राजस्थान में सियासी जोड़-तोड़ की फिक्र छोड़ अपने खेत में डेरा जमाए हैं ये विधायक

राजस्थान में सियासी जोड़-तोड़ की फिक्र छोड़ अपने खेत में डेरा जमाए हैं ये विधायक
बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ से कम्युनिस्ट पार्टी के विधायक गिरधारी लाल माहिया (62) इन दिनों टि़ड्डियों के हमले से परेशान हैं.

बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ से कम्युनिस्ट पार्टी के विधायक गिरधारी लाल माहिया (Girdharilal Mahiya) को लोग उनकी सादगी के लिए बहुत पंसद करते हैं. उनके पास अपने प्रचार पर खर्च करने के लिए कोई अतिरिक्त पैसा नहीं था, लेकिन फिर भी लोगों ने उन्हें जिताया.

  • Share this:
जयपुर/नई दिल्ली. राजस्थान में पिछले 16 दिनों से सियासी ड्रामा (Rajasthan Power Tussle) चल रहा है. एक तरफ अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) अपनी सरकार बचाने के तमाम प्रयास कर रहे हैं. दूसरी ओर सचिन पायलट (Sachin Pilot) पार्टी में अपनी मांगे पूरी कराने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहते. इन सबके बीच कम्युनिस्ट पार्टी के विधायक गिरधारी लाल माहिया (Girdharilal Mahiya) ने इस सिसासी ड्रामे से दूर अपने खेतों में डेला डाल रखा है और टिड्डियों के हमले से अपनी फसल को बचाने में जुटे हुए हैं.

बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ से कम्युनिस्ट पार्टी के विधायक गिरधारी लाल माहिया (62) इन दिनों टि़ड्डियों के हमले से परेशान हैं. उन्हें राजस्थान में सरकार के नुकसान की फिक्र नहीं है, बल्कि अपनी फसलों के बर्बाद होने की चिंता ज्यादा है. माहिया कहते हैं, 'केंद्र और राज्य सरकार ने टिड्डियों के हमले से बचने के लिए न तो कोई कारगर कोशिश की और न ही इससे नुकसान झेलने वाले किसानों को कोई राहत राशि दी.'

ये भी पढ़ें:- Rajasthan Crisis: सियासी संकट के बीच गहलोत खेमे की बढ़ी मुश्किलें, BSP ने अपने 6 विधायकों को जारी किया व्हिप



अंग्रेजी मैग्जीन 'आउटलुक' से बातचीत में माहिया बताते हैं, 'चाहे कपास हो, मूंगफली हो या अन्य फसलें हों... किसानों को टिड्डियों के हमले से गंभीर नुकसान हो रहा है. इस समय सार्वजनिक प्रतिनिधि और राजनीतिक दल एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठाने में व्यस्त हैं. किसानों के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है.'
राजस्थान में इन दिनों सीएम अशोक गहलोत और उनके पूर्व डिप्टी सचिन पायलट के बीच एक राजनीतिक गतिरोध चल रहा है. पायलट को हाल ही में राज्य के डिप्टी सीएम और पीसीसी प्रमुख के रूप में बर्खास्त किया गया था.

गहलोत और पायलट के बीच सत्ता संघर्ष तब से जारी है, जब कांग्रेस नेतृत्व ने मुख्यमंत्री पद के लिए वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत को चुना था, लेकिन अब पायलट के खेमे ने बगावत कर दी है. असंतुष्ट विधायकों का दावा है कि पार्टी में उनके अधिकार को कमजोर करने की बार-बार कोशिश की गई है.

दोनों के बीच लड़ाई में बीजेपी हार्स ट्रेडिंग यानी विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश भी कर रही है. लिहाजा अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने अपने समर्थक विधायकों को लग्जरी होटलों में शिफ्ट कर दिया है. इस पूरे मामले में राज्यपाल और अदालतों का दरवाजा खटखटाया गया है.

इसपर गिरधारी लाल माहिया कहते हैं, 'जनप्रतिनिधियों को उनके कल्याण के लिए काम करने के लिए चुना जाता है, न कि पांच सितारा होटलों के अंदर बैठने के लिए. खासकर महामारी के दौरान तो उन्हें जनता की हर संभव मदद करनी चाहिए.' विधायक कहते हैं कि वह हर दिन खेत में बैठकर ही किसानों की शिकायतें सुनते हैं और उनका समाधान करते हैं.'

ये भी पढ़ें:- Rajasthan Crisis: विधानसभा सत्र को लेकर राजभवन-सरकार के बीच बढ़ी तल्खी, कांग्रेस करेगी बड़ा आंदोलन

आउटलुक की रिपोर्ट में कहा गया है कि कम्युनिस्ट पार्टी के विधायक गिरधारी लाल माहिया को लोग उनकी सादगी के लिए बहुत पंसद करते हैं. उनके पास अपने प्रचार पर खर्च करने के लिए कोई अतिरिक्त पैसा नहीं था. उन्होंने क्राउड फंडिंग के लिए छोटी सभाएं आयोजित कीं. इसके अलावा, मतदान के दिन ग्रामीणों ने अपने वाहन भेजे और मतदाताओं को बूथों तक पहुंचाया.' 2018 में दायर चुनावी हलफनामे के अनुसार उनकी चल संपत्ति केवल 8 लाख रुपये है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading