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49 हस्तियों के खिलाफ FIR कराने वाले वकील के निशाने पर अब CM केजरीवाल और इमरान खान

News18Hindi
Updated: October 7, 2019, 12:05 AM IST
49 हस्तियों के खिलाफ FIR कराने वाले वकील के निशाने पर अब CM केजरीवाल और इमरान खान
सुधीर कुमार ओझा ने 49 नामचीन हस्तियों के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं में केस दर्ज कराया है.

सुधीर कुमार ओझा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नाम खुला खत लिखने वाली 49 हस्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. वह 1996 से अब तक 745 पीआईएल दाखिल कर चुके हैं.

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  • Last Updated: October 7, 2019, 12:05 AM IST
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(रौनक कुमार गुंजन)

नई दिल्ली. मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) के वकील सुधीर कुमार ओझा के रडार पर अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) हैं. सुधीर कुमार ओझा वही वकील हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के खिलाफ पत्र लिखने वाले 49 लोगों पर राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज कराया है. ओझा ने कहा कि वह दिल्ली के सीएम केजरीवाल की बिहार को लेकर की गई टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ एक याचिका दायर करेंगे. News18 से बातचीत में ओझा ने कहा, यह बहुत गैर जिम्मेदाराना था.

ओझा केजरीवाल के उस बयान की बात कर रहे थे, जिसमें 30 सितंबर को उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की प्रशंसा की थी.

अरविंद केजरीवाल ने दिया था ये बयान

दिल्ली के सीएम ने कहा था कि बाहर के लोग दिल्ली में आते हैं और मुफ्त इलाज कराकर चले जाते हैं.  केजरीवाल ने कहा था कि 'बिहार के लोग 500 रुपये का दिल्ली का टिकट लेकर आते हैं और 5 लाख का मुफ्त इलाज कराकर वापस लौट जाते हैं. हमें ऐसा देखकर खुशी होती है क्योंकि वह हमारे ही देश के लोग हैं लेकिन दिल्ली की भी अपनी क्षमता है.'

ओझा का दावा है कि उन्होंने 1996 में अपनी वकालत की शुरुआत करने के बाद से अब तक 745 पीआईएल दाखिल की हैं. इतना ही नहीं उन्होंने पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इमरान खान (PM Imran Khan) के बयान को लेकर स्थानीय अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है. ओझा ने कहा, 'पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत के खिलाफ परमाणु हथियारों (Nuclear Weapons) के इस्तेमाल की धमकी दी थी जो कि भारत को अप्रत्यक्ष रूप से जंग का आह्वान था.

खान ने UN में कही थी ये बातखान ने 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र की महासभा (United Nations General Assembly) में संभावित परमाणु युद्ध की धमकी दी थी. खान ने कहा था, 'यहां आने का मेरा मुख्य कारण संयुक्त राष्ट्र में विश्व नेताओं से मिलना और इस बारे में बात करना था. हम उन संभावित आपदा की ओर बढ़ रहे हैं जो यहां किसी को भी महसूस नहीं हो रही है. यह क्यूबा संकट के बाद से केवल दो परमाणु हथियार संपन्न देश आमने-सामने आ रहे हैं. हम फरवरी में आमने-सामने आए थे.

ओझा वही शख्स हैं, जिन्होंने पीएम मोदी को पत्र लिखने वाली 49 हस्तियों के खिलाफ जनहित याचिका दायर की थी. गुरुवार को रामचंद्र गुहा, मणिरत्नम, अपर्णा सेन और श्याम बेनेगल सहित कई नामचीन हस्तियों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की गई थी. इन लोगों ने जुलाई में मॉब लिंचिंग (Mob Lynching) के बढ़ते मामलों को लेकर एक खुला खत लिखा था.

पीएम की छवि को धूमिल करने की कोशिश
ओझा ने कहा, 'अगर पत्र को मीडिया में प्रचारित नहीं किया जाता तो मुझे कोई समस्या नहीं होती. उन्होंने यह केवल देश की और प्रधानमंत्री की छवि को धूमिल करने के लिए किया. पत्र में मुस्लिम, दलित और अन्य अल्पसंख्यक समूहों के मुद्दों को उठाया गया था. यह देश में आंतरिक संघर्ष पैदा करने का एक प्रयास था.

55 साल के ओझा कई हस्तियों पर विज्ञापनों में गुमराह करने के आरोप और फिल्‍मों में किस के सीन पर केस कर चुके हैं. 2007 में उन्‍होंने धूम 2 (Dhoom 2) फिल्‍म के एक किस सीन के खिलाफ जनहित याचिका दाखिल की थी. वहीं 2013 में उन्‍होंने मैगी (Maggie) का विज्ञापन करने पर अमिताभ बच्‍चन (Amitabh Bachchan) के खिलाफ जनहित याचिका डाली थी. ओझा का कहना था कि मैगी से सेहत को नुकसान होता है.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh), राष्‍ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav), महाराष्‍ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) भी उन हस्तियों में से एक हैं जिन पर ओझा ने केस किया था.

ओझा ने किया ये सवाल 
ओझा ने सवाल किया कि जब कश्मीर (Kashmir) में पहले हिंसा हुई थी तो उन्होंने क्यों नहीं लिखा? जब गुजरात में दंगे हुए थे तब उन्होंने क्यों नहीं किया? जब मुंबई (Mumbai) की घेराबंदी की गई थी तो कुछ भी क्यों नहीं? ऐसे समय में ऐसा क्यों किया जब देश इतना अच्छा कर रहा है और प्रधानमंत्री सभी से प्यार कर रहे हैं? उन्होंने इन लोगों पर प्रधानमंत्री के प्रभावशाली प्रदर्शन को कम करने और अलगाववादी प्रवृत्तियों का समर्थन करने का भी आरोप लगाया.

इन धाराओं में दर्ज की गई FIR
पुलिस के अनुसार, भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें राजद्रोह, सार्वजनिक उपद्रव से संबंधित, धार्मिक भावनाओं को आहत करना और शांति भंग करने के इरादे से अपमान करना शामिल है.

इस साल जुलाई में फिल्‍ममेकर अनुराग कश्यप, श्‍याम बेनेगल, मणि रत्‍नम, एक्‍टर कोंकणा सेन मित्रा सहित 49 अलग-अलग क्षेत्रों के जाने-माने लोगों ने पीएम मोदी को मॉब लिंचिंग के बारे में लिखा था. पत्र में कहा गया था कि मुसलमानों, दलितों और अल्‍पसंख्‍यकों की पीट-पीटकर हत्‍या रोकी जानी चाहिए. साथ ही कहा था कि असहमति के बिना कोई लोकतंत्र नहीं होता. पत्र में यह भी कहा गया था कि जय श्री राम को देश में युद्धघोष बना दिया गया है.

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First published: October 6, 2019, 11:01 PM IST
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