6 लाख की नौकरी छोड़ 'बाल भिक्षावृत्ति मुक्त’ मिशन पर निकला युवक

भारत में बाल भिक्षावृत्ति को जड़ से खत्म करने के लिए आशीष नाम का युवक एक मिशन पर निकला. जिसका संकल्प 'बाल भिक्षावृत्ति मुक्त भारत' बनाना है.

News18Hindi
Updated: October 9, 2018, 11:45 PM IST
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भारत में बाल भिक्षावृत्ति सिर्फ मजबूरी नहीं, बल्कि एक बिजनेस बन गया है. कई रिपोर्टों में यह बात सामने आई है कि बाल भिक्षावृत्ति का यह पूरा धंधा बड़े सुनियोजित ढंग से चलाया जाता है. सड़कों पर भीख मांगने के लिए बच्चों को इस तरह प्रशिक्षित किया जाता है कि वे लोगों का भावनात्मक स्तर पर फायदा उठा सकें. ऐसी ही बाल भिक्षावृत्ति को जड़ से खत्म करने के लिए दिल्ली के युवा इंजीनियर आशीष शर्मा एक मिशन पर निकले हैं. जिसका संकल्प 'बाल भिक्षावृत्ति मुक्त भारत' बनाना है. आशीष का मिशन देशभर में 17 हजार किमी पदयात्रा करना है.

इसी मिशन के तहत आशीष अब तक देशभर में 10 हजार किलोमीटर की पदयात्रा पूरी कर चुके हैं. उन्होंने 22 अगस्त 2017 को उधमपुर से पैदल यात्रा शुरू की थी. जिसमें आशीष ने रोजाना 32 किलोमीटर का पैदल सफर तय किया. इनमें 139 जिले, 197 शहर, 5 हजार गांव का दौरा कर बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए लोगों को जागरुक किया. साथी ही भीख मांगने वाले बच्चों को स्कूल जाने की प्रेरणा दी.

आशीष का मकसद है भारत में बाल भिक्षावृत्ति जड़ से खत्म किया जाए. इसी मिशन के तहत वह पूरे देश में अलख जगाने निकले हैं. आशीष फिलहाल पश्चिम बंगाल के वेस्ट मिदनापुर के उस इलाके में हैं. जिसे गंदी बस्ती और झोपड़पट्टी के नाम से पहचाना जाता है. यहां आशीष को ढेर सारे वैसे बच्चे मिले जो पूरे दिन भीख मांगने का काम करते हैं.

आशीष ने कहा कि बेहतर है कि इस मुद्दे को जड़ से खत्म किया जाए. वो व्यक्तिगत तौर पर कुछ बच्चों को ही भिक्षावृत्ति से मुक्त करा पाते. लेकिन अब समाज-शासन की मदद से उन्मुक्त इंडिया का संकल्प लेकर निकले हैं.

6 लाख के पैकेज की छोड़ी नौकरी
आशीष शर्मा दिल्ली के समसपुर निवासी सुरेश शर्मा के पुत्र हैं. वे पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर हैं. एक कंपनी में छह लाख रुपये के पैकेज की नौकरी करते थे, लेकिन एक दिन राह में एक बच्चे को भीख मांगते देखकर उन्होंने अपने जीवन की दिशा को बदल लिया और देशभर में बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए अभियान छेड़ दिया. आशीष अब तक 9 जिलों में बाल भिक्षावृत्ति को मुक्त करा चुके हैं. उनकी अगले साल दिल्ली में एक सम्मेलन की भी योजना है. जिसमें सभी राज्यों की सरकारों से इस मिशन के लिए सहयोग मांगा जाएगा. आशीष का संकल्प 14 जून 2019 को उन्मुक्त दिवस, उन्मुक्त इंडिया का है.

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