लाइव टीवी

अमित शाह ने सीएए पर दी चुनौती, ओवैसी बोले-किसी ‘दाढ़ी वाले के साथ’ करें बहस

भाषा
Updated: January 22, 2020, 7:14 PM IST
अमित शाह ने सीएए पर दी चुनौती, ओवैसी बोले-किसी ‘दाढ़ी वाले के साथ’ करें बहस
अमित शाह की चुनौती पर असदुद्दीन ओवैसी ने जवाब दिया. Photo.PTI

संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के समर्थन में आयोजित एक रैली में गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा था कि सीएए को वापस नहीं लिया जाएगा और जो प्रदर्शन कर रहें है वे करते रहें. उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं को संशोधित कानून (citizenship amendment act) पर सार्वजनिक बहस की चुनौती भी दी थी. इस पर असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने जवाब दिया.

  • Share this:
हैदराबाद. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) को बुधवार को चुनौती दी कि वह विपक्ष के नेताओं की बजाय सीएए पर उनके साथ बहस करें. नगर निकाय चुनाव से पहले करीमनगर में एक रैली को संबोधित करते हुए मंगलवार रात हैदराबाद से सांसद ने कहा कि गृह मंत्री ने विपक्षी नेताओं को सीएए (CAA) पर बहस के लिए आमंत्रित किया है, जबकि उन्होंने शाह को उनसे इस कानून पर बहस करने को कहा था. लखनऊ में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के समर्थन में आयोजित एक रैली में शाह ने कहा था कि सीएए को वापस नहीं लिया जाएगा और जो प्रदर्शन कर रहें है वे करते रहें. उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं को संशोधित कानून पर सार्वजनिक बहस की चुनौती भी दी थी.

अमित शाह (Amit Shah) ने विपक्ष पर सीएए के खिलाफ लोगों को ‘गुमराह’ करने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी (Rahul Gandhi), ममता बनर्जी (Mamata Banerjee), अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और मायावती को सार्वजनिक तौर पर इस पर बहस करने की चुनौती दी थी. अमित शाह की चुनौती पर प्रतिक्रिया देते हुए औवेसी ने कहा, ‘मैं यहां हूं.... मेरे साथ बहस करें... इन लोगों के साथ क्यों बहस करनी है... ‘दाढ़ी वाले से करो ना.’ हम सीएए, एनपीआर और एनआरसी पर बहस और बात करेंगे.’ एआईएमआईएम प्रमुख ने केन्द्रीय बजट की ‘हलवा’ रस्म का जिक्र करते हुए भाजपा पर स्थानों का नाम बदलने को लेकर निशाना साधा.

उन्होंने कहा, ‘भाजपा ने कहा है कि वह नाम बदलेंगे. मैं उनसे पूछना चाहूंगा कि ‘हलवा’ शब्द कहां से आया है? यह अरबी शब्द है. यह हिंदी या उर्दू शब्द नहीं है. अब अरबी शब्द भी हटा दें.’ उन्होंने कहा, ‘वे (भाजपा) कहते हैं कि वे नाम बदलेंगे. इंशाअल्लाह देश के लोग आपको बदलेंगे. याद रखें मैं हलवा नहीं लाल मिर्च हूं.’ इस बीच, एआईएमआईएम ने तेलंगाना राज्य चुनाव आयोग से शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव में प्रायोगिक तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे ‘फेस रिकग्निशन ऐप’ का उपयोग ना करने का अनुरोध किया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह अन्य उल्लंघनों सहित नागरिकों की निजता का उल्लंघन है.

यह भी पढ़ें...

इनकम टैक्स स्लैब में हो सकता है बड़ा बदलाव!20 लाख तक कमाने वालों को होगा फायदा

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 22, 2020, 6:01 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर