Assam Election: अमित शाह बोले- बदरुद्दीन को गोद में बैठाते हैं राहुल गांधी, आनी चाहिए शर्म

धेमाजी जिले में रैली करते हुए अमित शाह (PTI)

धेमाजी जिले में रैली करते हुए अमित शाह (PTI)

Assam Assembly Elections 2021: उत्तर-पूर्व के सबसे बड़े राज्य असम में तीन चरणों में विधानसभा चुनाव संपन्न कराए जाएंगे. राज्य में 27 मार्च को पहले चरण में 47 सीटों पर वोटिंग होगी. इसके बाद 1 अप्रैल को 39 सीटों पर दूसरे चरण और 6 अप्रैल को तीसरे चरण में 30 सीटों पर वोटिंग होगी. यहां भी काउंटिंग 2 मई को की जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 22, 2021, 4:15 PM IST
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गुवाहाटी. असम में 27 मार्च से 6 अप्रैल के बीच विधानसभा चुनाव (Assam Assembly Elections 2021) होने हैं. अमित शाह (Amit Shah) आज असम के दौरे पर हैं. शाह ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. बीजेपी की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा- 'हमने (BJP) ने विकास के लिए कार्य किया है, जबकि कांग्रेस बदरुद्दीन अजमल (Badaruddin Ajmal) के साथ गठबंधन कर रही है. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को अजमल के साथ गठबंधन करने पर शर्म आना चाहिए.'

धेमाजी जिले में रैली करते हुए अमित शाह ने कहा कि एक तरफ राहुल और बदरुद्दीन अजमल की कांग्रेस है. दूसरी तरफ मोदी की बीजेपी है. कांग्रेस की नीति है झगड़ा कराओ, तोड़ो और राज करो. इन्होंने असमियों-बंगालियों के बीच झगड़ा कराया, अपर असम–लोवर असम के बीच झगड़ा कराया. शाह ने आगे कहा, 'कांग्रेस के सत्ता में आने का मतलब अशांति आना है. असम में 10 साल तक कांग्रेस का शासन था. गोलियां चल रही थीं, लोग मर रहे थे, दिनों दिन तक कर्फ्यू था. आतंकवादी, आतंकवाद का नंगा नाच, नाच रहे थे. आतंकवाद ने सारी हदें लांघ दी थीं. पांच साल पहले बीजेपी सरकार आई उसके बाद से असम में शांति है.'

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कांग्रेस तोड़ने का काम करती है, हम जोड़ने का

अमित शाह ने कहा कि आपने 5 साल बीजेपी को दिए, आज असम विकास के रास्ते पर चल पड़ा है. अब छोटी-छोटी जनजातियों को जोड़कर विकास का कार्य किया जाएगा. पांच साल में कांग्रेस ने तोड़ा और हमने जोड़ने का काम किया.

'कांग्रेस सत्ता में आई तो होगी घुसपैठ'



गृहमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी गोद में बदरुद्दीन अजमल को बैठाया है, अगर इनके हाथ में सत्ता आ गई तो, बे-रोकटोक घुसपैठ होगी. शाह ने कहा कि राहुल गांधी आए थे, असम की अस्मिता की बात करते हैं और बदरुद्दीन को साथ लेकर चलते हो? बोडोलैंड की समस्या असम को चैन से सोने नहीं देती थी आज समझौता कराकर बीजेपी ने असम में शांति कायम की है.

असम में कब है चुनाव?

उत्तर-पूर्व के सबसे बड़े राज्य असम में तीन चरणों में विधानसभा चुनाव संपन्न कराए जाएंगे. राज्य में 27 मार्च को पहले चरण में 47 सीटों पर वोटिंग होगी. इसके बाद 1 अप्रैल को 39 सीटों पर दूसरे चरण और 6 अप्रैल को तीसरे चरण में 30 सीटों पर वोटिंग होगी. यहां भी काउंटिंग 2 मई को की जाएगी.

अगर आगामी विधानसभा चुनाव की बात करें तो राज्य में भाजपा के लिए कुछ मुद्दों पर मुश्किलें खड़ी होती नजर आ रही हैं. साल 2019 में केंद्र द्वारा शीतकालीन सत्र में पारित नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 का असम में काफी विरोध हुआ था. असम के लोगों का दावा था कि इससे उनकी सांस्कृतिक स्थितियां पलट सकती हैं. पूर्वोत्तर के इस अहम राज्य में बीजेपी के लिए उस वक्त मुश्किल और ज्यादा खड़ी हो गई जब कई पार्टी नेता ही कानून के खिलाफ चले गए.

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क्या कहते हैं आंकड़े?

अगर आंकड़ों की बात करें तो साल 2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कुल 89 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें से 60 सीटों पर जीत दर्ज की थी. वही कांग्रेस ने 122 सीटों पर चुनाव लड़ा था और वह सिर्फ 26 सीटों तक सिमट कर रह गई. बीजेपी का वोट पर्सेंटेज साल 2016 के चुनाव में 42.12 फीसदी था जबकि कांग्रेस 32.06 तक ही सिमट गई थी. बात असम गम परिषद की करें तो उसने 30 सीटों पर चुनाव लड़कर 14 पर जीत हासिल की और 33.37 फीसदी वोट मिले. वहीं एआईयूडीएफ ने 74 सीटों पर चुनाव लड़कर 13 सीटें जीती और उनका वोट प्रतिशत 21.34 फीसदी था.

साल 2019 के लोकसभा चुनावों का संदर्भ लें तो राज्य में तो भाजपा ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की और 36.41 फीसदी वोट मिले. वहीं कांग्रेस को 3 सीट पर जीत मिली और उसके हिस्से कुल 35.79 फीसदी वोट आए. एआईयूडीएफ के खाते में 1 लोकसभा सीट आई और उसे 7.87 फीसदी वोट मिले. कांग्रेस को इस लोकसभा चुनाव में 5.84 फीसदी ज्यादा मिले थे. वहीं एआईयूडीएफ को वोट प्रतिशत में 7 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई थी. दूसरी ओर बीजेपी को वोट प्रतिशत में 0.45 फीसदी की कमी आई थी.
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