Ahmedabad News: गुजरात में खुला ओवैसी की AIMIM का खाता, निकाय चुनाव में अहमदाबाद में जीती 7 सीटें

ओवैसी ने गुजरात में खोला खाता. (File pic)

ओवैसी ने गुजरात में खोला खाता. (File pic)

असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी एआईएमआईएमओवैसी ने अहमदाबाद के जमालपुरा वार्ड की सभी 4 सीटों और मक्तमपुरा की 3 सीटों पर जीत दर्ज की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 24, 2021, 2:46 PM IST
  • Share this:
अहमदाबाद. गुजरात (Gujarat) में छह महानगरों अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा, सूरत, भावनगर और जामनगर में हुए नगर निगम चुनाव (Gujarat elections) के परिणाम मंगलवार को घोषित हो चुके हैं. राज्य के सभी नगर निगमों में बीजेपी (BJP) का भगवा रंग दिख रहा है. बीजेपी ने चुनाव में प्रचंड जीत हासिल की है. मंगलवार को हुई मतगणना में 576 में से 483 सीटें जीतकर बीजेपी ने इन नगर निकायों में अपनी सत्ता बरकरार रखी. कांग्रेस को राज्य में करारी हार का सामना करना पड़ा है. सूरत में आम आदमी पार्टी और अहमदाबाद में असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की एआईएमआईएम को 7 सीटें जीतने में सफलता हासिल हुई है.

सत्तारूढ़ दल बीजेपी ने राज्य के सभी छह नगर निगमों अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, जामनगर और भावनगर में सत्ता बरकरार रखी. इन नगर निगमों के चुनाव के लिए मतदान 21 फरवरी को हुआ था. ओवैसी ने अहमदाबाद के जमालपुरा वार्ड की सभी 4 सीटों और मक्तमपुरा की 3 सीटों पर जीत दर्ज की है. हालांकि, ओवैसी की पार्टी बेहरमपुरा में जीतती दिख रही थी, लेकिन वहां हार गई. जमालपुर में अफसानबानु नसीरुद्दीन चिश्ती, मुश्ताक खदीवाला, बिनबेन परमार, मोहम्मद रफीक शेख ने जीत दर्ज की है. इसलिए मकतपुरा में भी ओवैसी के तीन उम्मीदवारों की जीत के साथ ओवैसी की पतंग कुल 7 सीटों पर बह गई है.

Youtube Video


नगर पालिका चुनावों के परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गुजरात बीजेपी का गढ़ है और वर्तमान में कोई भी इस गढ़ में सेंध नहीं लगा सकता है. यह स्पष्ट है कि गुजरात में भाजपा के जादू को तोड़ने के लिए कांग्रेस एक विपक्षी पार्टी नहीं है.
इस बार कांग्रेस को सूरत में 2015 के चुनावों से ज्यादा नुकसान हुआ है. पाटीदार आरक्षण समिति (PAS) ने चुनाव से पहले कांग्रेस का विरोध किया था. आम आदमी पार्टी ने बड़ी संख्या में चल रहे पाटीदार उम्मीदवारों को टिकट दिया था और उसी निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार किया था. यही वजह है कि सूरत में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया है. सूरत में पिछले चुनावों में भाजपा ने 120 में से 80 और कांग्रेस ने 36 सीटें जीती थीं.



पिछले साल जुलाई में हार्दिक पटेल को गुजरात कांग्रेस कमेटी का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया था. पाटीदार आरक्षण आंदोलन के साथ चर्चा में, हार्दिक ने चुनावों के दौरान पूरे गुजरात में अभियान चलाया. हालांकि, परिणाम स्पष्ट है कि हार्दिक का कदम भी सफल नहीं रहा है. इस प्रकार इस चुनाव में आम आदमी पार्टी का आकार बढ़ गया है. इस प्रकार यह जीत आधार बढ़ाने के लिए किसी आधार से कम नहीं है. कांग्रेस ने इस चुनाव में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन सफल नहीं हुई.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज