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आतंकियों के सफाए के लिए घाटी में तैनात हुई आर्मी, नेवी और एयरफोर्स की ज्वॉइंट टीम

News18Hindi
Updated: November 25, 2019, 10:25 AM IST
आतंकियों के सफाए के लिए घाटी में तैनात हुई आर्मी, नेवी और एयरफोर्स की ज्वॉइंट टीम
यह पहली बार है जब राज्य में तीनों सेनाओं के जवान एक साथ काम करेंगे.

कश्मीर (Jammu Kashmir) में संयुक्त विशेष बलों की तैनाती का मकसद जवानों को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने का माहौल देना है. विशेष बलों ने दो महत्वपूर्ण अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया था. पहला अभ्यास कच्छ इलाके में किया गया था, जबकि दूसरा अभ्यास अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में हुआ था.

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  • Last Updated: November 25, 2019, 10:25 AM IST
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नई दिल्ली. मोदी सरकार (Modi Goverrment) ने कश्मीर घाटी (Kashmir Vally) में आतंकियों के सफाए के लिए बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने भारतीय सेना, नौसेना, और वायु सेना के स्पेशल फोर्स की कश्मीर घाटी में तैनाती की है. रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज़ एजेंसी ANI को ये जानकारी दी. अधिकारी के मुताबिक, घाटी में आतंकियों के खिलाफ नए ऑपरेशन के लिए ऐसा किया गया है.

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारी ने बताया कि कश्मीर घाटी में तैनाती पाने वालों में आर्मी पैरा स्पेशल फोर्स, नेवी मरीन कमांडोज़ (MARCOS) और वायु सेना के गार्ड स्पेशल फोर्स के जवान शामिल हैं. अधिकारी के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय की नवीनतम आर्म्ड फोर्सेज़ स्पेशल ऑपरेशंस डिवीजन (AFSOD) के तहत जवानों को कश्मीर घाटी में ड्यूटी दी गई है.

बता दें कि कश्मीर में संयुक्त विशेष बलों की तैनाती का मकसद जवानों को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने का माहौल देना है. विशेष बलों ने दो महत्वपूर्ण अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया था. पहला अभ्यास कच्छ इलाके में किया गया था, जबकि दूसरा अभ्यास अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में हुआ था.

काफी समय पहले ही बन गई थी ये योजना

सूत्रों ने बताया कि तीनों सेनाओं के विशेष बलों को घाटी में तैनात करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू की गई थी. सबसे पहले आर्मी पैरा को श्रीनगर के पास आतंकवादी प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया था. उन्होंने कहा कि मारकोस और वायुसेना के बलों को भी जल्द ही आतंकवाद विरोधी अभियान में पूरी तरह शामिल कर लिया जाएगा. यह पहली बार है जब राज्य में तीनों सेनाओं के जवान एक साथ काम करेंगे.

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सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटा लिया था.


वुलर झील के आसपास होगी मारकोस कमांडोज की तैनाती
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सूत्रों के मुताबिक, रक्षा अधिकारी ने ये भी बताया कि मारकोस (MARCOS) कमांडोज की तैनाती वुलर झील के आसपास की गई है, जबकि वायुसेना के जवानों को लोलाब इलाका और हाजिन में तैनात किया है. इस क्षेत्र में वायु सेना के विशेष बलों की सफलता दर अधिक रही है. विशेष बल अभी तक दो अभ्यास सत्र में हिस्सा ले चुकी है.

क्या हैं जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात
बता दें कि केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर को लेकर ऐतिहासिक फैसला लिया था. सरकार ने आर्टिकल 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करते हुए जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस ले लिया था. इसके बाद 31 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर दो अलग केंद्र शासित प्रदेशों में बंट गया. अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश होंगे.

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First published: November 25, 2019, 10:01 AM IST
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