अब अरुण जेटली ने राहुल गांधी की डिग्री पर उठाए सवाल, पूछा- बिना MA के कैसे किया MPhil?

राहुल गांधी के हलफनामे को लेकर सोशल मीडिया में बहस हो रही है. राहुल गांधी ने 2004 और 2009 में बताया था कि उन्होंने ट्रिनिटी कॉलेज से डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स में MPhil किया है, जबकि 2014 में कहा कि MPhil डेवलपमेंट स्टडीज में किया गया है. कोई ये भी बता रहा है कि एमफिल में राहुल गांधी ने एक विषय में पास होने लायक नंबर भी नहीं पाए.

News18Hindi
Updated: April 13, 2019, 8:10 PM IST
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मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की डिग्री को कांग्रेस द्वारा मुद्दा बनाए जाने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है. जेटली ने शनिवार को लिखे फेसबुक ब्लॉग में राहुल गांधी की पढ़ाई पर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा- 'कांग्रेस अध्यक्ष ने मास्टर डिग्री (एमए) की पढ़ाई नहीं की, फिर वो बताए कि उन्होंने एमफिल की डिग्री कैसे पूरी की.'

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दरअसल, राहुल गांधी के हलफनामे को लेकर सोशल मीडिया में बहस हो रही है. राहुल गांधी ने 2004 और 2009 में बताया था कि उन्होंने ट्रिनिटी कॉलेज से डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स में MPhil किया है, जबकि 2014 में कहा कि MPhil डेवलपमेंट स्टडीज में किया गया है. कोई ये भी बता रहा है कि एमफिल में राहुल गांधी ने एक विषय में पास होने लायक नंबर भी नहीं पाए. जेटली ने अपने ताजा ब्लॉग में इसी को लेकर राहुल गांधी पर हमला बोला है.

इंडियाज़ ओपोजिशन इज ऑन ए रेंट ए कॉज कैंपेन (India’s Opposition is on a “Rent a Cause” Campaign) हेडिंग के साथ अरुण जेटली ने लिखा- 'आज बीजेपी कैंडिडेट (स्मृति ईरानी) की शैक्षणिक योग्यता पर बातें हो रही हैं. लेकिन इस दौरान राहुल गांधी की शैक्षणिक योग्यता को भुला दिया जा रहा है. राहुल गांधी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर ऐसे कई सवाल हैं, जिनका जवाब नहीं मिला. बेशक उन्होंने बिना मास्टर डिग्री के एमफिल की पढ़ाई जो पूरी की है! इस बारे में आज कोई बात नहीं हो रही, जबकि राहुल गांधी ने कई महीनों पहले खुद ये स्वीकार किया था.'



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बता दें कि स्मृति ईरानी में अमेठी से नामांकन भरते वक्त जो हलफनामा दिया था, उसमें उनकी शैक्षणिक योग्यता पर फिर से सवाल उठे हैं. 2004 के हलफनामे में उन्होंने जो जानकारी दी थी, वो 2014 और 2019 के हलफनामे से बिल्कुल भी मेल नहीं खाता. 2019 के हलफनामे से ये साफ हो गया कि स्मृति ईरानी ग्रेजुएट नहीं, बल्कि सिर्फ 12वीं पास हैं.
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नामांकन के दौरान दिए गए हलफनामे में स्मृति ईरानी ने बताया कि वे ग्रेजुएट नहीं हैं. उन्हें बीच में ही कॉलेज छोड़ना पड़ा. जिसके बाद से कांग्रेस पार्टी स्मृति ईरानी की डिग्री को लेकर हमलावर है. कांग्रेस का कहना है कि स्मृति ईरानी का हलफनामा प्रमाणित करता है कि पूर्व में उन्होंने झूठ बोला था. लिहाजा उनका नामांकन ख़ारिज किया जाना चाहिए.

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पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने टीवी सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' की थीम लाइन पर स्मृति ईरानी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, 'क्वालिफिकेशन के भी रूप बदलते हैं, नए-नए सांचे में ढलते हैं, एक डिग्री आती है, एक डिग्री जाती है, बनते एफिडेविट नए हैं'.

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