सेना प्रमुख बोले- पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देने और दर्द महसूस कराने का वक्त

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत (File photo)

पाकिस्तान के साथ वार्ता के सवालों पर सेना प्रमुख ने सरकार का रुख दोहराते हुए कहा कि आतंक और बातचीत एकसाथ नहीं चल सकते.

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    सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने पाक सेना की बीएसएफ जवान के साथ की गई बर्बरता पर शनिवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी है. सेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देने का समय आ गया है. सेना प्रमुख ने कहा, 'आतंकवादियों और पाकिस्तानी सेना की बर्बरताओं का बदला लेने के लिए हमें कठोर कार्रवाई करनी होगी. हां, अब समय आ गया है बिना बर्बरता का सहारा लिए हमें पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देना होगा. लेकिन मुझे लगता है कि उन्हें भी ऐसा ही दर्द महसूस कराना चाहिए.'

    पाकिस्तान के साथ बातचीत के सवालों पर सेना प्रमुख ने सरकार का रुख दोहराते हुए कहा कि आतंक और बातचीत एकसाथ नहीं चल सकते. जनरल रावत ने कहा, 'मुझे लगता है कि हमारी सरकार की नीतियां काफी स्पष्ट और संक्षिप्त रही हैं. हम इस बात पर यकीन रखते हैं कि बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते. आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान को लड़ने की जरूरत है.'

    भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच होने वाली प्रस्तावित बैठक के रद्द होने के एक दिन बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को कहा कि 'शांति वार्ता' के प्रति भारत की 'अहंकारी और नकारात्मक' प्रतिक्रिया से वो निराश हैं.



    इमरान खान ने एक ट्वीट में कहा, ‘शांति वार्ता फिर से शुरू किए जाने के लिए मेरे आह्वान पर भारत के अहंकारी और नकारात्मक रूख से निराश हूं.’ भारत द्वारा बैठक रद्द किये जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, ‘हालांकि मैंने अपने पूरे जीवन देखा है कि छोटे लोग बड़े पदों पर आसीन रहे हैं और उनके पास बड़ी तस्वीर देने का दृष्टिकोण नहीं हैं.’

    राफेल सौदे के विवाद से खुद को दूर करते हुए सेना प्रमुख ने कहा, ' आधुनिक हथियार हर रक्षा बल की प्राथमिक आवश्यकता है. एक सीमा है जब तक हम एक विशेष हथियार का उपयोग कर सकते हैं, और जैसे ही नई टेक्‍‍नोलॉजी आती हैं, हम चाहते हैं कि वो भी हमारे बेड़े में शामिल हों. इसमें देरी ठीक नहीं है इसलिए हथियारों की खरीद जारी है. लेकिन मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि यह हमारी क्षमता को कम कर देता है. ऐसा नहीं है कि हमारे पास कोई विकल्प नहीं है.'

    आतंकवादियों से निपटने के लिए  सशस्त्र बलों को फ्री हैंड नहीं दिया जा रहा है इन आरोपों को भी सेना प्रमुख ने खारिज किया. जनरल रावत ने कहा, 'मैं राजनीतिक मुद्दों पर टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं. लेकिन मैं यह कहना चाहूंगा कि हमें सरकार की तरफ से पूरा सहयोग मिल रहा है. हमें अपने काम करने की पूरी आजादी दी गई है. आप कश्मीर और पूर्वोत्तर में इसका प्रभाव देख सकते हैं.'

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