाहती है.

    जनरल एमएम नरवणे ने एक बार फिर यह दोहराते हुए कहा कि भारत एलओसी पर तब तक संघर्ष विराम जारी रखेगा, जब तक पाकिस्‍तान इस पर अमल करता रखेगा. उन्‍होंने कहा कि संघर्ष विराम को जारी रखने की जिम्‍मेदारी पूरी तरह से पाकिस्‍तान पर निर्भर है. जब तक वे ऐसा करते हैं, हम युद्धविराम का पालन करने को तैयार हैं. उन्‍होंने कहा कि हमें इस बात की पूरी जानकारी है कि नियंत्रण रेखा के दूसरी तरफ आतंकी गतिविधियां जारी हैं. उन्‍होंने कहा कि पड़ोसी मुल्‍क में आतंकी गतिविधि को देखते हुए हम पूरी तरह से सतर्क हैं और किसी भी मोर्चे पर ढिलाई नहीं कर सकते हैं.

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    उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और भारत के बीच दशकों से अविश्वास का माहौल है और इस स्थिति को रातोंरात नहीं बदला जा सकता. हालाँकि, यदि वे संघर्ष विराम का अक्षरश: पालन करना जारी रखते हैं और आतंकियों को भारत में घुसपैठ करने से रोकते हैं और अशांति फैलाने की कोशिश करना बंद कर देते हैं, तो ये सभी कदम निश्चित रूप से दोनों देशों के बीच विश्वास को बढ़ाएंगे.

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    25 फरवरी को दोनों देशों के बीच हुआ था संघर्ष विराम समझौता
    बता दें कि भारत और पाकिस्‍तान के बीच 25 फरवरी को नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम समझौते पर हस्‍ताक्षर किए गए थे. इसके बाद दोनों देशों ने संयुक्‍त बयान जारी करते हुए कहा था, 24/25 फरवरी की मध्यरात्रि से नियंत्रण रेखा और अन्य सभी क्षेत्रों में शांति कायम करने की ओर वह कदम बढ़ाएंगे. फरवरी में संसद में दिए गए एक बयान के मुताबिक साल 2020 में 5133 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया. जबकि साल 2019 में 3479 और 2018 में 2140 बार संघर्ष विराम का उल्‍लंघन किया गया. दोनों देशों के बीच फरवरी में हुए समझौते से पहले जनवरी और फरवरी के बीच 591 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया था.