Assembly Banner 2021

Assam Assembly Election: भूपेश बघेल का दावा- असम में कांग्रेस 126 में 100 पर हासिल करेगी जीत

 छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजेपी की बड़ी हार का दावा किया है.

छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजेपी की बड़ी हार का दावा किया है.

Assam Assembly Election: असम (Assam) की बीजेपी सरकार के खिलाफ 12 सूत्री आरोप पत्र जारी करते हुए कांग्रेस (Congress) ने सरकार पर राज्य के लोगों पर संशोधित नागरिकता कानून थोपने और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) की प्रक्रिया रोकने का आरोप लगाया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 15, 2021, 8:39 AM IST
  • Share this:
डिब्रूगढ़. महाराष्‍ट्र में शिवसेना और कांग्रेस (Congress) के साथ गठबंधन में शामिल राकांपा प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) विधानसभा चुनाव (Assembly Election) से ठीक पहले भले ही असम (Assam) में बीजेपी को मजबूत मान रहे हों लेकिन कांग्रेस नेता और छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने असम में कांग्रेस गठबंधन की जीत का दावा किया है. अपनी तीन दिन की यात्रा के दौरान उन्‍होंने कहा कि असम में सत्तारूढ़ भाजपा अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है. भूपेश बघेल ने कहा, असम की 126 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस गठबंधन केा 100 सीटे मिलना अब लगभग तय हो चुका है.

असम चुनाव को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक बघेल ने कहा कि भाजपा ने बांग्लादेश से लगी राज्य की सीमा को बंद करने और ब्रह्मपुत्र नदी के दोनों ओर एक्सप्रेसवे बनाने का वादा किया था, लेकिन बीते पांच साल में उनमें से एक भी वादा पूरा नहीं किया. बघेल ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं को अब तक ये नहीं समझ में आया है कि राज्‍य का मुख्‍यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल हैं या फिर हिमंत बिस्वा सरमा.

इसे भी पढ़ें :- असम विधानसभा चुनाव: कांग्रेस ने जारी की दूसरे चरण के 26 उम्मीदवारों के नामों की सूची
असम की भारतीय जनता पार्टी सरकार के खिलाफ 12 सूत्री आरोप पत्र जारी करते हुए कांग्रेस ने सरकार पर राज्य के लोगों पर संशोधित नागरिकता कानून थोपने और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) की प्रक्रिया रोकने का आरोप लगाया. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव जितेंद्र सिंह ने बताया कि सत्ता में आने से पहले भारतीय जनता पार्टी ने ‘जाति-माटी-भेटी’ की रक्षा का वादा किया था लेकिन इसकी जगह पार्टी ने संशोधित नागरिकता कानून असम के लोगों पर थोप दिया.



इसे भी पढ़ें :- शरद पवार की भविष्यवाणी! असम को छोड़कर बाकि राज्यों में चुनाव हारेगी बीजेपी

उन्होंने कहा कि सीएए, असम के लोगों की भाषा, संस्कृति एवं पहचान के लिये खतरा है क्योंकि इसके (सीएए) तहत अवैध प्रवासियों को असम में बसने की व्यवस्था की गयी है. उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार असम समझौते और खंड 6 को इसकी भावना के अनुरूप लागू करने में विफल हुयी है, जैसा कि पार्टी ने वादा किया था. बता दें कि असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 27 मार्च से छह अप्रैल के बीच तीन चरणों में चुनाव होगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज