चीन से तनाव के बीच LAC पर सर्दियों के लिए भारतीय सेना तैयार, चला रही सबसे बड़ा 'लॉजिस्टिक ऑपरेशन'

सूत्रों ने कहा कि खासी संख्या में T-90 और T-72 टैंक, तोपों, अन्य सैन्य वाहनों को विभिन्न संवेदनशील इलाकों में पहुंचाया गया है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Eastern Ladakh: थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे (Army Chief General MM Narwane) इस विशाल अभियान में निजी तौर से जुड़े हुए हैं. इसकी शुरूआत जुलाई के मध्य में हुयी थी और अब यह पूरा होने जा रहा है. सूत्रों ने कहा कि भारी संख्या में टी-90 और टी-72 टैंक (T-90 and T-72 Tanks), तोपों, अन्य सैन्य वाहनों को विभिन्न संवेदनशील इलाकों में पहुंचाया गया है.

  • Share this:
    नई दिल्ली. भारतीय सेना (Indian Army) कई दशकों के अपने सबसे बड़े सैन्य भंडारण अभियान (Military operations) के तहत पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगभग चार महीनों की भीषण सर्दियों के मद्देनजर टैंक (Tanks), भारी हथियार (Heavy Weapons), गोला-बारूद (arms and ammunition), ईंधन (fuel) के साथ ही खाद्य और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में लगी हुयी है. सैन्य सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि शीर्ष कमांडरों (Top commanders) के एक समूह के साथ थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे (Army Chief General MM Narwane) इस विशाल अभियान में निजी तौर से जुड़े हुए हैं. इसकी शुरूआत जुलाई के मध्य में हुयी थी और अब यह पूरा होने जा रहा है.

    सूत्रों ने कहा कि भारी संख्या में टी-90 और टी-72 टैंक (T-90 and T-72 Tanks), तोपों, अन्य सैन्य वाहनों को विभिन्न संवेदनशील इलाकों में पहुंचाया गया है. इस अभियान के तहत सेना (Army) ने 16,000 फुट की ऊंचाई पर तैनात जवानों (Soldiers) के लिए बड़ी मात्रा में कपड़े, टेंट, खाद्य सामग्री, संचार उपकरण, ईंधन, हीटर (Heater) और अन्य वस्तुओं की भी ढुलाई की है. एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी (Senior military officer) ने नाम नहीं छापने की शर्त पर पीटीआई-भाषा को बताया, "अब तक का यह सबसे बड़ा साजो-सामान (logistic) अभियान है जो आजादी के बाद लद्दाख में पूरा किया गया है. यह विशाल स्तर पर है.’’

    भारत ने चीनी दुस्साहस से निपटने के लिए पूर्वी लद्दाख में 3 अतिरिक्त सेना डिविजन तैनात की
    भारत ने किसी भी चीनी दुस्साहस से निपटने के लिए पूर्वी लद्दाख में तीन अतिरिक्त सेना डिविजन की तैनाती की है. वहां अक्टूबर से जनवरी के बीच तापमान शून्य से नीचे पांच डिग्री सेल्सियस से शून्य से 25 डिग्री सेल्सियस नीचे के बीच रहता है. सूत्रों ने कहा कि भारत ने यूरोप के कुछ देशों से सर्दियों के कपड़े आदि आयात किए हैं और पूर्वी लद्दाख में सैनिकों को पहले ही उनकी आपूर्ति की जा चुकी है.

    क्षेत्र में हजारों टन भोजन, ईंधन और अन्य उपकरणों के परिवहन के लिए सी -130 जे सुपर हरक्यूलिस और सी -17 ग्लोबमास्टर सहित भारतीय वायु सेना के लगभग सभी परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों का उपयोग किया गया.

    भारतीय वायु सेना ने वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगे क्षेत्रों में हाई अलर्ट पर रहने का फैसला किया
    भारतीय सेना ने सर्दियों के महीनों में पूर्वी लद्दाख में सभी प्रमुख क्षेत्रों में सैनिकों की अपनी मौजूदा संख्या को बनाए रखने का फैसला किया है क्योंकि चीन के साथ सीमा विवाद के जल्द समाधान का कोई संकेत नहीं है.

    यह भी पढ़ें: देश के लगभग 50 लाख लोगों ने दी कोरोना को मात, 1 दिन में ठीक हुए 92 हजार मरीज

    भारतीय वायु सेना ने भी वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगे क्षेत्रों में हाई अलर्ट पर रहने का फैसला किया है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.