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लॉकडाउन के चलते बाल रोग विशेषज्ञ उपलब्ध न होने पर सेना के डॉक्टर ने सर्जरी कर बचाई 1 दिन के बच्चे की जान

ब्राजील में 5 महीने की बच्ची एक महीने तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद भी दी कोरोना को मात

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पठानकोट मिलिट्री अस्पताल (Pathankot Military Hospital) के डॉक्टरों ने नवजात शिशु का इमरजेंसी ऑपरेशन (Emergency Hospital) करके उसकी जान बचाई क्योंकि बच्चे को पास में चंडीमंदिर (Chandimandir) की स्वास्थ्य सुविधा तक ले जाने की सुविधा नहीं थी.

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    पठानकोट. पंजाब (Punjab) के पठानकोट (Pathankot) में मिलिट्री अस्पताल (Military Hospital) के डॉक्टरों ने आंतों की एक दुर्लभ जन्मजात विसंगति (rare congenital anomaly of intestines) के साथ पैदा हुए 1 दिन के बच्चे का जटिल ऑपरेशन (Operation) बिना किसी बाल रोग विशेषज्ञ (pediatrician) के कर उसकी जान बचा ली. डॉक्टरों ने ऐसा देश भर मे COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के चलते किया.

    एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा है कि बच्चे को पास के चंडीमंदिर (Chandimandir) इलाके की मेडिकल सुविधा (Medical Facility) तक ले जाना संभव नहीं था, जहां पर आवश्यक विशेषज्ञ मौजूद थे.

    जिस हॉस्पिटल में मौजूद थे विशेषज्ञ, वहां सड़क से पहुंचने में लगते 6 घंटे
    पिछले हफ्ते सीजेरियन सेक्शन (caesarian section) के जरिए पैदा हुए बच्चे में आंतों की जन्मजात विसंगति की एक रेयर बीमारी का शक था. इसके लिए उपयुक्त जांच की गई लेकिन बच्चे की स्थिति नाजुक थी और वह पास के कमांड हॉस्पिटल के बाल चिकित्सा सर्जरी में ट्रांसफर किए जाने की स्थिति में नहीं था. जो कि चंडीमंदिर, पश्चिमी कमांड में है और वहां सड़क से जाने में 6 घंटे लगते हैं.

    हॉस्पिटल का दावा सेना के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा ऑपरेशन
    वहीं COVID-19 प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए राष्ट्रीय लॉकडाउन (National Lockdown) के चलते पठानकोट के सिविल हॉस्पिटल में भी कोई बाल चिकित्सा सर्जन उपलब्ध नहीं था.

    ऐसे में मेजर आदिल अब्दुल कलाम ने बच्चे का ऑपरेशन किया, जो कि मिलिट्री हॉस्पिटल में तैनात एक सर्जिकल स्पेशलिस्ट हैं. यह ऑपरेशन वेंटिलेटर (Ventilator) पर किया गया. सेना के डॉक्टरों ने दावा किया कि यह पहली बार है कि आर्म्ड फोर्सेड मेडिकल सर्विसेज ने एक नवजात का ऐसा जटिल ऑपरेशन एक जोनल हॉस्पिटल में बिना किसी बाल रोग विशेषज्ञ सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ एनिस्थिसियोलॉजिस्ट और नवजात विशेषज्ञ के किया हो.

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