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क्या राहुल गांधी दूसरी पारी में खुद को साबित कर पाएंगे एक्टिव पॉलिटिशियन?

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Updated: December 14, 2019, 7:37 PM IST
क्या राहुल गांधी दूसरी पारी में खुद को साबित कर पाएंगे एक्टिव पॉलिटिशियन?
राहुल गांधी की फिर से कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर वापसी हो सकती है (फाइल फोटो, PTI)

ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस (Congress) एक बार फिर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को पार्टी का मुखिया बनाने की तैयारी कर रही है. संभवतः यह फैसला दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) के बाद किया जा सकता है.

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  • Last Updated: December 14, 2019, 7:37 PM IST
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(कल्याणी शंकर)

नई दिल्ली. कांग्रेस (Congress) के अध्यक्ष पद (President Post) से इस्तीफा (Resignation) देने के बाद बीते छः महीने से आखिर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) क्या कर रहे थे? उनके कैंप से विरोधाभाषी संकेत (Conflicting Signals) मिल रहे हैं.

बीते कुछ दिनों में वह पर्दे से गायब थे लेकिन उनका ट्विटर (Twitter) अकाउंट एक्टिव था. हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election) के दौरान वह देश के बाहर गए और आए, उनके वफादारों पर उनके ट्रिप को सही ठहराने की जिम्मेदारी थी.

दिल्ली विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी ले सकती है फैसला

वहीं ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस एक बार फिर राहुल को पार्टी का मुखिया (Party President) बनाने की तैयारी कर रही है. संभवतः पार्टी यह फैसला दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद कर सकती है.

राहुल के करीबी माने जाने वाले कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal) ने बीते हफ्ते कहा था, 'देश एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है. पार्टी को अब उनके नेतृत्व की जरूरत है. देश के अलग-अलग हिस्सों में पार्टी कार्यकर्ता के लोग अपनी बात रख रहे हैं और हमें पूरी उम्मीद है कि जल्द ही उनकी बात सुनी जाएगी.'

'राहुल गांधी ने अपने इस्तीफे में भी खोल रखी थीं वापसी की खिड़कियां'छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने भी कांग्रेस प्रमुख के रूप में राहुल की वापसी के लिए बात कही. राहुल के करीबी एक अन्य वरिष्ठ नेता ने दावा किया, 'यह केवल समय का सवाल है. उपयुक्त समय की प्रतीक्षा जारी है.'

यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि सोनिया गांधी को मात्र एक अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया था. यह साफ था कि जब भी राहुल तैयार होंगे, वे वापस आएंगे. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने खुद भी अपने इस्तीफे में वापसी के लिए खिड़कियां खोल रखी थीं. उन्होंने कहा था, जब भी (पार्टी को) मेरी सेवाओं, मेरी बातों या मेरी सलाह की जरूरत होगी, मैं पार्टी के लिए उपलब्ध रहूंगा.

'राहुल के अध्यक्ष न रहते भी पार्टी के फैसलों पर दिखती रही उनकी छाप'
जब राहुल गांधी ने 2019 के आम चुनावों में अपनी पार्टी की हार के बाद अपने पार्टी अध्यक्ष से इस्तीफे के बारे में कहा था, यह माना जा रहा था कि उन्हें अपने इस्तीफे को वापस लेने के लिए मना लिया जाएगा. लेकिन वे अपने इस्तीफे पर अड़े रहे, शायद ऐसा उन्होंने कांग्रेस (Congress) के उन वरिष्ठ नेताओं को सबक सिखाने के लिए किया था जो कि उनके अभियान का समर्थन नहीं कर रहे थे.

मजेदार बात यह है कि पार्टी के पुराने सिपहसालार, जो कि सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के साथ काम करना पसंद करते हैं, मानते हैं कि पार्टी या सोनिया गांधी के लिए निर्णयों पर उनके पद छोड़ने के बाद भी उनकी स्पष्ट छाप दिखती थी.

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First published: December 14, 2019, 6:34 PM IST
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