असम: बाढ़ के चलते काज़ीरंगा नेशनल पार्क का 80% हिस्सा बाढ़ में डूबा, 66 जानवरों की मौत

असम: बाढ़ के चलते काज़ीरंगा नेशनल पार्क का 80% हिस्सा बाढ़ में डूबा, 66 जानवरों की मौत
काज़ीरंगा में बाढ़ में अपने बच्चे के साथ फंसा एक गैंडा (फोटो- ANI)

असम (Assam) में मंगलवार को बाढ़ संबंधी घटनाओं (Flood related incidents) में नौ और लोगों की मौत हुई. इसके अलावा राज्य के 28 जिलों में 33 लाख से अधिक लोग बाढ़ (Flood) से प्रभावित हैं.

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असम. बाढ़ के चलते काज़ीरंगा नेशनल पार्क (Kaziranga National Park) का 80% हिस्सा बाढ़ (Flood) में डूब गया है. नेशनल पार्क के डायरेक्टर पी शिवकुमार ने बताया है कि अब तक काज़ीरंगा नेशनल पार्क में बाढ़ से 66 जानवरों (Animals) की मौत हो चुकी है और 170 जानवरों को बचाया जा चुका है. असम (Assam) में सालाना आने वाली बाढ़ का इस साल भी भयानक प्रकोप जारी है. मंगलवार को आए आंकड़ों के मुताबिक जानवर ही नहीं बल्कि इंसानों को भी इस बाढ़ से खासी जन-धन की हानि हुई है. और इस दौरान अब तक 85 लोग बाढ़ से चलते जान गंवा चुके हैं.

बता दें कि काजीरंगा नेशनल पार्क (Kaziranga National Park) में बाढ़ के चलते पशुओं के ऊंची जगहों पर भागने की एक खबर हाल ही में तब चर्चा में आ गई थी जब एक बंगाल रॉयल टाइगर (Bengal Royal Tiger) पार्क से भागकर पास के एक गांव के निवासी के बकरी के बाड़े में छिप गया था और रात भर बिना बकरियों (Goats) को नुकसान पहुंचाये वहीं छिपा रहा था. सवेरे जब बाड़े की मालकिन वहां पहुंची और उसे हिलाकर देखा तो उसे पता चला कि वहां एक बाघ (Tiger) लेटा हुआ है. बाद में बाघ को सुरक्षित निकाला गया था.

असम में बाढ़ संबंधी घटनाओं में नौ लोगों की मौत, मृतकों की संख्या 85 हुई
असम में मंगलवार को बाढ़ संबंधी घटनाओं में नौ और लोगों की मौत हुई. इसके अलावा राज्य के 28 जिलों में 33 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई है. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बाढ़ से संबंधित दैनिक बुलेटिन के अनुसार डिब्रूगढ़ जिले में तीन, तिनसुकिया और बारपेटा जिलों में दो-दो तथा विश्वनाथ और गोलाघाट जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई. बुलेटिन के अनुसार राज्य में बाढ़ संबंधी घटनाओं में अब तक 85 लोगों की मौत हो चुकी है.
इससे पहले, मंगलवार को होजई, धेमाजी, लखीमपुर, विश्वनाथ, सोनितपुर, उदालगुड़ी, दरांग, बक्सा, नलबाड़ी, बारपेटा, चिरांग, बोंगाईगांव, कोकराझार, धुबरी, दक्षिण सालमाड़ा, गोलपाड़ा, कामरूप, मोरीगांव, कामरूप महानगर, पश्चिम कार्बी आंगलोंग, गोलाघाट, जोरहाट, माजुली, शिवसागर, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया और कार्बी आंगलोंग में बाढ़ का पानी घुस गया था.



असम के 27 जिलों में बाढ़ से करीब 22 लाख लोग प्रभावित
बुलेटिन में कहा गया है कि सबसे ज्यादा प्रभावित जिला बारपेटा है जहां 5.50 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं. इसके अलावा धुबरी में 4.11 लाख, मोरीगांव में 4.08 लाख और दक्षिण सालमाड़ा जिले में 2.25 लाख लोग प्रभावित हैं. बाढ़ के चलते सोमवार को 27 जिलों में करीब 22 लाख लोग प्रभावित हुए थे.

ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का उफान मारता पानी काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में प्रवेश कर गया है, जिससे बाघ और अन्य जानवरों को जान बचाने के लिए मानव आबादी और ऊंचे इलाकों की ओर भागना पड़ा. बाढ़ के चलते 1.28 लाख कृषि भूमि पानी में डूब गई है.

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असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज धेमाजी जिले के जोनाई का दौरा कर बाढ़ के हालात की समीक्षा की. उन्होंने लखीमपुर और अपने विधानसभा क्षेत्र माजुली में व्याप्त हालात का भी जायजा लिया. (भाषा के इनपुट सहित)
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