अरुणाचल: दूसरे शख्स के साथ भागने की सजा, कंगारू कोर्ट ने विवाहिता के कपड़े फाड़े, बाल काटे और Video किया वायरल

मामला अरुणाचल प्रदेश के लेकांग का है.
मामला अरुणाचल प्रदेश के लेकांग का है.

गांव की बुजुर्ग महिलाओं ने सजा के तौर पर महिला के बाल काट दिए. फिर उसके बदन पर बचे कपड़े भी उतार दिए. महिला ने जब खुद को अपने हाथों से छिपाने की कोशिश की, तो भीड़ में से कुछ ने गालियां देते हुए उसे हाथ उठाने को कहा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 10, 2020, 8:41 AM IST
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निलॉय भट्टचार्जी
इंफाल. 
उत्तर प्रदेश स्थित हाथरस में कथित गैंगरेप की भयावह घटना के बमुश्किल दस दिन बाद अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) स्थित लेकांग में रंजना (बदला हुआ नाम) को कंगारू कोर्ट ने दोषी घोषित कर दिया. रंजना ने अपने पति से परेशान होकर दूसरे शख्स रितुल से शादी कर ली और असम चली गई. किसी तरह से परिजनों ने उसके बारे में जानकारी ली और उसे गांव बुला लिया. इसके बाद जो हुआ वह शर्मसार करने वाला था.

रंजना ने बताया कि 'नहीं, यह प्रेम संबंध नहीं था, लेकिन रितुल (बदला हुआ नाम) को मेरी हालत के बारे में पता था. वह जानता था कि मेरे पति ने पांच साल तक हर दिन मेरे साथ बेरहमी से मारपीट की. जब उसने एक रात मेरे पेट में लात मारी तो मेरा गर्भपात हो गया. उसके बाद एक और गर्भपात हुआ. एक रात जब क्रूरता की सारी हदें पर हो गईं तब मुझे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. इस हिंसा में मेरी सास अपने बेटे यानी मेरे पति का साथ देती थी. मेरे परिवार और ससुराल वालों के बीच कई बार मुलाकात हुई, लेकिन इससे मेरी किस्मत नहीं बदली.' रंजना ने कहा, 'मैंने रितुल के शादी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया. उसने कहा था कि मेरे लिए चीजें बदल जाएंगी.'

दिबेश्वर देउरी (बदला हुआ नाम) से विवाहित रंजना ने रितुल के साथ विवाह किया, जो उसी गांव का एक शादीशुदा आदमी था. बेहतर जीवन की तलाश में सितंबर 2020 के दौरान असम में तिनसुकिया चली गई.
20 वर्षीय रंजना ने कहा कि 'रितुल के परिवार ने हमसे संपर्क किया और हमें गांव बुलाया. उन्होंने आश्वासन दिया कि वे हमें स्वीकार करेंगे और परिवार में वापस शामिल कर लेंगे. शुरू में हमने मना कर दिया, लेकिन बाद में हमने सोचा कि अपने ही परिवार के साथ चलें. 25 सितंबर की आधी रात को हम अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में अपने गांव पहुँचे.'



नारकोटिक्स सेल के लेकांग की महिला कल्याण संघ के अनुसार उस रात लगभग पूरा गांव इकट्ठा हो गया. जैसे ही वह रितुल के गांव पहुँची कुछ बुजुर्ग महिलाओं ने रंजना को गाड़ी से बाहर खींच लिया और उसके कपड़े फट गए.

'रात में ठंडे पानी से नहालाया गया'
उसे रात में ठंडे पानी से नहालाया गया था और फिर बुजुर्ग महिलाओं ने सजा के तौर पर उसके बाल काट दिए. फिर महिलाओं ने ही उसके बदन पर बचे कपड़े भी उतार दिए और उसे नग्न अवस्था में कर दिया. उसने खुद को अपने हाथों से छिपाने की कोशिश की, तो भीड़ में से कुछ ने गालियां देते हुए उसे हाथ उठाने को कहा. जब गांव की बुजुर्ग महिलाएं यह सब कर रहीं थी तब उनके अन्य परिजन मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे. वीडियो सोशल मीडिया पर डाले गए और वायरल हुए. जब रितुल ने ग्रामीणों को रोकने की कोशिश की तब उसे भी पीटा गया.

रंजना ने कहा - 'मुझे बिना किसी कपड़े के स्कूल के कमरे में सोने के लिए कहा गया. अगली सुबह तक उन्होंने मुझे खाना नहीं दिया. मेरे पूरे शरीर पर चोट के निशान थे.'

स्थानीय लोगों के अनुसार युवती ने समुदाय को शर्मसार किया है, इसलिए उसे सजा दी गई. इस शर्मनाक घटना के बाद, ग्रामीणों ने एक सामुदायिक बैठक की.बैठक में महिला के परिवार से किसी को भी नहीं बुलाया गया था, लेकिन रंजना किसी तरह अपने दादा को बुलाने में कामयाब रही.

पुलिस ने 38 लोगों की लिस्ट की तैयार
महिला कल्याण एसोसिएशन ऑफ नारकोटिक्स सेल, लेकांग की सचिव रूबी देउरी ने कहा 'ग्रामीणों ने रंजना से अब जीवन में कभी भी शादी ना करने को कहा गया जबकि रितुल को उससे सभी संबंधों को खत्म करने के लिए कहा गया था. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि रंजना को गांव से बाहर कर दिया जाना चाहिए. फिर निर्णय रंजना के पुराने दादा को बताया गया. बूढ़े शख्स ने अपनी पोती के लिए न्याय की मांग की, तो ग्रामीणों ने उसे 40,000 रुपये देने का फैसला किया.'

रूबी के मुताबिक पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी के आधार पर इसमें शामिल 38 लोगों की लिस्ट तैयार की है जिनमें से 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें नौ महिलाएं हैं. रूबी ने कहा - 'हम महिला के न्याय के लिए लड़ेंगे. जब राष्ट्र हाथरस से जैसे मामलों का सामना कर रहा है तो यह बहुत ही शर्मनाक है.सबसे ज्यादा शर्मनाक बात यह है कि महिलाएं खुद ऐसे अपराध में शामिल होती हैं.'
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