मोदी सरकार ने 50 दिन में ही साफ दिखा दिए इरादे, किए ये अहम काम

मोदी सरकार अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए हर क्षेत्र में कदम उठा रही है. 5 जुलाई को साल 2019-2020 के बजट में भी सरकार ने लोगों के हित में कई अहम फैसले लिए हैं.

News18Hindi
Updated: July 22, 2019, 9:15 AM IST
मोदी सरकार ने 50 दिन में ही साफ दिखा दिए इरादे, किए ये अहम काम
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Updated: July 22, 2019, 9:15 AM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एनडीए सरकार ने अपने 50 दिन पूरे कर लिए हैं. मोदी सरकार 2.0 से देश की जनता को काफी उम्मीदें है. शपथ ग्रहण के बाद से ही लगातार सक्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार जनहित में फैसले ले रहे हैं. बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की थी कि अगले पांच सालों में भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था होने जा रहा है. ऐसे में मोदी सरकार अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए हर क्षेत्र में कदम उठा रही है. 5 जुलाई को साल 2019-2020 के बजट में भी सरकार ने लोगों के हित में कई अहम फैसले लिए हैं.

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मोदी सरकार ने किए हैं ये वादे
>>प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को आवंटित किए जाने के लिए 2019-20 से 2021-22 की अवधि में 1.95 मकान प्रस्तावित हैं.

2022 तक, भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर, सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार में बिजली का कनेक्शन हो और स्वच्छ ईंधन के लिए रसोई गैस की व्यवस्था हो.
>>जल-जीवन मिशन के अंतर्गत 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों को पेय जल की सुविधा प्रदान की जाएगी.
प्रधानमंत्री कर्मयोगी मान-धन योजना नाम के नये कार्यक्रम के अंतर्गत 1.5 करोड़ से कम वार्षिक कारोबार वाले 3 करोड़ खुदरा व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को पेंशन दी जाएगी.
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>>समाज कल्याण के लक्ष्यों के लिए काम कर रहे सामाजिक उद्यमों और स्वयं सेवी संगठनों को सूचीबद्ध करने और इलेक्ट्रानिक रूप में धन जुटाने के मंच के रूप में एक सोशल स्टॉक एक्सचेंज स्थापित किया जाएगा.
>>सस्ते मकानों को और बढ़ावा देने के लिए 31 मार्च, 2020 तक खरीदे गए 45 लाख रुपये मूल्य तक के मकानों पर लिए गए ऋण पर अदा किए गए 1.5 लाख रुपये तक ब्याज पर आयकर में अतिरिक्त छूट.
>>परंपरागत उद्योगों के उन्नयन और पुनर्गठन के लिए वित्तपोषण कार्यक्रम (स्फूर्ति) के अतंर्गत 2019-20 में 100 नए क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे, जिससे 50 हजार कामगार आर्थिक मूल्य श्रृंखला में शामिल हो सकेंगे.
>>मुद्रा ऋण के अंतर्गत प्रत्येक स्वयंसहायता समूह में एक महिला को 1 लाख रुपये तक के ऋण की अनुमति होगी. वैध जन-धन खाता रखने वाली स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्य को 5 हजार रूपये तक ओवर ड्राफ्ट सुविधा दी जाएगी.
>>400 करोड़ रुपये तक वार्षिक कारोबार वाली कंपनियों के लिए कर की दर अब 25 प्रतिशत होगी. पहले ये सुविधा 250 करोड़ रुपये तक कारोबार वाली कंपनियों को ही प्राप्त थी. इस प्रकार सभी 99.3 प्रतिशत कंपनियां इसके दायरे में आ जाएंगी.
>>बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान देने की कार्य योजना के साथ दीर्घावधि बॉन्डों के लिए बाजारों का विस्तार करने के लक्ष्य से वर्ष 2019-20 में ऋण गारंटी संवर्धन निगम (सीजीईसी) की स्थापना की जाएगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह


>>सभी जीएसटी- पंजीकृत सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमईज़) को नए और संवर्धित ऋणों पर ब्याज में 2 प्रतिशत सब्सिडी देने के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 में 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
>>सरकार अनेक श्रम कानूनों को तेजी से सुचारू रूप देने के लिए 4 श्रम कानूनों में समाहित करने के प्रयास करेगी.
अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को स्वयं का कारोबार शुरू करने के लिए प्रेरित करने के वास्ते स्टैंड अप इंडिया कार्यक्रम 2025 तक जारी रहेगा.
किसानों की आय दोगुनी करना
>>खेती के परंपरागत तरीकों को फिर से अपनाने के लिए शून्य खर्च खेती अपनाने को प्रोत्साहित किया जाएगा.10 हजार नए कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) स्थापित किए जाएंगे. ये संगठन किसानों को एकजुट करने और यह सुनिश्चित करने में मदद करेंगे कि कृषि सुधारों के लाभ किसानों तक अधिक तेजी से और प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. ये कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओज़) छोटे और सीमांत किसानों को एकजुट करेंगे ताकि वे कम ब्याज दरों पर ऋण प्राप्त कर सकें और अपनी उपज को ऊंचे मूल्यों पर बेच सकें.
>>ग्रामीण उद्योंगो में 75,000 प्रशिक्षित उद्यमियों के विकास के लिए एएसपीआईआरई कार्यक्रम के अतंर्गत 2019-20 में 80 आजीविका व्यापार इंक्यूबेटर्स और 20 प्रौद्योगिकी व्यापार इंक्यूबेटर्स स्थापित किए जाएंगे.
>>सरकार मत्स्य उद्योग (मछली पालन) क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण ढांचा कायम करने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को बढ़ावा देगी.
बुनियादी ढांचे और निवेश पर ध्यान केंद्रित करना
>>अगले पांच वर्षों में बुनियादी ढांचे पर 100 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. दीर्घावधि के निवेश पर निगरानी के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा.
भारत में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए एक बड़ा कार्यक्रम शुरू किया जाएगा.
>>रेलवे के ढांचे में 2030 तक 50 लाख करोड़ रूपये के निवेश की आवश्यकता होगी. यात्री और माल भाड़ा सेवाओं का तीव्र विकास और वितरण सुनिश्चित करने के लिए सरकारी-निजी-भागीदारी मॉडल अपनाया जाएगा.

>>सरकार देश में बेहतर संचार और ढांचा विकास के लिए मौजूदा योजनाओं और कार्यक्रमों को अधिक मजबूती प्रदान करेगी. इनमें निम्नांकित कार्यक्रम शामिल हैं:-
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
-औद्योगिक गलियारे
-प्रतिबद्ध माल ढुलाई कारीडोर
-भारत माला
-सागर माला
-जल मार्ग विकास
-उड़ान कार्यक्रम

>>सरकार एफडीआई का प्रवाह बढ़ाने के लिए मीडिया, एनिमेशन और कुछ अन्य क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देने के विकल्पों पर विचार करेगी.
बीमा बिचौलिया कंपनियों के लिए 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति दी जाएगी.
>>एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) जुटाने के लिए स्थानीय स्रोत मानदंड आसान बनाए जाएंगे.
>>वार्षिक वैश्विक निवेशक सम्मेलन भारत में आयोजित किया जाएगा, राष्ट्रीय निवेश और बुनियादी ढांचा कोष (एनआईआईएफ) को माध्यम बनाते हुए प्रमुख वैश्विक कंपनियों को भारत आने और निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी


भारत वंशियों का कल्याण
अब भारतीय पासपोर्ट रखने वाले अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) को भारत पहुँचने पर आधार कार्ड जारी किया जाएगा, इसके लिए 180 दिन इंतजार करने की अनिवार्यता समाप्त की जाएगी.

बैंकिग और वित्तीय क्षेत्र को बढ़ावा
अनिवासी भारतीयों को भारतीय इक्विटीतक बाधा मुक्त पहुँच प्रदान करने के लिए एनआरआई-पोर्टफोलियो निवेश कार्यक्रम का विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) कार्यक्रम में विलय किया जाएगा.
सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पुन: पूँजीकरण के लिए 70 हजार करोड़ रूपये का निवेश करेगी. गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों पर रिज़र्व बैंक का नियामक प्राधिकार सुदृढ़ किया जाएगा और एनएफसीज़ को व्यापार प्राप्य छूट प्रणाली के अंतर्गत सीधे भाग लेने की अनुमति देने के उपाय किए जाएंगे.

आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए पैन कार्ड के स्थान पर आधार कार्ड का इस्तेमाल करने की छूट दी जाएगी.चुने हुए केंद्रीय सार्वजनिक उद्यमों के कार्यनीतिक विनिवेश को प्राथमिकता देना जारी रखा जाएगा. एयर इंडिया का कार्यनीतिक विनिवेश की प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी.

शिक्षा और युवा अधिकारिता
खेलाडि़यों के विकास के लिए खेलो इंडिया के अंतर्गत राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड (एनएसईबी) की स्थापना की जाएगी.
भारत को उच्चतर शिक्षा का केंद्र बनाने के लिए सरकार ने ‘भारत में अध्ययन’नाम का कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव किया है जिससे विदेशी विद्यार्थियों को भारत में अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा.

सरकार आर्टीफिसियल इंटेलिजेंस (एआई), बिग डेटा, रोबोटिक्स पर अन्य नए कौशलों के क्षेत्र में युवाओं का कौशल सुधारने के उपायों बढ़ोत्तरी करेगी.
देश में समग्र अनुसंधान प्रणाली को मजबूती प्रदान करने के लिए सरकार सभी मंत्रालयों के अंतर्गत उपलब्ध धन को एकीकृत करते हुए राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन की स्थापना करेगी.

न्यू स्पेश इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) विभिन्न अतंरीक्ष उत्पादों के वाणिज्यीकरण का प्रसार करेगी.पर्यटन सरकार 17 प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों का विकास विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्रों के रूप में करेगी ताकि इन पर्यटन स्थलों पर घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ायी जा सके.

पहले दिन से ही आगे बढ़ने की कवायद!

1.चिकित्सा शिक्षा सुधार- भारतीय चिकित्सा परिषद (संशोधन) विधेयक, 2019 चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधार के लिए है. यह मोदी सरकार के बड़े फैसलों में से एक है. इस कदम से देश में चिकित्सा शिक्षा के संचालन में पारदर्शिता आएगी, साथ ही जवाबदेही और गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी.
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि 2019-20 के शैक्षणिक सत्र में सरकारी कॉलेजों मेंमेडिकल सीटों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है. 25 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 2,750 सीटें बढ़ी हैं.

2. जम्मू और कश्मीर में विकास और विश्वास- जम्मू-कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक, जम्मू-कश्मीर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटेक्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत देने का मार्ग प्रशस्त करेगा.
जम्मू-कश्मीर के लोग अब सीधी भर्ती, पदोन्नति तथा पेशेवर पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश मेंआरक्षण का लाभ उठा सकते हैं. यह अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने की दिशा में एक उत्कृष्ट पहल है. गृह मंत्री की जम्मू-कश्मीर यात्रा ऐतिहासिक रही है. इस यात्रा में जहां शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया गया, वहीं अलगाववादी तत्वों को दरकिनार किया गया.

लालकृष्ण आडवानी का आशीर्वाद लेते पीएम मोदी


3. एक भयावह कुप्रथा के खिलाफ मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करना- मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक, 2019 मुस्लिम महिलाओं के लिए लैंगिक समानता और लैंगिक न्याय को सुनिश्चित करता है. यह विधेयक विवाहित मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करता है और उनके पतियों द्वारा ‘तलाक-ए-बिद्दत’ के जरिए तलाक देने की कुप्रथा को रोकने में मदद करता है.

4. जम्मू-कश्मीर में असामाजिक तत्वों को नियंत्रित करने के लिए ऐतिहासिक कदम- जम्मू-कश्मीर बैंक में हुए भ्रष्टाचार पर चोट उन लोगों के लिए एक मजबूत राजनीतिक संदेश है, जिन्होंने पिछले तीन दशकों से कश्मीर घाटी और जम्मू-कश्मीर की राजनीति को अपने नफरत के एजेंडे से बंधक बना रखा था.

जम्मू-कश्मीर बैंक अलगाववादियों से लेकर वंशवाद-आधारित राजनीतिक दलों तक, ऐसे कपटी लोगों का अड्डा बन चुका था, जो कश्मीर को अशांत बनाए रखना चाहते थे. लोगों ने देखा है कि इस बैंक में संदिग्ध लेन-देन हो रहा था और असामाजिक तत्वों के लिए यह पैसों के लेनदेन का एक आसान जरिया बन गया था. बैंक के खिलाफ कार्रवाई से पारदर्शिता आई और जवाबदेही सुनिश्चित हुई. यह एक ऐसा कदम है जिससे राज्य में शांति और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा.

5. जनता के धन का दुरुपयोग करने की कुप्रवृत्ति पर अंकुश- सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत लोगों की बेदखली संशोधन), 2019 से सार्वजनिक परिसरों में अवैध रूप से घर बनाकर कब्जा जमाए बैठे लोगों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित होगी. इससे सरकारी आवासों पर अवैध रूप से कब्जा करने वालों को आसानी के साथ तेजी से बेदखल किया जा सकेगा.

6. गगनयान, चंद्रयान-2 से लेकर सूर्य और शुक्र तक के लिए मिशन- गगनयान- 2022 में आजादी की 75वीं वर्षगांठ तक भारत द्वारा पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान. चंद्रयान-2 मिशन चंद्रमा की उत्पत्ति और विकास का पता लगाने में मदद करेगा और चंद्रमा पर पानी की मौजूदगी का पता लगाने के लिए अध्ययन करेगा. इसका प्रक्षेपण 15 जुलाई, 2019 को निर्धारित है. सौर मिशन आदित्य एल 1 का प्रक्षेपण 2020 में निर्धारित है. यह सूर्य के कोरोना और जलवायु परिवर्तन पर इसके प्रभाव का अध्ययन करेगा. मिशन टू वीनस - 2023 में इसका प्रक्षेपण हो सकता है. इसका उद्देश्य शुक्र के वातावरण और सतह की आकृति का अध्ययन करना है.

7. व्यवसाय करने की सुगमता और ईएसआई सुधारों के साथ अनुपालन की सरलता- मोदी सरकार ने नियोक्ताओं एवं कर्मचारियों दोनों से ईएसआई योगदान दर को घटाया. नियोक्ताओं के योगदान को 4.75% से घटा कर 3.25% किया गया. कर्मचारियों के योगदान को 1.75% से घटा कर 0.75% किया गया. इससे 3.6 करोड़ कर्मचारियों और 12.85 नियोक्ताओं को लाभ पहुंचा. इससे श्रमिकों को उल्लेखनीय आर्थिक लाभ हुआ, नियमानुरूप कार्य करने को बढ़ावा मिला और ईएसआई योजना में श्रमिकों का अधिक नामांकन किया जाना सुगम हुआ.

8. हवाई अड्डों को पट्टे पर देकर राजस्व में वृद्धि और बेहतर हवाई अड्डे- मोदी सरकार ने भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण के अहमदाबाद, लखनऊ, मंगलूरू तीन हवाई अड्डों को पीपीपी मॉडल के माध्यम से पट्टे पर देने का फैसला किया. इन परियोजनाओं से आवश्यक निवेश के साथ-साथ सेवा प्रदान करने, निपुणता, उ़़द्यमिता और व्यावसायिकता में वृद्धि होगी. इससे भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण के राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ टीयर दो और टीयर तीन शहरों में भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण द्वारा और निवेश करने में मदद मिलेगी. ऐसे विकासात्मक गतिविधियों से रोजगार सृजन और इससे संबंधित संरचना की दृष्टि से इस क्षेत्र के आर्थिक विकास में तेजी आएगी.

9. केंद्रीय सशस्त्र पुलिसबल (सीएपीएफ) के बहादुर कार्मिकों को अधिक लाभ- केंद्रीय सशस्त्र पुलिसबल (सीएपीएफ) बहादुर अधिकारियों के संवर्ग स्तर में वृद्धि को सरकार द्वारा मंजूरी दी गई. इससे वे गैर कार्यात्मक वित्तीय उन्नयन (एनएफएफ) सहित अन्य लाभों के पात्र हो जाएंगे. इस प्रस्ताव से पांच मूलभूत सीएपीएफ अथवा अद्धसैनिक बलों-सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी के हजारों सेवारत अधिकारियों और 2006 के बाद सेवानिवृत हुए अनेक कार्मिकों को लाभ पहुंचा है. ये अधिकारीगण बेहतर प्रतिनियुक्ति के अवसर प्राप्त कर पाएंगे क्योंकि वे केंद्रीय स्टाफिंग योजना के अंतर्गत पैनल पाने के पात्र होंगे, उन्हें परिवहन की बड़ी हुई सुविधाएं, मकान किराया भत्ता और महंगाई भत्ता प्राप्त होगा.

चुनाव के दौरान पीएम मोदी


10. रेलवे सुरक्षाबल को संगठित समूह ‘ए’का दर्जा- रेलवे सुरक्षाबल (आरपीएफ) को संगठित समूह ‘ए’ का दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. रेलवे सुरक्षाबल (आरपीएफ) को संगठित समूह ‘ए’का दर्जा देने से पात्र अधिकारियों के तरक्की के अवसर बढ़ेंगे. अधिकारियों के तरक्की के अवसरों में सुधार से उन्हें प्रेरित रखने में मदद मिलेगी. इससे नतीजतन गैर-कार्यात्मक उन्नयन (एनएफएफयू) केअवसर भी बढ़ेंगे.

11. गरीबों को वित्तीय धोखाधड़ियों से बचाना- मोदी सरकार ने अनियमित जमा योजना विधेयक, 2019 को मंजूरी प्रदान की. हाल में संसद के सम्पन्न हुए सत्र में इस विधेयक को पेश किया गया. इसमें कारोबार के साधारण व्यवसाय में जमाराशियों को छोड़कर अनियमित जमा योजनाओं को प्रतिबंधित करने, जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा करने के लिए विस्तृत व्यवस्था का प्रावधान किया गया है. इस विधेयक से देश में गैरकानूनी जमा गतिविधियों के खतरों से निपटने में मदद मिलेगी, जो कि वर्तमान में शोषणपूर्ण विनियामक अंतराल एवं सख्त प्रशासनिक उपायों के अभाव में चालबाज लोग इन गरीब लोगों की मेहनत की पूंजी को हड़प जाते हैं.

12. अंतर्राज्यीय जल विवादों का दक्षतापूर्वक समाधान- मोदी सरकार ने अंतर्राज्यीय नदियों से संबंधित विवादों के निपटान के लिए अंतर्राज्यीय नदी जल विवाद (संशोधन) विधेयक 2019 के लिए मंजूरी दी. इस विधेयक में अंतर्राज्यीय नदी जल विवादों के समाधान तथा वर्तमान संस्थागत संकल्पना को और सुदृढ़ बनाने की व्यवस्था की गई है.

13. खरीफ की फसलों के लिए ऊंचा न्यूनतम समर्थन मूल्य- आर्थिक मामलों से संबद्ध कैबिनेट समिति द्वारा अनुमोदित खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि किसानों को उनकी उत्पादन लागत में 1.5 गुणा बढ़ोतरी करने के अनुरूप है. किसानों को उनकी उत्पादन लागत से मिलने वाले लाभ की उच्चतम प्रतिशतता बाजरा (85 प्रतिशत), उड़द (64 प्रतिशत) और तुअर (60 प्रतिशत)में रही.

14. श्रम सुधारों के फलस्वरूप 40 करोड़ असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को लाभ- मोदी सरकार द्वारा व्यावसाय सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य की अवस्था विधेयक 2019 को मंजूरी प्रदान की गई. 10 या अधिक कामगारों वाली किसी भी व्यासायिक निकाय के लिए अपने सभी कामगारों को नियुक्तिपत्र जारी करना और वार्षिक आधार पर डॉक्टरी जांच कराना अनिवार्य होगा. साथ ही महिलाएं रात की शिफ्ट में स्वेच्छा से काम करने का विकल्प दे सकती हैं. इससे सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थितियों के प्रावधानों में सुधार होता है.

नये विधेयक में शिशु देखभाल (क्रेच), कैंटीन, फर्स्ट ऐड, कल्याण अधिकारी जैसे प्रावधानों को एकसमान बनाने पर विचार किया गया है. इस विधेयक में न केवल कामगारों के लाभ अपितु फर्मों के लिए काम की सुगमता को भी सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा गया है. इसमें एक प्रतिष्ठान के लिए एक पंजीकरण का निर्धारण किया गया है. वर्तमान में 13 अधिनियमों से छह श्रम अधिनियमों में अलग-अलग पंजीकरण की व्यवस्था है.
इस विधेयक में अनके लाइसेंसों के स्थान पर एक ही लाइसेंस तथा विवरणीयों का प्रावधान किया गया है और वर्तमान 13 श्रम कानूनों को श्रमसुधारों में समायोजित कर दिया गया है. एक लाइसेंस और एक विवरणी के चलते प्रतिस्थापना के समय, संसाधन और प्रयासों की बचत होगी.

15. करोड़ों कामगारों के लाभ के लिए श्रम सुधार- मोदी सरकार ने श्रम मजदूरी विधेयक को पूरे देश में न्यूनतम मजदूरी का निर्धारण करने के लिए केंद्र को समर्थ बनाने के निमित मंजूरी प्रदान की है. इससे चार वर्तमान श्रम कानून के प्रावधान संयोजित हो जाएंगे और सम्पूर्ण कार्यदल के लिए न्यूनतम मजदूरी की रक्षा करने के लिए कानूनी प्रावधानों में वृद्धि होगी. इससे करीब 50 करोड़ कामगारों को लाभ मिलने के साथ-साथ क्षेत्र अथवा मजदूरी की सीमा के बावजूद सभी कर्मचारियों को समय पर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा. इससे व्यवसाय की सुगमता भी सुनिश्चित होगी. इसमें 32 केंद्रीय श्रम कानूनों को 4 वर्गों में सरलीकृत किया गया है. इस समय अनेक राज्यों में न्यूनतम मजदूरियां हैं. यह श्रम कानून इन्हें सरल बनाता है.

16. बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के लिए कड़ी सजा- सरकार ने बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने में अपनीनिश्चितता प्रदर्शित की है. यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा (पोक्सो) अधिनियम, 2012 में किये गये ये संशोधन इसे सुदृढ़ बनाते है. इन संशोधनों में बाल पोर्नोग्राफी पर अंकुश लगाने के लिए आर्थिक दंड लगाना और कारावास की सजा भी शामिल है. अधिनियम में सन्निहित सख्त दंडात्मक प्रावधानों के कारण इनके निवारक रूप में कार्य करने से यौन उत्पीड़न की प्रवृति के निरुत्साहित होने की उम्मीद है.

17. अवसंरचना को भरपूर बढ़ावा- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना - III पीएमजीएसवाई-II की व्यापक सफलता, जिसने ग्रामीण सड़क निर्माण की गति दोगुनी की और बड़े पैमाने पर भारत में ग्रामीण सड़क संपर्क को बढ़ाया, के बाद पीएमजीएसवाई-III घोषित की गई है. पीएमजीएसवाई-III में ग्रामीण कृषि बाजारों (जीआरएएम), उच्च माध्यमिक विद्यालयों एवं अस्पतालों के जरिये वास स्थानों को जोड़ते हुए रास्तों और प्रमुख ग्रामीण संपर्कों का समेकन शामिल है. पीएमजीएसवाई-IIIके तहत 1,25,000 कि.मी. सड़क लंबाई को समेकित करना और बिना संपर्क वाले गांव तथा आबादी से जुड़े इसके रास्तों को विकास संबंधी एक बड़ा प्रोत्साहन देना प्रस्तावित है.

18. ऋणशोधनक्षमता और दिवालियापन कोड में संशोधनों को और मजबूत बनाना- ऋणशोधनक्षमता और दिवालियापन कोड (आईबीसी) में अनेक संशोधनों को मंजूरी दी गई. यह गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) का तेजी से समाधान करने के लिए संरचना को मजबूत बनाता है जैसा कि कानून में व्यवस्था की गई है. राष्ट्रीय कंपनी लॉ न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में लाए गए एनपीए का समाधान का समय 330 तय किया गया है जिसमें कानूनी चुनौतियों में बिताया गया समय शामिल है. यह संशोधन सुनिश्चित करते हैं कि बड़े ऋणदाताओं और ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) द्वारा निर्धारित समाधान योजना में किसी प्रकार की बाधा नहीं पहुंचाई गई. संभावित समाधान की अनुमति के लिए सीओसी अब परिसंपत्ति के दिए गए मूल्य में कटौती के बारे में अधिग्रहण, विलय और विभाजन जैसे एनपीए के कॉरपोरेट पुनर्गठन का निर्णय कर सकती है. सरकार घर खरीदने वालों के सामने आने वाले मुद्दों के समाधान की दिशा में भी आगे बढ़ी है. इनमें अचल संपत्ति क्षेत्र के ऋणदाताओं का बड़ा भाग है. ऐसे ऋणदाताओं के प्रतिनिधित्व के अधिकारों के लिए नए सिरे से काम किया गया है जो मतदान के दौरान हो सकता है उपस्थित न रहे हों. मतदान के दौरान आधे से अधिक उपस्थित लोगों का मत और मतदान ऋणदाताओं द्वारा समाधान योजना के पक्ष अथवा विपक्ष में शत-प्रतिशत मत माना जाएगा.

अमित शाह-पीएम नरेंद्र मोदी की जोड़ी ने चुनाव में कांग्रेस को करारी शिकस्त दी.


19. 58 अनुपयोगी कानूनों को समाप्त करना- 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद1,000 से ज्यादा अनुपयोगी कानूनों को निरस्त करने दिया गया. वर्ष 2019 में सरकार ने 58 अनुपयोगी कानूनों को निरस्त करने के लिए एक विधेयक को मंजूरी प्रदान की है. इनमें से कुछ के फलस्वरूप लोगों को आसानी हुई है और कारोबार में सुगमता आई है क्योंकि यह कानून बड़े पुराने थे लेकिन लोगों को परेशान करने के लिए इनका इस्तेमाल किया जा रहा था.

20. गरीबों और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए अच्छी खबर – एलपीजी केदामों में कटौती- इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय दरों में कमी की पृष्ठभूमि में गैर-सब्सिडी वाले एलपीजी के मूल्य में प्रति सिलेंडर 100 रुपये से ज्यादा की कटौती की गई है. दिल्ली में रसोई गैस का दाम637 रुपये प्रति सिलेंडर होगा जबकि इससे पहले इसका दाम 737.50 रुपयेथा.

21. भगौड़ों तक पहुंचने के लिए कानून के लंबे हाथ- प्रवर्तन निदेशालय ने स्टरलिंग बायोटेक की 9,778 करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली है. निदेशालय ने एसबीएल समूह, संदेसारा बंधुओं और अन्य के खिलाफ सीबीआई द्वारा 5,700 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी का मामला दायर करने के बाद इनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया.

इस बीच एंटीगुआ के प्रधानमंत्री ने भगौड़े धोखेबाज मेहुल चौकसी के बारे में जो कहा वह यहां प्रस्तुत है : 'उसकी (चौकसी) की नागरिकता पर कार्रवाई की गई थी; उससे वह आगे बढ़ा लेकिन अब वास्तविकता यह है कि अब उसकी नागरिकता को रद्द कर दिया जाएगा और उसे भारत भेज दिया जाएगा.'

22. समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास को पहुंचाना- उज्ज्वला योजना के ऐसे लाभांवितों के लिए 5 किलोग्राम के रिफिल को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया जो बड़े रिफिल नहीं खरीद सकते. पांच किलोग्राम के रिफिल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए गांवों में विशेष शिविर आयोजित किए गए. एक प्रमुख उद्देश्य के रूप में अरुणाचल प्रदेश के लिए एक बड़ी पहल-बाढ़ संतुलन के साथ एक बहुउद्देशीय हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना. इसकी क्षमता 2,880 मेगावाट है. जन शिक्षा संस्थानों के अंतर्गत कौशल और व्यवसायिक प्रशिक्षण लेने वाले अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए फीस माफ करना ताकि समाज के ऐसे वर्ग तक कौशल का लाभ पहुंच सके जो सुविधाओं से वंचित हैं. सरकार ने एक विधेयक पेश करने के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिसमें ट्रांसजेंडर को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक दृष्टि से अधिकार संपन्न बनाने की व्यवस्था है.

23. मजबूत सरकार, मजबूत संसद- पिछले कुछ वर्षों की तुलना में पहली बार 2019 में संसद के मानसूत्र सत्र के दौरान बिना किसी बाधा के कामकाज हुआ. सत्र के दौरान 17 विधेयक पारित किए गए. 104 नए विधेयक पेश किए गए. यह जनता के जनादेश द्वारा समर्थन से बनी मजबूत सरकार का प्रभाव है.

24. उपभोक्ता अधिकारों का संरक्षण- संसद में नया उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 2019 पेश किया गया जिसमें उपभोक्ता विवादों का समय पर प्रबंधन करने के साथ ही उपभोक्ता अधिकारों पर विशेष ध्यान दिया गया है. यह वर्तमान कानून का दायरा बढ़ाता है ताकि दूरसंचार और आवास निर्माण सहित वस्तुओं और सेवाओं को समाविष्ट करने तथा उन्हें नियंत्रित करने के साथ-साथ विचार के लिए सभी प्रकार के कारोबारों (ऑनलाइन, टेलीशॉपिंग आदि)को शामिल किया जा सके.
किए हुए वादों पर अमल
सरकार का पहला निर्णय देश के सुरक्षा प्रहरियों को समर्पित- सरकार का पहला निर्णय ये दर्शाता है कि देश की सुरक्षा में अपना जीवन अर्पित करने वाले उसकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं.
नेशनल डिफेंस फंड के तहत ‘प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना’ में बड़े बदलाव को मंजूरी दी गई. छात्रवृत्ति की राशि में काफी वृद्धि की गई. इसके अलावा, छात्रवृत्ति योजना के दायरे को बढ़ाया गया. आतंकवादी या नक्सली हमलों के दौरान शहीद हुए राज्यों के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चों को भी इसमें शामिल किया गया.

अन्नदाताओं का जीवन सुरक्षित करने के लिए पेंशन स्कीम
स्वैच्छिक और अंशदायी (Contributory) पेंशन योजना के माध्यम से 5 करोड़ छोटे और सीमांत किसानों के भविष्य को सुरक्षित करना. केंद्र सरकार किसानों को सामाजिक सुरक्षा कवर प्रदान करने के लिए 3 सालों के दौरान अपनी तरफ से अंशदान देते हुए लगभग 10,774.50 करोड़ रुपये खर्च करेगी. इस योजना में किसानों को एक विशेष सुविधा दी गई है. इसके तहत वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाली राशि में से अपना अंशदान हर महीने सीधे इस योजना में दे सकते हैं.

PM-KISAN का सुरक्षा कवच सभी किसानों को

व्यापारियों के लिए पेंशन योजना
मोदी सरकार ने एक नई योजना को मंजूरी दी है, जो व्यापारी समुदाय को पेंशन कवरेज प्रदान करती है.
इस योजना से 3 करोड़ से अधिक छोटे दुकानदारों और व्यापारियों को लाभ मिलेगा. सरकार लाभार्थियों के अंशदान के बराबर का हिस्सा बैंक खाते में डालेगी.
सभी दुकानदारों, खुदरा व्यापारियों और स्वरोजगार में लगे व्यक्तियों को 60 साल की उम्र के बाद से हर महीने कम से कम 3,000 रुपये की मासिक पेंशन मिलेगी.
जल शक्ति मंत्रालय का गठन
अपने संकल्प पत्र और चुनाव अभियान के दौरान किए गए वादे को पूरा करते हुए पानी से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहली बार अलग से जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया गया. इससे जल समस्या का तेज और व्यापक समाधान संभव हो सकेगा.
जल प्रबंधन और सभी के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता जैसे विषय आज सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बन गए हैं. यह इसलिए संभव हो पाया है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी लगातार इस मुद्दे पर ध्यान देते रहे हैं.
मिशन फाइव ट्रिलियन की ओर अग्रसर
भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की भाजपा और पीएम मोदी की प्रतिबद्धता संकल्प पत्र का हिस्सा है.पीएम मोदी हमेशा अपने वादों पर खरे उतरे हैं और उन्हें पूरा किया है. देश में निवेश बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने दो अलग-अलग कैबिनेट कमेटी का गठन किया है.
निवेश एवं आर्थिक विकास से जुड़ी कमेटी और रोजगार एवं कौशल विकास से संबंधित कमेटी, इन दोनों की अगुआई स्वयं प्रधानमंत्री कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कृषि क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों के लिए भी एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने की घोषणा की. इस कमेटी के सदस्यों में कई मुख्यमंत्रियों को भी शामिल किया गया है. कमेटी पता लगाएगी कि कानून में किस तरह के बदलाव की जरूरत है.

पीएम नरेंद्र मोदी -अमित शाह


नौकरशाही में भ्रष्टाचार के विरूद्ध व्यापक कार्यवाही
12 शीर्षस्थ कर-अधिकारियों को नौकरी से निकाला गया. 15 सीमा एवं केंद्रीय सीमाशुल्क अधिकारियों को नौकरी से निकाला गया. इन अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार, गैरकानूनी और स्रोत से अधिक सम्पत्ति तथा यौनशोषण के आरोप थे.मोदी सरकार की योजनाओं और कार्यों की दुनिया भर में तारीफ

विश्व ने माना भारत निरंतर हो रहा है स्वच्छ!
यूनिसेफ की एक स्टडी में पता चला है कि मोदी सरकार की ‘स्वच्छ भारत’ पहल से भूजल के प्रदूषण में कमी आई है. खुले में शौच से मुक्त गांवों में मल संबंधी प्रदूषण, भूजल प्रदूषण, मृदा प्रदूषण, खाद्य प्रदूषण और पेयजल प्रदूषण में कमी आई है.संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक बड़े सुधारों को प्राप्त करने में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है.

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘खुले में शौच’ को कम करके भारत ने ‘स्वच्छ भारत’ के अभियान को तेज गति प्रदान की है.रिपोर्ट में स्वच्छ भारत के प्रभाव पर कहा गया है: 2000 और 2014 के बीच खुले में शौच का आंकड़ा हर वर्ष लगभग 3 प्रतिशत कम हुआ, जबकि 2015 से 2019 तक इसमें हर वर्ष 12 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है!

बचाओ बेटी पढ़ाओ एक प्रभावी जन आंदोलन
ग्रामीण सड़कों के निर्माण में तेजी के लिए मोदी सरकार की वैश्विक प्रशंसा मोदी सरकार में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को लेकर व्यापक पैमाने पर कार्य हुए हैं. विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में रोड कनेक्टिविटी बढ़ने से अब लोग कृषि से निकलकर गैर-कृषि क्षेत्र में रोजगार की तरफ बढ़ रहे हैं. वहीं, महिलाएं अपने खेतों की देखभाल के लिए घर से बाहर कदम रख रही हैं.

विश्व बैंक की रिपोर्ट ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सराहना करते हुए कहा है कि इससे यातायात में व्यापक सुधार आया है. आर्थिक-व्यापारिक अवसरों तक लोगों की पहुंच बढ़ी है, साथ ही स्कूलों में बच्चों की अटेंडेंस भी बढ़ी है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ग्रामीण सड़कों से जुड़े इलाकों में घरों में होने वाली डिलीवरी की संख्या में भारी कमी आई है और स्वास्थ्य क्षेत्र में काफी बड़ा सुधार हुआ है.
ग्लोबल नैरेटिव की अगुआई करता भारत
मोदी 2.0 का पहला महीना और विदेश नीति-पिछला महीना प्रधानमंत्री के लिए बहुत व्यस्त रहा. पीएम मोदी ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में BIMSTEC के नेताओं और SCO अध्यक्ष को आमंत्रित किया.
मालदीव का ऐतिहासिक दौरा: पीएम मोदी ने मजलिस को संबोधित किया. विदेशियों को दिए जाने वाले मालदीव के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘ऑर्डर ऑफ निशान इजुद्दीन’ को ग्रहण किया.

श्रीलंका दौरा:
पीएम मोदी ने भारत के एक महत्वपूर्ण पड़ोसी के साथ एकजुटता दिखाई. वे ईस्टर पर हुए धमाकों के बाद सेंट एंथनी चर्च का दौरा करने वाले पहले विदेशी नेता बने. पीएम मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति सिरिसेना, प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे और पूर्व राष्ट्रपति राजपक्षे के अलावा तमिल पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की.

किर्गिस्तान में एससीओ शिखर सम्मेलन:
पीएम मोदी ने एससीओ में शामिल देशों के साथ चर्चा की और आतंक के खिलाफ मजबूती से अपना पक्ष रखा. किर्गिस्तान के राष्ट्रपति जेनबेकोव के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी की. पीएम मोदी ने भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के साथ बैठक की. उनके साथ बातचीत में व्यापार, आतंक और कई अन्य मुद्दों पर भारत का रुख स्पष्ट किया. जापान में जी-20 शिखर सम्मेलन में विश्व के सभी शीर्ष नेताओं के साथ पीएम मोदी ने व्यापक रूप से चर्चा की.

21 जून को पूरे विश्व में बड़े उत्साह के साथ योग दिवस मनाया गया.
योग दिवस- वैश्विक पटल पर भारत के Soft Power की पहचान. पिछले कुछ वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस विश्व के 170 से अधिक देशों में पूरे उत्साह के साथ मनाया गया. अपनी संस्कृति की बढ़ती वैश्विक पहचान के साथ सॉफ्ट पॉवर के क्षेत्र में भारत की साख मजबूत हुई है.

इस योग दिवस पर पीएम मोदी ने योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए Prime Minister’s Awards की घोषणा भी की. जो चार अवॉर्ड दिए गए, उनमें इटली की एक महिला और जापान का एक सांस्कृतिक संगठन शामिल है.
मालदीव से रिश्तों में व्यापक बदलाव और इंडो-पैसिफिक में भारत की स्थिति
पीएम मोदी ने नई सरकार बनने के महीने भर के भीतर ही अपने पड़ोस में विदेश नीति को लेकर एक बड़ी जीत हासिल की. मालदीव में अपनी यात्रा के दौरान उनका भव्य स्वागत किया गया. इसके बाद जिस तरह से सकारात्मक द्विपक्षीय बातचीत हुई, उससे साफ है कि पीएम मोदी UPA सरकार के दौर में हुई बड़ी नीतिगत गलतियों को दुरुस्त करने में लगे हैं. मालदीव ने पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मालदीव चीन के साथ अपने समुद्री समझौते को खत्म करने जा रहा है. इससे उपमहाद्वीप में भारत की स्थिति कहीं मजबूत होगी. यह अपने आप में एक बड़ा बदलाव है.

इस बीच, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिका भी भारत के सहयोग के लिए उत्सुक दिख रहा है. दो शीर्ष अमेरिकी सीनेटरों ने यूएस आर्म्ड कंट्रोल्स एक्सपोर्ट ऐक्ट में बदलाव के लिए एक संशोधन प्रस्ताव पेश किया है, जो भारत के हित में है. यह प्रस्ताव भारत को NATO के अपने सहयोगियों- इजरायल, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कोरिया के समकक्ष लाने के उद्देश्य से पेश किया गया है. इसकी मंजूरी से भारत ITAR (International Traffic in Arms Regulations) की सूची में आ जाएगा और अमेरिका से सैन्य हथियार और उपकरण खरीद सकेगा. अगर संशोधन इस प्रक्रिया के माध्यम से होता है, तो यह भारत और अमेरिका के रिश्तों में बड़े बदलाव का संकेत है.

पड़ोसियों के सुख-दुख में सहभागी
पीएम मोदी ने ‘नेबरहुड फर्स्ट’ की नीति के प्रति अपनी कटिबद्धता जाहिर की. श्रीलंका में ईस्टर के दिन हुए भयावह आतंकी हमले के बाद वहां का दौरा करने वाले पहले वर्ल्ड लीडर पीएम मोदी ही थे.
इसके साथ ही, अब भारत की Emergency Ambulance Service श्रीलंका के सभी नौ प्रांतों में उपलब्ध है. भारत के इस सेवा और सहयोग भाव ने श्रीलंकाई लोगों के दिलों को जीतने का काम किया है.
ईस्टर आतंकी हमले के बाद भारत की Emergency Ambulance Service ने हालात से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी


SCO समिट में भारत के नैरेटिव का बोलबाला
पीएम मोदी ने शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन समिट (SCO)को संबोधित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को प्रभावी तरीके से रखा. उन्होंने सभी देशों से आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहमति बनाने की अपील की. बिश्केक में संपन्न हुए SCO समिट के दौरान पीएम मोदी ने State-Sponsored Terrorism के मुद्दे को मजबूती से उठाया. उन्होंने आतंकवाद को प्रायोजित करने, सहायता देने और धन मुहैया कराने वाले देशों की जिम्मेदारी तय करने और इस मुद्दे पर ग्लोबल कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का आह्वान किया. सभी जानते थे कि उनका इशारा पाकिस्तान की तरफ है. वहां मौजूद होने की वजह से पाकिस्तान के पीएम इमरान खान के लिए यह और भी शर्मनाक था.
G-20 में पीएम मोदी: दूरदृष्टि, भविष्य पर नजर-पीएम मोदी G-20 के चार सत्रों में उपस्थित रहे. इस दौरान उन्होंने 9 द्विपक्षीय बैठकों, 8 निजी मुलाकातों, 2 त्रिपक्षीय बैठकों (जापान-भारत-अमेरिका और रूस-भारत-चीन) और ब्रिक्स नेताओं के साथ एक बैठक में हिस्सा लिया. G-20 के दौरान पीएम मोदी दुनिया के उन नेताओं में शामिल रहे, जिन्होंने इस समिट में सबसे ज्यादा द्विपक्षीय और निजी मुलाकातें कीं.

दुनिया के विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों के साथ उनकी इतनी बैठकें विश्व स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती हैं. उन्होंने कोबे में एक बड़े कम्युनिटी प्रोग्राम में भी हिस्सा लिया. कुल मिलाकर, पीएम मोदी ने सिर्फ 2 दिनों में 25 कार्यक्रमों में भाग लिया!
पीएम मोदी ने सभी महाद्वीपों के नेताओं से मुलाकात की.
अमेरिका (यूएसए और चिली)
अफ्रीका (दक्षिण अफ्रीका)
यूरोप (फ्रांस और जर्मनी)
ऑस्ट्रेलिया
पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी एशिया (चीन, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर और वियतनाम)
पश्चिमी एशिया (सऊदी अरब)
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उठाए मुद्दों को वैश्विक समर्थन
प्रधानमंत्री मोदी ने हेल्थकेयर पर एक सत्र को संबोधित किया और रोग निवारण में भारत के पारंपरिक तौर-तरीकों के साथ-साथ विश्व के सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना, आयुष्मान भारत के बारे में बताया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और गृहमंत्री अमित शाह


उन्होंने आपदा प्रबंधन के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सामूहिक प्रयास का आह्वान किया. प्रधानमंत्री मोदी ने लैंगिक समानता की आवश्यकता पर बल दिया. टेक्नोलॉजी के बारे में बात की और विकास के लिए समाज द्वारा इसे अपनाने की जरूरत पर जोर दिया. 2014 में ब्रिसबेन में हुए G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने काले धन के मुद्दे को उठाया था और यह भी बताया था कि काले धन को वैश्विक स्तर खत्म करना क्यों जरूरी है. इस मुद्दे पर उन्हें व्यापक समर्थन मिला, यहां तक कि G-20 के आधिकारिक बयान में भी इसका विशेष उल्लेख किया गया. तभी से यह एक अन्तर्राष्ट्रीय एजेंडा बना हुआ है.

2019 के G-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने भगोड़े आर्थिक अपराधियों के खिलाफ एकजुट कार्रवाई के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया. 2014 से 2019 तक प्रधानमंत्री मोदी के कामकाज से यह स्पष्ट है कि वे भ्रष्टाचार मुक्त विश्व के लिए काम कर रहे हैं. एक ऐसा विश्व जहां ईमानदार करदाताओं और व्यापारियों के हितों की रक्षा हो, न कि ऐसे गिने-चुने लोगो की, जो टैक्स नहीं चुकाते और अनैतिक व्यापारिक गतिविधियों में लिप्त रहते हैं. हालांकि भारतीय हितों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ओसाका ट्रैक की चर्चा में हिस्सा नहीं लिया. डेटा फ्री फ्लो और ई-कॉमर्स ओसाका के जी- 20 सम्मेलन में प्रधानमंत्री आबे के खास एजेंडों में शामिल था.

आतंकवाद के खिलाफ प्रधानमंत्री के कठोर कदम
चाहे G-20 हो, ब्रिक्स हो या एससीओ, प्रधानमंत्री मोदी आतंक के खिलाफ वैश्विक लड़ाई का नेतृत्व करते रहे हैं. ओसाका G-20 भी इससे अछूता नहीं रहा. प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को आतंकवाद के मुद्दे पर एक सम्मेलन आयोजित करने के लिए कहा और यह विश्वास दिलाया कि भारत उसका पूर्ण समर्थन करेगा.

भारत और अमेरिका - एक सार्थक संवाद
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात की मीडिया में काफी चर्चा हुई. मोदी-ट्रंप के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक सहज और सकारात्मक रही. दोनों नेताओं ने 5-G, व्यापार, ईरान और सुरक्षा संबंधों जैसे विभिन्न पहलुओं पर खुलकर चर्चा की. द्विपक्षीय बैठक के अलावा पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प को विभिन्न सत्रों के दौरान और G-20 नेताओं के लिए आयोजित रात्रिभोज के दौरान लीडर लाउंज में कई बार अनौपचारिक चर्चा करते हुए देखा गया. G-20 नेताओं के रात्रिभोज में भाग लेने वालों ने देखा कि प्रधानमंत्री मोदी की शाम काफी व्यस्त रही. एक तरफ ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन और दूसरी ओर राष्ट्रपति ट्रंप, दोनों ने पीएम मोदी के साथ लंबी बातचीत की.

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First published: July 22, 2019, 9:12 AM IST
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