Assam Exit Poll 2021: असम में बीजेपी के लिए खुशखबरी, बना सकती है लगातार दूसरी बार सरकार

असम एक्जिट पोल के नतीजे. (न्यूज़18 क्रिएटिव)

असम एक्जिट पोल के नतीजे. (न्यूज़18 क्रिएटिव)

Assam Election Exit Poll: 2016 में राज्य में पहली बार सत्ता पर काबिज हुई बीजेपी दोबारा सरकार में आने के दावे करती रही है तो वहीं विपक्षी कांग्रेस ने सीएए विरोधी प्रदर्शनों को मुद्दा बनाया. जानिए क्या होगा इस बार का नतीजा

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गुवाहाटी. मतदान के दौर के बाद अब देशवासियों की नजरें चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश के नतीजों पर हैं. इनमें उत्तर-पूर्व के सबसे बड़े राज्य असम में इस बार की चुनावी लड़ाई बेहद दिलचस्प है. 2016 में राज्य में पहली बार सत्ता पर काबिज हुई बीजेपी दोबारा सरकार में आने के दावे करती रही है तो वहीं विपक्षी कांग्रेस ने सीएए विरोधी प्रदर्शनों को मुद्दा बनाया है. आज राज्य में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होंगे.

राज्य की 126 सदस्यीय विधानसभा में 2016 में NDA ने 86 सीटें जीती थीं तो यूपीए के खाते में 26 सीटें आई थीं. इस बार राज्य में 27 मार्च से 6 अप्रैल के बीच तीन चरणों में वोटिंग संपन्न हुई है. पांच राज्यों के चुनाव में पश्चिम बंगाल के अलावा असम ही ऐसा राज्य है जहां पर एक से ज्यादा चरणों में वोटिंग हुई है. केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में सिर्फ एक चरण में 6 अप्रैल को वोटिंग हुई थी. आइए जानते हैं क्या कहते हैं इस बार एक्जिट पोल के नतीजे...

इंडिया टुडे-माई एक्सिस एक्जिट पोल

इंडिया टुडे के एक्जिट पोल नतीजे के मुताबिक राज्य में बीजेपी एक बार फिर सत्ता में वापस लौटती दिख रही है. कांग्रेस को 2016 के मुकाबले मामूली बढ़त मिलती दिख रही है. सर्वे के मुताबिक बीजेपी की अगुवाई वाले NDA को 75 से 85 सीटें, कांग्रेस की अगुवाई वाले UPA को 40 से 50 सीटें और अन्य को 1 से 4 सीटें मिलती दिख रही है.


टाइम्स नाउ-सी वोटर सर्वे

वहीं एक अन्य सर्वे में एनडीए को जबरदस्त बढ़त दिखाई गई है. टाइम्स नाउ-सी वोटर सर्वे के मुताबिक राज्य में बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए को 115 सीटें जीतते दिखाया गया है. कांग्रेस की अगुवाई वाला यूपीए 19 सीटों पर सिमटता दिख रहा है



क्या कहता है एबीपी-सी वोटर सर्वे

इस सर्वे में एनडीए और यूपीके बीच कांटे की टक्कर बताई गई है. जहां एनडीए को 58 से 71 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है वहीं यूपीए को 53 से 66 सीटें तक मिलने की बात कही जा रही है.

क्या हैं राजनीतिक समीकरण

2016 में बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाली सहयोगी पार्टी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट इस बार अलग होकर कांग्रेस के साथ आ गई. वहीं राज्य में मुस्लिम मतों पर अपना अधिकार बताने वाले बदरुद्दीन अजमल भी कांग्रेस के साथ हो लिए. वहीं बोडोलैंड के इलाके में बीजेपी को यूपीपीएल के रूप में एक नया सहयोगी मिला. यूपीपीएल के नेता प्रमोद बोरो की लोकप्रियता को भुनाने की भी कोशिश हुई.
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