कर्ज फंसने से बैंकों की वृद्धि घटी: अरविंद सुब्रमण्यन

मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन

कंपनियों और बैंकों के दबाव वाले खातों की समस्या से बैंकिंग क्षेत्र की वृद्धि थम गई है. ऐसा मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन ने कहा.

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    मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) अरविंद सुब्रमण्यन ने शनिवार को कहा कि कंपनियों और बैंकों के दबाव वाले खातों की समस्या से बैंकिंग क्षेत्र की वृद्धि थम गई है. दोहरे खाते की समस्या से तात्पर्य मांग घटने से दबाव में आई कंपनियों और उन कंपनियों को कर्ज देने वाले बैंकों के खातों पर पड़ने वाले असर से है.

    चेन्नई में मद्रास प्रबंधन संघ के सालाना सम्मेलन 2018 को संबोधित करते हुए सुब्रमण्यन ने कहा कि इस समस्या का हल चार ‘आर’ में है. ये- पहचान (रिकॉग्निशन), निपटान (रेजोलूशन), पुनर्पूंजीकरण (रिकैपिटेलाइजेशन) और सुधार (रिफॉर्म) हैं.

    उन्होंने कहा कि पहचान से तात्पर्य बैंकों की दबाव वाली संपत्तियों की पहचान करना है. निपटान के लिए सरकार ने दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता पारित की है और रिजर्व बैंक इसका उपयोग कर रहा है.

    वहीं चालू वित्त वर्ष में बैंकों को पुन: पूंजीकरण के रूप में 2.10 लाख करोड़ रुपये उपलब्ध कराये जा रहे हैं. सुधारों के बारे में उन्होंने कहा कि बैंकों में पूंजी डालने के कार्य की जांच, निगरानी और अनुशासित तरीके से उसे लगाना शामिल है.

    सुब्रमण्यन ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है लेकिन भारत अभी अपनी पूरी क्षमता से प्रदर्शन नहीं कर पा रहा.

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