Bihar Chunav Result 2020: बिहार के बाद UP और बंगाल में भी ओवैसी बिगाड़ेंगे खेल, इन पार्टियों को खतरा!

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि वो यूपी और पश्चिम बंगाल का चुनाव लड़ेंगे. (फाइल फोटो)
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि वो यूपी और पश्चिम बंगाल का चुनाव लड़ेंगे. (फाइल फोटो)

Bihar Assembly Election Result 2020: असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी AIMIM ने सीमांचल में 5 सीटें जीतकर कमाल कर दिया. चुनावी विश्लेषक ओवैसी की पार्टी के इस कमाल को भांप नहीं पाए. जीत से उत्साहित ओवैसी ने साफ शब्दों में कह दिया है कि बंगाल और यूपी का चुनाव भी लड़ूंगा,क्या कर लेंगे आप?

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 11, 2020, 6:23 AM IST
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नई दिल्ली. बिहार चुनाव (Bihar Assembly Election) के नतीजों पर सबकी आंखें टिकी थीं. कयासों का अंबार लगा था. लेकिन जब नतीजे आए तो चुनाव विश्लेषकों (Election Experts) की भविष्यवाणी धरी की धरी रह गई. एनडीए ने अपना सिक्का जमाया तो आरजेडी ने भी पूरी टक्कर दी. लेकिन इस बीच असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी AIMIM ने सीमांचल में 5 सीटें जीतकर कमाल कर दिया. चुनावी विश्लेषक ओवैसी की पार्टी के इस कमाल को भांप नहीं पाए. दरअसल गणित यह लगाया जा रहा था की सीमांचल में मुस्लिम आबादी ज्यादा है. ऐसे में जनता एनडीए को हराने के लिए वोट करेगी और इसका फायदा महागठबंधन को होगा. लेकिन असदुद्दीन ओवैसी की झोली में इतनी सीटें आ जाएंगी इसकी उम्मीद किसी को नहीं थी.

बिहार के बाद यूपी और बंगाल में भी चुनाव लड़ने का ऐलान
महागठबंधन के मुखिया तेजस्वी यादव और राहुल गांधी लगातार ओवैसी पर वोट काटने का आरोप मढ़ते आ रहे हैं. इतना ही नहीं ओवैसी पर बीजेपी की बी पार्टी होने का भी आरोप खूब लगा. लेकिन अब जीत से उत्साहित ओवैसी ने साफ शब्दों में कह दिया है कि बंगाल और यूपी का चुनाव भी लड़ूंगा,क्या कर लेंगे आप? चुनाव लड़ना हमारा काम है और हमें यह अधिकार लोकतंत्र ने दिया है.

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बंगाल के लिए खतरे की घंटी


पश्चिम बंगाल में तकरीबन 30 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है. 2019 के लोकसभा चुनाव में राज्य की 42 में से 18 सीटें बीजेपी ने जीती थी. वोट प्रतिशत में सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी में मामूली अंतर रह गया था. जहां बीजेपी को 40.25 प्रतिशत वोट मिले थे तो वहीं 43.29 प्रतिशत वोट मिले थे. मुस्लिमों को लुभाने की राजनीति में माहिर ममता के लिए ओवैसी चुनौती बन सकते हैं. बिहार में जिस तरह से मुस्लिमों ने ओवैसी की पार्टी को वोट दिया उससे साफ है कि अब देश में मुसलमान ओवैसी को विकल्प के तौर देखने लगे हैं. ऐसे में अगर प. बंगाल में ओवैसी की पार्टी चुनाव लड़ती है तो इसका फायदा बीजेपी को और नुकसान सीधा तृणमूल को होगा.

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UP में बसपा के साथ AIMIM का गठजोड़ बिगाड़ सकता है सपा-कांग्रेस का खेल
बिहार में ओवैसी की पार्टी बसपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. बसपा को एक सीट और AIMIM को पांच सीटें मिलीं. दलितों की राजनीति करने वाली बसपा के साथ अगर ओवैसी चुनावी मैदान में उतरते है तो नुकसान सीधा कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को होगा. यूपी में परंपरागत ढंग से मुस्लिम-यादव वोट सपा के पाले में जाते हैं. लेकिन अगर बिहार की तरह यूपी का मुस्लिम भी ओवैसी को अपनाता है तो सपा के लिए यह खतरे की घंटी होगी.
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