जरदारी का दावा - इंदिरा गांधी ने 1971 के युद्ध के बाद पाकिस्‍तान को लौटाई थी हजारों एकड़ जमीन

पाकिस्‍तान की संसद में पूर्व राष्‍ट्रपति ने कहा, 1971 की जंग में 90,000 कैदी भारत के पास थे. इसके अलावा हजारों एकड़ जमीन भी भारत के कब्जे में थी. तब जुल्फिकार अली भुट्टो के बातचीत करने पर भारत की तत्‍कालीन पीएम ने हमारे सैनिक और हजारों एकड़ जमीन लौटा दी थी.

News18Hindi
Updated: August 9, 2019, 6:12 PM IST
जरदारी का दावा - इंदिरा गांधी ने 1971 के युद्ध के बाद पाकिस्‍तान को लौटाई थी हजारों एकड़ जमीन
पाकिस्‍तान के पूर्व राष्‍ट्रपति जरदारी ने दावा किया है कि भारत की पूर्व पीएम इंदिरा गांधी ने 1971 की जंग के बाद पाकिस्‍तान को सभी बंदी कैदी और हजारों एकड़ जमीन लौटा दी थी.
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Updated: August 9, 2019, 6:12 PM IST
जम्मू-कश्मीर (Jammu-kashmir)  से अनुच्‍छेद-370 (Article-370) हटाने को लेकर पाकिस्‍तान की संसद में चर्चा लगातार जारी है. इसी दौरान पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने दावा किया कि 1971 के युद्ध के बाद भारत की तत्‍कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने हजारों एकड़ जमीन पाकिस्तान को लौटा दी थी. उन्‍होंने कहा कि तब जंग के बाद हमारे 90,000 कैदी भारत के पास थे. साथ ही हमारी हजारों एकड़ जमीन भी भारत के कब्जे में थी. दन दोनों मुद्दों को लेकर तत्‍कालीन पीएम जुल्फिकार अली भुट्टो ने इंदिरा गांधी से बातचीत की. इसके बाद उन्‍होंने हमारे सैनिक और जमीन हमें लौटा दी थी.

'मोदी सरकार के फैसले से हमारा आधा अंग टूटा'
जम्मू-कश्मीर से 370 हटाने की तुलना बांग्लादेश बनाए जाने से करते हुए जरदारी ने कहा कि पूर्वी पाकिस्तान की समस्या के बाद कश्‍मीर भी उतनी ही बड़ी समस्या है. इसे समझने के लिए हमें इतिहास के पन्‍ने पलटने होंगे. इस दौरान पाकिस्‍तान के पूर्व राष्‍ट्रपति ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को खत्म करने का आरोप भी लगाया. उन्‍होंने कहा कि हमने पूर्वी पाकिस्तान की जंग हारी थी. इससे हमारा आधा अंग टूट गया था. इसी तरह अब मोदी सरकार के फैसले से कश्मीर का हमारा आधा अंग भी टूट चुका है.

उमर और महबूबा के बयानों का दिया हवाला

भारत के खिलाफ जगह उगलते हुए जरदारी ने पाकिस्‍तान की संसद में कहा, अब कश्मीर और भारत के मुसलमानों को भी जिन्ना की यह बात समझ आ गई है कि दो राष्ट्र का सिद्धांत ही चलेगा. कश्‍मीरियों की भावनाओं को भड़काने की कोशिश के तहत उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के बयानों का हवाला देते हुए जरदारी ने कहा, कश्मीर के नेता भी कह रहे हैं कि हमने भारत का साथ देकर गलती कर दी. जरदारी ने इमरान सरकार से सवाल किया कि क्या आपको नहीं पता कि आपकी अर्थव्‍यवस्‍था की हालत क्या हो गई है?

'भारत की इंटेलिजेंस एजेंसियां सब जानती हैं'
जरदारी ने कहा कि आप कुछ जानते हों या न जानते हों भारत की इंटेलिजेंस एजेंसियां सब जानती हैं. वैसे भी अब इंटरनेट का जमाना है. सब इंटरनेट पर उपलब्‍ध है. सीरिया की गोलन पहाड़ियों का जिक्र करते हुए जरदारी ने कहा कि वहां तमाम मुस्लिम ताकतें लड़ीं, लेकिन पहडि़यों को इजरायल से हासिल नहीं कर सके. जरदारी ने पाकिस्तान सरकार को संयुक्त राष्ट्र अमीरात (UAE), चीन (China), रूस (Russia), ईरान (Iran) के राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात करने का सुझाव भी दिया.
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First published: August 9, 2019, 6:11 PM IST
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