बाप-बेटे की हिरासत में मौत: स्टालिन ने कहा- मामला दबा रही AIADMK सरकार, CBI जांच की मांग की

बाप-बेटे की हिरासत में मौत: स्टालिन ने कहा- मामला दबा रही AIADMK सरकार, CBI जांच की मांग की
पी जयराज (60) और जे बेनिक्स (31) की फाइल फोटो

DMK प्रमुख एमके ने पीड़ितों के परिवार को पैसे देने के सरकार के कदम पर भी सवाल उठाया है, जिसमें कहा गया है कि अगर यह प्राकृतिक मौतें (Natural Deaths) थीं तो मुआवजे (compensation) की आवश्यकता क्यों हुई.

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(पूर्णिमा मुरली)

तूतीकोरिन. एमके स्टालिन (MK Stalin) के नेतृत्व वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने तूतीकोरिन जिले (Thoothukudi district) में बाप-बेटे जयराज और बेनिक्स की हिरासत में हुई मौत (custodial deaths) के मामले में CBI जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस मामले में अब सस्पेंड किए जा चुके पुलिस अधिकारियों का हाथ होने की CBI जांच की जानी चाहिए. इस नृशंस मौतों (gruesome deaths) ने पूरे देश में कई लोगों को सदमा दिया है और इस पर कई सिलेब्रिटी खिलाड़ियों और एक्टर्स ने भी ध्यान देने की बात कही है. इन सभी ने इसके दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है.

जबकि पीड़ित परिवार के सदस्य न्याय का इंतजार कर रहे हैं, इस बीच राज्य के दक्षिणी जिले में अशांति और आक्रोश बढ़ रहा है. जबकि सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) सरकार अब तक यह कहती रही है कि कानून अपना काम करेगा, तमिलनाडु (Tamil Nadu) की मुख्य विपक्षी पार्टी ने मामले की सीबीआई जांच (CBI Probe) की मांग की है और प्रशासन से हत्या के आरोप में अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की मांग की है.



AIADMK सरकार ने शुक्रवार को दिए 20 लाख के बाद फिर दिया 25 लाख का मुआवजा
इससे पहले दिन में, सरकार ने जयराज और बेनिक्स के परिवार के लिए 25 लाख रुपये के अतिरिक्त मुआवजे की घोषणा की, इसके अलावा शुक्रवार को ही परिवार को 20 लाख रुपये दिए गए थे. स्टालिन ने कहा कि अन्नाद्रमुक सरकार सच्चाई को छिपाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही घोषणा कर दी थी कि बेनेक्स की मौत सांस न ले पाने के चलते और उनके पिता की मौत किसी बीमारी से हुई.

DMK प्रमुख ने उठाया सवाल- "मौतें प्राकृतिक थीं तो क्यों दिया मुआवजा?"
DMK प्रमुख एमके ने पीड़ितों के परिवार को पैसे देने के सरकार के कदम पर भी सवाल उठाया है, जिसमें कहा गया है कि अगर यह प्राकृतिक मौतें थीं तो मुआवजे की आवश्यकता क्यों हुई.

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पी जयराज (60) और जे बेनिक्स (31) को तूतीकोरिन पुलिस स्टेशन में 19 जून को लॉकडाउन आदेश के समय के बाद भी दुकान खुला रखने के लिए गिरफ्तार किया गया था. जयराज के परिवार के सदस्यों ने दावा किया था पुलिस ने उन्हें उनकी मोबाइल की दुकान से उठाया था और उन्हें मारा-पीटा था. जिसके बाद बेनिक्स अपने पिता को छोड़ने की गुजारिश करने पुलिस स्टेशन गया था.
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