राहुल गांधी फिर बनें कांग्रेस के अध्‍यक्ष, अशोक गहलोत ने CWC मींटिंग में की मांग

राहुल गांधी फिर बनें कांग्रेस के अध्‍यक्ष, अशोक गहलोत ने CWC मींटिंग में की मांग
राहुल गांधी को फिर अध्‍यक्ष बनाने की उठी मांग.

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने 2017 में कांग्रेस अध्‍यक्ष (Congress President ) का पदभार संभाला था और 2019 में लोकसभा चुनाव में हार के बाद पद से इस्‍तीफा दे दिया था.

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नई दिल्‍ली. कांग्रेस (Congress) की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) की अगुवाई में वीडियो कान्‍फ्रेंस के माध्यम से मंगलवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक हुई, जिसमें भारत-चीन गतिरोध, कोविड संकट, अर्थव्यवस्था की स्थिति और पेट्रोल-डीजल के दाम में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर चर्चा की गई. इस बैठक में राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने मांग उठाई कि राहुल गांधी (Rahul gandhi) को फिर से कांग्रेस का अध्‍यक्ष बनाया जाना चाहिए.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक यूथ कांग्रेस के अध्‍यक्ष श्रीनिवास ने भी अशोक गहलोत की इस मांग का समर्थन किया. बता दें कि राहुल गांधी ने 2017 में कांग्रेस अध्‍यक्ष का पदभार संभाला था और 2019 में लोकसभा चुनाव में हार के बाद पद से इस्‍तीफा दे दिया था. उनके इस्‍तीफे के बाद सोनिया गांधी ने कांग्रेस की अंतरिम अध्‍यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया था.

वहीं कांग्रेस की शीर्ष नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने भारत-चीन गतिरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया टिप्पणी को चीनी रुख को बल देने वाला बयान करार देते हुए मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री की बातों का दूरगामी प्रभाव होगा. सीडब्ल्यूसी ने एक बयान में यह सवाल भी किया कि सरकार लद्दाख में चीनी कब्जे से भारतीय जमीन के मुक्त कराने और पूर्व यथास्थिति बहाल करने के लिए क्या कदम उठाएगी ?



सीडब्ल्यूसी ने भारतीय सेना के प्रति एकजुटता एवं कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा, 'गलवान घाटी, पेंगोग सो (झील) और हॉट स्प्रिंग्स के भारतीय इलाकों में जबरन चीनी घुसपैठ की अनेक खबरों पर कांग्रेस कार्यसमिति गहन चिंता व्यक्त करती है. चीन सहित किसी को भी इस बात में संदेह नहीं होना चाहिए कि ये इलाके भारत के अखंड भूभाग के अभिन्न व अविभाज्य हिस्से हैं.'
सीडब्ल्यूसी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मई से लेकर आज तक अनेक बार चीन की घुसपैठ के विरुद्ध हमारी भूभागीय अखंडता की रक्षा एवं सुरक्षा का मामला उठाया, लेकिन सरकार एवं सरकार के सहयोगियों ने जवाब में केवल हर बात को खारिज करने, गुमराह करने व भ्रमित करने की नीति अपनाई.

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कांग्रेस की कार्य समिति ने कोरोना के उपचार में निजी अस्पतालों द्वारा अधिक पैसे वसूले जाने और सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं के अभाव को लेकर चिंता प्रकट की और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने सबकुछ राज्यों के ऊपर डालकर अपना पल्ला झाड़ लिया है.

उसने सरकार पर पेट्रोल-डीजल कीमतें बढ़ाकर ‘मुनाफाखोरी’ करने का आरोप लगाया और आग्रह किया कि कच्चे तेल की कीमत में गिरावट का लाभ आम उपभोक्ताओं को भी दिया जाना चाहिए. सीडब्ल्यूसी ने यह भी कहा कि मनरेगा के तहत कार्यदिवस को 200 दिन किया जाए, बिना राशनकार्ड वाले गरीबों के लिए अस्थायी राशनकार्ड बनाया जाए और गरीबों के हाथों में सीधे पैसे दिए जाएं.
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