CISF अधिकारी के सवाल पर कनिमोई ने पूछा- भारतीय होना हिंदी जानने के बराबर कब से हो गया?

CISF अधिकारी के सवाल पर कनिमोई ने पूछा- भारतीय होना हिंदी जानने के बराबर कब से हो गया?
डीएमके नेता ने कहा ये लोग हिंदी को थोपने का एजेंडा चला रहे हैं, जिसे नई शिक्षा नीति में भी जोड़ा गया है. (File Photo)

डीएमके सांसद कनिमोई (DMK MP Kanimozhi) ने रविवार को कहा कि जब उन्होंने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (Central Industrial Security Forces) की एक अधिकारी से तमिल (Tamil) या अंग्रेजी (English) में बोलने को कहा तब वह पूछ बैठी कि क्या आप भारतीय हैं.

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  • Last Updated: August 9, 2020, 7:04 PM IST
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चेन्नई. द्रविड़ मुनेत्र कषगम (Dravida Munnetra Kazhagam) की सांसद कनिमोई (Kanimozhi) ने रविवार को कहा कि जब उन्होंने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (Central Industrial Security Forces) की एक अधिकारी से तमिल (Tamil) या अंग्रेजी (English) में बोलने को कहा तब वह पूछ बैठी कि क्या आप भारतीय हैं. कनिमोई ने ट्वीट किया, ‘‘आज हवाई अड्डे पर जब मैंने सीआईएसएफ (CISF) की एक अधिकारी से कहा कि वह तमिल या अंग्रेजी में बोलें क्योंकि मैं हिंदी नहीं जानती, तब उन्होंने मुझसे सवाल किया कि क्या ‘मैं भारतीय हूं.’ ’’

सांसद ने लिखा, ‘‘ मैं जानना चाहूंगी कि कब से भारतीय होना हिंदी जानने के बराबर हो गया है यानी भारतीय होने के लिए हिंदी जानना जरूरी है? #हिंदीथोपना.’’  द्रमुक की महिला शाखा की सचिव (Women's wing secretary, Dravida Munnetra Kazhagam) के इस ट्वीट का सोशल मीडिया (Social Media) पर कई लोगों ने समर्थन किया. एक ने लिखा, ‘‘ मैं भारतीय हूं और हिंदी का उससे कोई लेना-देना नहीं है
बाद में कनिमोई ने न्यूज18 से कहा कि किसी को भी उनकी भारतीयता पर सवाल खड़े करने का कोई अधिकार नहीं हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी इसे राष्ट्रीय रंग देना चाहती है. उन्होंने कहा मैं उतनी ही भारतीय हूं जितना कि कोई और है.ये भी पढ़ें- येडियुरप्पा बोले- PM किसान योजना से कर्नाटक के 52.5 लाख किसानों को मिला लाभडीएमके नेता ने कहा ये लोग हिंदी को थोपने का एजेंडा चला रहे हैं, जिसे नई शिक्षा नीति में भी जोड़ा गया है.सीआईएसएफ ने दिए कार्रवाई के निर्देशइस मामले में सीआईएसएफ ने बाद में बयान जारी कर सांसद से माफी मांगी है. इसके साथ ही मामले में आगे कार्रवाई करने के आदेश दे दिए हैं.

बल ने ट्वीट किया किया कि सीआईएसएफ की ऐसी नीति नहीं है जिसमें कि किसी को भी कोई विशेष भाषा को बोलने के लिए बाध्य किया जाए.
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