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CAA-NRC पर बोले असदुद्दीन ओवैसी- गोली मारनी है तो मेरे सीने पर मारो, मैं कागज नहीं दिखाऊंगा

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Updated: February 10, 2020, 10:51 AM IST
CAA-NRC पर बोले असदुद्दीन ओवैसी- गोली मारनी है तो मेरे सीने पर मारो, मैं कागज नहीं दिखाऊंगा
असदुद्दीन ओवैसी

असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने रविवार को हैदराबाद में एक जनसभा में कहा, 'जो मोदी और शाह के खिलाफ आवाज़ उठाएगा, वो सही मायने में मर्द-ए-मुजाहिद कहलाएगा... मैं वतन में रहूंगा, कागज नहीं दिखाऊंगा.

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  • Last Updated: February 10, 2020, 10:51 AM IST
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हैदराबाद. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने नागरिकता कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर मोदी सरकार को चुनौती दी है. CAA और NRC को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच ओवैसी ने कहा, 'चाहे कुछ भी हो जाए, मैं कोई कागज नहीं दिखाने वाला. मैं दिल पर गोली खाने के लिए तैयार हूं, लेकिन वतन नहीं छोड़ूंगा. मैं हिंदुस्तान में ही रहूंगा.'

असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को हैदराबाद में एक जनसभा में कहा, 'जो मोदी और शाह के खिलाफ आवाज़ उठाएगा, वो सही मायने में मर्द-ए-मुजाहिद कहलाएगा... मैं वतन में रहूंगा, कागज नहीं दिखाऊंगा. कागज अगर दिखाने की बाद होगी तो सीना दिखाऊंगा कि मारो गोली. मारो गोली मेरे सीने पर, क्योंकि मेरे दिल में भारत की मोहब्बत है.'



शाहीन बाग पर पूछे थे सवालइसके पहले पीएम मोदी ने शाहीन बाग में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं का मामला उठाया था. लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए ओवैसी ने कहा था कि खुद को मुस्लिम महिलाओं को भाई कहने वाले पीएम नरेंद्र मोदी अब उनके धरने से डरे क्यों हुए हैं?'

औवेसी ने राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (NRC) लाने पर कोई निर्णय नहीं होने से जुड़े सरकार के बयान का हवाला दिया और प्रधानमंत्री को चुनौती है कि वह सदन में आकर जवाब दें कि क्या एनपीआर और एनआरसी से जुड़े हैं या नहीं.

ओवैसी ने अनुराग ठाकुर को भी दी थी चुनौती
ओवैसी ने वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर के गोली मारो बयान पर भी जवाब दिया था. ओवैसी ने कहा था, 'अनुराग ठाकुर मैं चुनौती देता हूं, भारत में वह जगह बताए, जहां आप मुझे शूट करेंगे और मैं आने को तैयार हूं.' उन्होंने कहा था, 'आपका बयान मुझमें डर पैदा नहीं करेगा, क्योंकि हमारी मां और बहनें बड़ी संख्या में सड़क पर हैं. उन्होंने देश को बचाने का फैसला लिया है.'

shaheen
दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता कानून के खिलाफ 57 दिनों से प्रदर्शन जारी है.


क्या है नागरिकता कानून?
संशोधित नागरिकता कानून के तहत, "कोई भी व्यक्ति जो कि हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी या ईसाई समुदाय से संबंधित है और अफगानिस्तान, बांग्लादेश या पाकिस्तान से 31 दिसंबर, 2014 को या इससे पहले आए हैं, वे भारतीय नागरिकता पाने के योग्य हैं."

यह कानून किसी को भी नागरिकता से वंचित नहीं करता न ही यह किसी को नागरिकता देता है. यह केवल उन लोगों की श्रेणी को संशोधित करता है, जो (नागरिकता के लिए) आवेदन कर सकते हैं. ऐसा उन्हें (आवेदन करने वालों को) "अवैध प्रवासी" की परिभाषा से छूट देकर करता है.

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First published: February 10, 2020, 9:29 AM IST
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