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ओवैसी ने मिलियन मार्च के जवाब में निकाली तिरंगा रैली, लोगों से बोले-किसी को कागज न दिखाएं

Sanjay Tiwari | News18Hindi
Updated: January 10, 2020, 7:50 PM IST
ओवैसी ने मिलियन मार्च के जवाब में निकाली तिरंगा रैली, लोगों से बोले-किसी को कागज न दिखाएं
हैदराबाद के पुराने शहर में मीर आलम ईदगाह से शुरू हुई तिरंगा रैली शास्त्रीपुरम ग्राउंड में जाकर जनसभा में तब्दील हो गई.

CAA, NRC और NPR के विरोध में हैदराबाद में असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की अगुवाई में तिरंगा रैली का आयोजन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया. माना जा रहा है कि ओवैसी ने ये रैली मिलियन मार्च के जवाब में निकाली है जो 4 जनवरी को मुश्ताक मलिक ने आयोजित की थी.

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  • Last Updated: January 10, 2020, 7:50 PM IST
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हैदराबाद. AIMIM के मुखिया और सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने लोगों से कहा है कि वह किसी भी सरकारी कर्मचारी या पुलिसवाले को आधार कार्ड (Aadhar card) या पहचान पत्र नहीं दिखाएं. ओवैसी ने सरकार और पुलिस को चेतावनी देने वाले अंदाज में कहा है कि उन्हें भी लोगों से आधार कार्ड या पहचान उजागर करने वाले दस्तावेज नहीं मांगने चाहिए. सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने यह बात हैदराबाद में यूनाइटेड मुस्लिम एक्शन कमेटी की तिरंगा रैली (Tiranga rally) में कही. CAA, NRC और NPR के विरोध में हैदराबाद में असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई में तिरंगा रैली का आयोजन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया. माना जा रहा है कि ओवैसी ने ये रैली मिलियन मार्च के जवाब में निकाली है जो 4 जनवरी को मुश्ताक मलिक ने आयोजित की थी.

हैदराबाद के पुराने शहर में मीर आलम ईदगाह से शुरू हुई तिरंगा रैली शास्त्रीपुरम ग्राउंड में जाकर जनसभा में तब्दील हो गई. असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से नागरिकता संशोधन कानून को वापस लेने की मांग की है. उन्होंने कहा कि हैदराबाद और तेलंगाना की जनता नागरिकता संशोधन कानून को खारिज करती है और सरकार से गुजारिश करती है कि वो इसे वापस ले. साथ ही ओवैसी ने कहा कि एनपीआर पर काम रोक दिया जाए और एनआरसी पर कभी काम नहीं किया जाए. इसके बाद ओवैसी ने लोगों से पूछा कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी या पुलिसवाला उनसे आधार कार्ड या दूसरे कागजात मांगता है, तो वो क्या करेंगे? फिर इसका जवाब देते हुए कहा कि आधार नहीं दिखाएंगे और सरकारी कर्मचारियों से सिर्फ यही कहेंगे कि वह भारत के नागरिक हैं.

4 जनवरी को मिलियन मार्च का आयोजन हुआ था
ओवैसी इतने पर ही नहीं रुके, उन्होंने सरकार और पुलिस को चेतावनी देने वाले अंदाज में कहा कि वह लोगों से आधार कार्ड या पहचान उजागर करने वाले दस्तावेज नहीं मांगे. ओवैसी की तिरंगा रैली से पहले 4 जनवरी को हैदराबाद में CAA, NRC और NPR के विरोध में मिलियन मार्च का आयोजन किया गया था. मिलियन मार्च असदुद्दीन ओवैसी और उनकी पार्टी शामिल नहीं थी. बावजूद इसके हजारों की संख्या में लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया था. इसके बाद मिलियन मार्च का आयोजन करने वाले मुश्ताक मलिक सुर्खियों में आ गए और नए सियासी विकल्प के तौर पर चर्चा का विषय बन गए. लिहाजा ओवैसी ने यूनाइटेड मुस्लिम एक्शन कमेटी के नाम पर तिरंगा रैली का ऐलान किया.



माना जा रहा है कि तिरंगा रैली के जरिए ओवैसी ने शक्ति प्रदर्शन करके यह बताने की कोशिश की है कि मुस्लिम समाज के वही सबसे बड़े नेता हैं. तिरंगा रैली के अलावा यूनाइटेड मुस्लिम एक्शन कमेटी की तरफ से 25 जनवरी की अर्धरात्रि को चारमीनार पर बड़ी जनसभा और झंडा वंदन का कार्यक्रम रखा गया है. इसके अलावा 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर मानव श्रंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.



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First published: January 10, 2020, 7:21 PM IST
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