पाक-चीन से बढ़ते खतरे के बीच भारत बनाएगा 5 मिलिट्री थियेटर कमांड

पाकिस्तान और चीन के लिए अलग-अलग कमांड बनाई जाएगी. (फाइल फोटो)
पाकिस्तान और चीन के लिए अलग-अलग कमांड बनाई जाएगी. (फाइल फोटो)

योजना के मुताबिक, प्रत्येक थिएटर कमांड (Military Theatre Command) में थलसेना, वायुसेना और नौसेना की इकाइयां होंगी तथा वे सभी किसी विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक कमांडर के तहत काम करेंगी.

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  • Last Updated: October 28, 2020, 5:49 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय सेना को 2022 तक पांच थियेटर कमांड (Military Theatre Commands) में पुनर्गठित किया जाएगा. ये थियेटर कमांड निर्धारित क्षेत्रों के आधार पर बनाए जाएंगे. पाकिस्तान (Pakistan) और चीन (China) के लिए अलग-अलग कमांड बनाई जाएगी. कहा जा रहा है कि थियेटर कमांड में बंटवारे के बाद भारतीय सेना अपने लक्ष्य पर ज्यादा फोकस कर पाएगी. हर कमांड के लिए एक विशेष फोकस एरिया होगा.

मोदी सरकार ने सीडीएस बिपिन सिंह रावत को थियेटर कमांड बनाने के लिए इशारा दे दिया है. चीन और अमेरिका जैसे देशों में थियेटर कमांड की व्यवस्था पहले से मौजूद है. उत्तरी कमांड लद्दाख के काराकोरम पास से लेकर अरुणाचल प्रदेश के आखिरी पोस्ट किबिथू तक की जिम्मेदारी देखेगी. इसका हेडक्वार्टर लखनऊ में होगा. ये कमांड चीन से लगती सीमा के लिए होगी. वहीं पश्चिमी कमांड पाकिस्तान से लगती सीमाओं पर अपना फोकस रखेगी. इसका हेडक्वार्टर जयपुर में होगा. तीसरी कमांड तिरुवनंतपुरम में बेस्ड हो सकती है. वहीं चौथी कमांड एयर डिफेंस कमांड होगी और पांचवी नेवी.

भारत के थलसेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे (Army Chief General Manoj Mukund Naravane) ने बीते सप्ताह कहा था कि प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) की नियुक्ति के बाद सैन्य सुधारों में अगला कदम युद्ध एवं शांति के दौरान सेना के तीनों अंगों की क्षमताओं में समन्वय के लिए एकीकृत थिएटर कमान (Theatre Commands) स्थापित करने का होगा. जनरल नरवणे ने साथ ही यह भी कहा था कि थिएटर कमान स्थापित करने की प्रक्रिया ‘सुविचारित’ होगी और इसका परिणाम मिलने में कुछ वर्ष लगेंगे.




भविष्य में सशस्त्र बलों के एकीकरण को लेकर आशावान
थल सेना अध्यक्ष के मुताबिक हर किसी के लिए एकजुटता की भावना से काम करने की आवश्यकता है और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को लेकर विश्वास अत्यंत महत्वपूर्ण है. थलसेना प्रमुख ने अपने संबोधन में सशस्त्र बलों के एकीकरण, थिएटर कमान स्थापित करने और आधुनिकीकरण सहित विभिन्न मुद्दों पर विचार व्यक्त किए थे.

ये काम करेगी थियेटर कमांड
थिएटर कमांड स्थापित करने का मतलब श्रमशक्ति और संसाधनों को तर्कसंगत बनाकर सेना के तीनों अंगों से एक खास संख्या में कर्मियों को संयुक्त सैन्य दृष्टिकोण के साथ एक सामूहिक कमांडर के तहत लाने से है. योजना के मुताबिक, प्रत्येक थिएटर कमान में थलसेना, वायुसेना और नौसेना की इकाइयां होंगी तथा वे सभी किसी विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक कमांडर के तहत काम करेंगी. वर्तमान में थलसेना, वायुसेना और नौसेना की अलग-अलग कमान हैं.
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