प्रकाश जावड़ेकर बोले- आपातकाल की याद दिलाती है अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी, संजय राउत ने कहा- यह बदले की कार्रवाई नहीं

गिरफ्तारी के बाद पुलिस वैन में अर्नब गोस्वामी (Twitter)
गिरफ्तारी के बाद पुलिस वैन में अर्नब गोस्वामी (Twitter)

‘रिपब्लिक टीवी’ के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी (Arnab Goswami) को 53 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 4, 2020, 9:52 PM IST
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मुंबई. रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी (Arnab Goswami) को मुंंबई पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया. गोस्वामी समेत दो अन्य लोगों पर 53 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है. इस गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र सरकार भारतीय जनता पार्टी और विपक्षियों के निशाने पर आ गई है. BJP नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने इस कार्रवाई की तुलना साल 1975 में तात्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाई गई इमरजेंसी और उस दौरान पत्रकारों के खिलाफ हुई एकतरफा कार्रवाई से की.

एक ओर जहां शिवसेना के सांसद संजय राउत इसे बदले की कार्रवाई के दावों को गलत बता रहे हैं, वहीं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर, पीयूष गोयल, बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी समेत कई लोगों ने पुलिस की कार्रवाई को प्रेस और पत्रकारिता का दमन बताया है.





गोस्वामी की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि यह प्रेस और पत्रकारिता का दमन है. उन्होंने ट्वीट किया,' मुंबई में प्रेस-पत्रकारिता पर जो हमला हुआ है वह निंदनीय है. यह इमरजेंसी की तरह ही महाराष्ट्र  सरकार की कार्यवाही है. हम इसकी भर्त्सना करते हैं.'
रविशंकर प्रसाद ने किया  1975 की इमरजेंसी का जिक्रइस मामले पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने 1975 की इमरजेंसी का जिक्र करते हुए कहा- 'वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी गंभीर रूप से निंदनीय, अनुचित और चिंताजनक है.  हमने 1975 की  इमरजेंसी का विरोध करते हुए प्रेस की स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी थी.'वहीं रेल मंत्री पीयूष गोयल ने लिखा- 'महाराष्ट्र में प्रेस की स्वतंत्रता पर इस हमले की कड़ी निंदा की जानी चाहिए. यह फासीवादी कदम अघोषित आपातकाल का संकेत है. पत्रकार अर्नब गोस्वामी पर हमला करना सत्ता के दुरुपयोग का एक उदाहरण है. हम सभी को भारत के लोकतंत्र पर इस हमले के खिलाफ खड़ा होना चाहिए.' बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि 'अर्नब पूरा देश आपके साथ है. हमने आपातकाल के दौरान  रामनाथ गोयनका, कुलदीप नैय्यर को प्रेस सेंसरशिप और यातना देखी है.'संजय राउत बोले- इसमें बदले वाली कोई बात नहींशिवेसना सांसद संजय राउत ने कहा कि यह कार्रवाई बदले की कार्रवाई नहीं है. राउत ने पत्रकारों से कहा- 'महाराष्ट्र में कानून का पालन किया जाता है. अगर किसी के खिलाफ सबूत हैं तो पुलिस कार्रवाई कर सकती है. ठाकरे सरकार के आने  के बाद से किसी के खिलाफ बदला लेने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है.'


गोस्वामी को उनके घर से गिरफ्तार किया
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अलीबाग पुलिस की एक टीम ने गोस्वामी को उनके घर से गिरफ्तार किया. गोस्वामी को पुलिस वैन में बैठाते हुए देखा गया. इस दौरान गोस्वामी ने दावा किया कि पुलिस ने उनके घर पर उनके साथ बदसलूकी की.

अधिकारी ने बताया कि 2018 में एक आर्किटेक्ट और उनकी मां ने कथित तौर पर गोस्वामी के रिपब्लिक टीवी द्वारा उनके बकाया का भुगतान न किए जाने के कारण आत्महत्या कर ली थी. इस वर्ष मई में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने आर्किटेक्ट अन्वय नाइक की बेटी अदन्या नाइक की नई शिकायत के आधार पर फिर से जांच का आदेश दिये जाने की घोषणा की थी.

देशमुख ने बताया था कि अदन्या ने आरोप लगाया है कि अलीबाग पुलिस ने गोस्वामी के चैनल द्वारा बकाया भुगतान ना करने के मामले में जांच नहीं की. उसका दावा है कि इस कारण ही उसके पिता और दादी ने मई 2018 में आत्महत्या कर ली थी.
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