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Assam Assembly Elections: असम के दो चरण बताएंगे अजमल पर लगाया कांग्रेस का दांव कितना है असरदार

कांग्रेस ने AIUDF के साथ गठबंधन कर असर में बड़ा राजनीतिक दांव खेला है.

कांग्रेस ने AIUDF के साथ गठबंधन कर असर में बड़ा राजनीतिक दांव खेला है.

Assam Assembly Elections: बीजेपी ने बदरुद्दीन अजमल (Badruddin Ajmal) के साथ गठबंधन के मुद्दे पर इस चुनाव में कांग्रेस (Congress) को खूब घेरा है. कांग्रेस ने AIUDF के बदरुद्दीन अजमल के साथ गठबंधन के इस राजनीतिक दांव का असल अर्थमेटिक असम चुनाव के दूसरे और तीसरे दौर में ही पता चल सकेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 1, 2021, 11:25 AM IST
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नई दिल्‍ली. असम (Assam) के चुनाव में आज और 6 अप्रैल को होने वाले तीसरे दौर के मतदान (Elections) पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं. दरअसल इन चुनावों में एक बड़ा समीकरण भी घूम रहा है, जिसके तहत कांग्रेस (Congress) ने AIUDF के बदरुद्दीन अजमल (Badruddin Ajmal) के साथ गठबंधन कर एक बड़ा राजनीतिक खतरा मोल लिया था. अब इन दो चरणों का मतदान ही ये साबित करेगा कि अजमल के साथ गठबंधन कर कांग्रेस ने जो बड़ा राजनीतिक दांव खेला है, उसका क्या असर रहा.

बीजेपी ने बदरुद्दीन अजमल के साथ गठबंधन के मुद्दे पर इस चुनाव में कांग्रेस को खूब घेरा है. कांग्रेस ने AIUDF के बदरुद्दीन अजमल के साथ गठबंधन के इस राजनीतिक दांव का असल अर्थमेटिक असम चुनाव के दूसरे और तीसरे दौर में ही पता चल सकेगा. पहले दौर की सीटों पर बीजेपी गठबंधन बेहद मजबूत स्थिति में था और कांग्रेस पार्टी के साझीदार अजमल का इन सीटों पर कोई खास असर नहीं था. बीजेपी ने अजमल को सांप्रदायिक राजनीति का पुरोधा बताते हुए खूब घेरा और सीमावर्ती इलाकों में होने वाली घुसपैठ का बड़ा समर्थक बताया. वहीं, कांग्रेस के उम्मीदवारों के लिए पहले चरण के चुनाव में अजमल प्रचार करते हुए भी नहीं दिखाई दिए. जानकार कहते हैं कि ये कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा था. उन्हें मालूम था कि पहले दौर के मतदान में मंच साझा करने का फ़ायदा तो कुछ होगा नहीं, उल्टा नुकसान ज्यादा हो सकता है. लेकिन पहले दौर के बाद बराक घाटी और लोअर असम के इलाकों में अजमल अचानक काफी सक्रिय हो गए. उनकी कोशिश है कि अब अगले दो चरण के मतदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अल्पसंख्यक वोट बिल्कुल ना बंटे.

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कांग्रेस के नेताओं के दिमाग में जो चुनावी अर्थमेटिक घूम रही है, उसका कारण पिछले विधानसभा चुनाव में अजमल की पार्टी को मिला वोट प्रतिशत है. 2016 में अजमल की पार्टी 13 फीसदी वोट लेने में कामयाब रही थी, जबकि कांग्रेस को करीब 39 फीसदी वोट मिले थे. इन दोनों के साथ इस बार गठबंधन में BPF भी है, जो पिछले चुनाव में बीजेपी के साथ थी और उसे करीब 4 फीसदी वोट मिले थे. बीजेपी कांग्रेस के मुकाबले कम वोट यानी 29.5 प्रतिशत पाकर भी सरकार बनाने में कामयाब हो गई थी. अर्थमेटिक को ध्यान में रखते हुए ही कांग्रेस ने बड़ा खतरा मोल लेते हुए इस बार अजमल के साथ हाथ मिलाया. अब इन दो दौर के चरण में ही कांग्रेस के अर्थमेटिक की असली परीक्षा है. अब दूसरे और तीसरे दौर में उसे मिलने वाली सीटें ही ये बताएंगी कि उसका अर्थमेटिक सही बैठता है या औंधे मुंह गिरता है.



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दूसरे चरण की 39 सीटों के लिए आज मतदान हो रहा है
असम में आज होने वाले दूसरे चरण की 39 सीटों के लिए मतदान हो रहा है . इस चरण में कुल 345 उम्मीदवारों की किस्मत EVM में बंद हो जाएगी. सूबे की ये 39 सीटें बराक घाटी के 13 जिलों, तीन पर्वतीय जिलों और केंद्रीय व निचले असम में फैली हुई हैं. राज्य में सत्ताधारी बीजेपी 39 में से 34 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि उसकी सहयोगी AGP 6 पर और दूसरी सहयोगी पार्टी UPPL 3 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. इस चरण में बीजेपी दो-दो सीटों पर सहयोगी AGP और UPPL के साथ फ्रेंडली फाइट पर है. यानी कि चार सीटों पर उसके विरोधियों के साथ सहयोगियों के उम्मीदवार भी ताल ठोके हुए हैं. जबकि कांग्रेस 39 में से 27 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. उसकी सहयोगी बदरुद्दीन अजमल की पार्टी 8 सीटों पर और दूसरी सहयोगी BPF 4 पर चुनाव लड़ रही है.
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