होम /न्यूज /राष्ट्र /अशोक गहलोत ने राजस्थान विद्रोह के लिए मांगी 'माफी', क्या मान जाएगा गांधी परिवार? जानें 10 खास बातें

अशोक गहलोत ने राजस्थान विद्रोह के लिए मांगी 'माफी', क्या मान जाएगा गांधी परिवार? जानें 10 खास बातें

राजस्थान कांग्रेस सीएम अशोक गहलोत और पार्टी के युवा नेता सचिन पायलट के बीच चल रही वर्चस्व की जंग में आहत हो रही है.

राजस्थान कांग्रेस सीएम अशोक गहलोत और पार्टी के युवा नेता सचिन पायलट के बीच चल रही वर्चस्व की जंग में आहत हो रही है.

Rajasthan Congress: राजस्थान कांग्रेस सीएम अशोक गहलोत और पार्टी के युवा नेता सचिन पायलट के बीच चल रही वर्चस्व की जंग मे ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated :

जयपुर. कांग्रेस की राजस्थान इकाई में चल रहे संकट को दूर करने के मकसद से पार्टी आलाकमान ने सोमवार को प्रयास तेज कर दिए. इसी क्रम में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दोनों पर्यवेक्षकों मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन से लिखित रिपोर्ट तलब की और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ भी इस पूरे मामले पर चर्चा की.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थक विधायकों की बगावत के बाद अब उनके कांग्रेस अध्यक्ष पद पर काबिज होने को लेकर भी संशय पैदा होने लगा है. खबर है कि गहलोत ने राजस्थान में मचे बवाल के लिए माफी मांगी है, लेकिन गांधी परिवार कांग्रेस को ‘अपमानित’ करने के लिए उनसे नाराज बताया जा रहा है.

सूत्रों ने बताया कि अशोक गहलोत ने केंद्रीय पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलकर इस पूरे घटनाक्रम के लिए माफी मांगी थी. वह कल विधायक दल की बैठक के लिए जयपुर में थे. सूत्रों ने कहा कि विधायकों की समानांतर बैठक और उनके बाद के विद्रोह को एक ‘गलती‘ कहते हुए गहलोत ने कहा था कि ‘ऐसा नहीं होना चाहिए था‘ उन्होंने यह भी कहा था कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है.
सूत्रों के अनुसार मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अशोक गहलोत भले इसमें कोई भागीदारी न होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी सहमति के बिना ऐसा विद्रोह नहीं हो सकता था.
राजस्थान संकट के चरम पर होने के साथ एक और संभावित उम्मीदवार कमलनाथ दिल्ली पहुंचे और सोनिया गांधी से मुलाकात कर रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि वह राजस्थान संकट में मध्यस्थता कर सकते हैं.
रविवार गहलोत का समर्थन करने वाले विधायकों ने सामूहिक इस्तीफे की धमकी दी थी. विधायकों ने कहा था कि यदि वह कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाते हैं तो वे अपने प्रतिद्वंद्वी सचिन पायलट को राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे. वे रविवार को प्रस्ताविक पार्टी की बैठक में भी शामिल नहीं हुए और अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे से बात करने से इनकार कर दिया, जिन्होंने उनसे आमने-सामने मिलने के लिए कहा था.
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे से साफ कहा था कि वह कांग्रेस के वफादार के लिए कुर्सी छोड़ेंगे, 'गद्दार' के लिए नहीं! फिलहाल गहलोत अपना समर्थन दिखाने और शक्ति प्रदर्शन करने के बाद मामले को ठंडा रखना चाहते हैं.
गहलोत के समर्थक कह रहे हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के बाद मुख्यमंत्री का फैसला होना चाहिए. इस मामले में कोई जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए. अशोक गहलोत और उनके समर्थक विधायकों को अब आलाकमान के अगले निर्देश का इंतजार है.
राजस्थान में नए सीएम को लेकर पैदा हुए राजनीतिक संकट को शांत रखने के लिए कांग्रेस आलाकमान ने अब आगामी 19 अक्टूबर तक विधायक दल की बैठक नहीं करने का फैसला लिया है. अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच छिड़े सियासी जंग के कारण रविवार रात यह फैसला लिया गया. 
गहलोत कैंप की पहली शर्त है यह कि पार्टी हाईकमान विधायकों से ये वादा करे कि अगला सीएम सचिन पायलट को नहीं बनाया जाएगा. इतना ही नहीं पायलट के समर्थक किसी नेता को भी ये पद नहीं दिए जाने की मांग की गई है. गहलोत कैंप की दूसरी मांग है कि गहलोत की जगह नया सीएम उन विधायकों में से बनाया जाए, जिन्होंने दो साल पहले गहलोत सरकार बचाई थी न कि उनको जो सरकार गिराने वालों में शामिल थे.
अशोक गहलोत के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिये नामांकन भरने पर संशय पैदा हो गया है. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव और राजस्थान में सरकार के नेतृत्व परिवर्तन के बीच उपजे हालात के बाद अब राजनीतिक समीकरण बदलने लगे हैं.राजस्थान की सत्ता के लिए रविवार देर रात हुये संग्राम के बाद अब इस बात की चर्चा जोरों पर है कि अशोक गहलोत के राष्ट्रीय अध्य्क्ष का नॉमिनेशन करेंगे या नहीं.
राजस्थान प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने विधायक दल की बैठक के निर्देश दिए थे. सीएम अशोक गहलोत की सहमति के बाद ही विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन कोई भी विधायक बैठक में शामिल होने नहीं पहुंचा. अधिकांश विधायकों ने आलाकमान के आदेशों अवहेलना की है.

Tags: Ashok gehlot, Jaipur news, Rahul gandhi, Sachin pilot

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें