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असम में बाढ़ से हालात गंभीर, अब तक 122 की मौत, 30 लाख से अधिक लोगों पर असर

धुबरी में ब्रह्मपुत्र और नगांव में कोपिली नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. (फाइल फोटो)

धुबरी में ब्रह्मपुत्र और नगांव में कोपिली नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. (फाइल फोटो)

Assam Flood: बाढ़ से विस्थापित हुए कुल 233,271 लोग अभी भी 22 प्रभावित जिलों के 896 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं. उनमें से लगभग 110 अकेले कछार जिले में हैं, जिला मुख्यालय सिलचर में 25,000 से अधिक लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है.

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गुवाहाटी. असम में शनिवार को भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही और इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 122 हो गई है. कछार जिले का सिलचर शहर छठे दिन भी जलमग्न रहा. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटों में बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण दो बच्चों सहित चार और लोगों की मौत हुई है. असम राज्य प्रबंधन आपदा प्राधिकरण (एएसडीएमए) द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, राज्य के 79 राजस्व मंडलों और 2894 गांव सहित 27 जिले इस समय बाढ़ प्रभावित हैं. एएसडीएमए के अनुसार, 27 जिलों में बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या अब घटकर 33.03 लाख रह गई है, जबकि शुक्रवार तक 30 जिलों में यह आंकड़ा 45.34 लाख था.

अधिकारियों ने कहा कि कुछ जिलों में स्थिति में मामूली सुधार हुआ है. नदियों का जल स्तर कुछ हद तक कम हुआ है. हालांकि, धुबरी में ब्रह्मपुत्र और नगांव में कोपिली नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. उपायुक्त कीर्ति जल्ली ने कहा कि कछार जिला प्रशासन बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने को प्राथमिकता देने के साथ सिलचर में बचाव अभियान चला रहा है. उन्होंने कहा कि वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से भोजन के पैकेट, पीने के पानी की बोतलें और अन्य जरूरी चीजें शहर में वितरित की जा रही हैं तथा यह कार्य तब तक जारी रहेगा जब तक कि स्थिति में सुधार नहीं हो जाता.

बाढ़ पर नजर रखने के लिए सिलचर में दो ड्रोन तैनात
बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के लिए सिलचर में दो ड्रोन भी तैनात किए गए हैं. सिलचर में ईटानगर और भुवनेश्वर से पहुंचे 207 कर्मियों के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के आठ दलों तथा 120 कर्मियों वाली एक सैन्य टुकड़ी तथा दीमापुर से लाई गईं नौ नौकाओं को तैनात किया गया है. अधिकारियों ने कहा कि सिलचर में लगभग तीन लाख लोग भोजन, स्वच्छ पेयजल और दवाओं की भारी कमी से जूझ रहे हैं.

896 राहत शिविरों में 2.30 लाख से अधिक लोग
बाढ़ से विस्थापित हुए कुल 233,271 लोग अभी भी 22 प्रभावित जिलों के 896 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं. उनमें से लगभग 110 अकेले कछार जिले में हैं, जिला मुख्यालय सिलचर में 25,000 से अधिक लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है. शनिवार को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और गैर सरकारी संगठनों ने 5724 फंसे लोगों को बचाने के लिए कुल 175 नावों को लगाया. अकेले कछार जिले में बचाए गए लोगों की संख्या 5487 रिकॉर्ड की गई.

बराक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
अधिकारियों ने बताया कि लखीपुर और अन्नपूर्णा घाट में बराक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. अन्नपूर्णा घाट पर शनिवार शाम नदी 21.26 मीटर जबकि लखीपुर में 25.15 मीटर पर बह रही थी. शुक्रवार को जहां जलस्तर में महज 4 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई, वहीं शनिवार को बराक के जलस्तर में 18 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई. अधिकारियों के मुताबिक बांग्लादेश में बाढ़ की वजह से जलस्तर बहुत धीरे-धीरे कम हो रहा है.

(इनपुट भाषा से भी)

Tags: Assam Flood

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