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'सरनेम' को राजनीतिक ब्रांड मानती है कांग्रेसः अरुण जेटली

(फाइल फोटो- अरुण जेटली)
(फाइल फोटो- अरुण जेटली)

जेटली ने कहा कि चुनावी परिचर्चा में प्रधानमंत्री की मां की आयु को एक विषय बनाया गया. उनके पिता का नाम अल्प ज्ञात होने पर भी टिप्पणी की गई और इसे प्रधानमंत्री के कमी के रूप में पेश किया गया.

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'सरनेम' को राजनीतिक ब्रांड के रूप में पेश करने पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस को ‘वंशवादी पार्टी’करार दिया. उन्होंने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में अगर मुकाबला अल्प ज्ञात परिवार के पुत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अपने माता-पिता के कारण पहचान बनाने वाले किसी व्यक्ति के बीच होता है तो भाजपा उस चुनौती को खुशी-खुशी स्वीकार करेगी.

सरदार पटेल के पिता का नाम क्या था’ शीर्षक से फेसबुक पोस्ट में जेटली ने कहा कि कांग्रेस जैसी वंशवादी पार्टी में प्रतिभा, मेरिट या मेधा कोई मायने नहीं रखती. परिवार के इर्द-गिर्द की भीड़ कैडर होती है.

जेटली की यह पोस्ट ऐसे समय में आई है जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के परिवार के बारे में कांग्रेस नेताओं के बयान को लेकर विवाद शुरू हो गया है.



वित्त मंत्री ने कहा कि अगर कांग्रेस चाहती है कि 2019 का लोकसभा चुनाव प्रधानमंत्री मोदी, जो ऐसे माता-पिता के पुत्र हैं जिनका नाम कम लोग जानते है और मेधा व क्षमता की बजाय अपने माता-पिता के कारण जाने जाने वाले व्यक्ति के बीच हो...तब भाजपा इस चुनौती का सहर्ष स्वीकार करेगी.
अरुण जेटली ने कहा, ‘इसे 2019 एजेंड बनाएं.’


जेटली ने कहा कि चुनावी परिचर्चा में प्रधानमंत्री की मां की आयु को एक विषय बनाया गया. उनके पिता का नाम अल्प ज्ञात होने पर भी टिप्पणी की गई और इसे प्रधानमंत्री के कमी के रूप में पेश किया गया.

उन्होंने कहा, ‘क्या भारत को वंशावादी लोकतंत्र रहना चाहिए? इस चर्चा को हवा देकर कांग्रेस पार्टी ने अपना ही नुकसान किया है. इसमें उन्होंने दलील यह दी कि अगर आप जाने माने परिवार की विरासत का प्रतिनिधित्व करते हैं तब यह आपे राजनीतिक फायदे में होता है.’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सामान्य परिवार से आाने वाले लाखों प्रतिभावान कार्यकर्ता नेतृत्व के संबंध में कांग्रेस की परीक्षा में फेल हो जायेंगे. मेधा, प्रतिभा, लोगों को प्रेरित करने की क्षमता का महत्व नहीं है. कांग्रेस केवल बड़े उपनाम को राजनीतिक ब्रांड मानती है.

उन्होंने कहा कि काफी जानकार मित्रों से भी जब महात्मा गांधी के पिता या सरदार पटेल के पिता या पत्नी का नाम पूछा, तब वे सटीक उत्तर नहीं दे सके.

जेटली ने कहा कि कारण साफ है. दशकों तक अपने शासन के दौरान कांग्रेस ने कालोनियों, शहरों, पुलों, एयर पोर्ट, रेलवे स्टेशनों, स्कूलों, कालेजों, विश्वविद्यालयों, स्टेडियमों का नाम केवल एक परिवार पर रखा.
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