असम सरकार के मंत्री बोले- मौजूदा NRC पर हम नहीं कर सकते यकीन

हेमंत बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा, 'दिसपुर (Dispur) और दिल्ली (Delhi) में हमने पहले से ही नई रणनीति शुरू कर दी है कि कैसे हम अवैध प्रवासियों को बाहर निकाल सकते हैं और हम नई योजनाओं के साथ आएंगे.'

News18Hindi
Updated: August 31, 2019, 12:43 PM IST
असम सरकार के मंत्री बोले- मौजूदा NRC पर हम नहीं कर सकते यकीन
हेमंत बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा, दिसपुर (Dispur) और दिल्ली (Delhi) में हमने पहले से ही नई रणनीति शुरू कर दी है कि कैसे हम अवैध प्रवासियों को बाहर निकाल सकते हैं और हम नई योजनाओं के साथ आएंगे.
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Updated: August 31, 2019, 12:43 PM IST
असम (Assam) में भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) की सरकार में मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा है कि कि राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (National Register of Citizens) यानी एनआरसी को असमिया समाज के लिए 'रेड लेटर' के रूप में नहीं देखा जा सकता है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने संकेत दिया कि उन्हें इस बात का बहुत कम भरोसा था कि सूची वास्तव में विदेशियों से छुटकारा पाने में मदद करेगी.

असम नागरिकों की अंतिम सूची में 19 लाख से अधिक लोगों को निष्कासित कर दिया है जो कि www.nrcassam.nic.in पर उपलब्ध है. 3.11 करोड़ लोगों को शामिल किया गया है.

सरमा ने शुक्रवार को कहा, 'हम ड्राफ्ट के ठीक बाद एनआरसी के वर्तमान स्वरूप में उम्मीद खो चुके हैं. जब इतने सारे वास्तविक भारतीय बाहर हैं, तो आप कैसे दावा कर सकते हैं कि यह दस्तावेज एक रेड लेटर है.'

सरमा ने किया सवाल

सरमा ने कहा, 'बांग्लादेश से सटी सीमाओं म दक्षिण सलमारा और धुबरी जैसे जिलों में, निष्कासन की दर सबसे कम है और भूमिपुत्र जिले में अधिक है. यह कैसे हो सकता है? हम इस एनआरसी में अब कोई दिलचस्पी नहीं रखते हैं.' उन्होंने कहा कि 'एनआरसी कोई क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और बांग्लादेशियों को बाहर करने के लिए फाइनल नहीं है... थोड़ी देर प्रतीक्षा करें और आप भाजपा शासन के तहत अधिक फाइनल देखेंगे.'

असम में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, जिसमें उत्तर-पूर्वी राज्य बांग्लादेश की सीमा पर तैनात हजारों अर्धसैनिक बल के जवान और पुलिस तैनात हैं.

केंद्र ने कहा है कि जिन लोगों के नाम अंतिम एनआरसी में नहीं दिखाई देते हैं उन्हें तब तक विदेशी घोषित नहीं किया जा सकता है जब तक कि सभी कानूनी विकल्प समाप्त नहीं हो जाते. NRC से बचे हुए प्रत्येक व्यक्ति विदेशी ट्रिब्यूनल में अपील कर सकते हैं, और अपील दायर करने की समय सीमा 60 से 120 दिनों तक बढ़ा दी गई है.
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कई बीजेपी नेताओं का सवाल
सरमा ने कहा, 'हम चाहते हैं कि एनआरसी अच्छी तरह से, शांति से, और हम इसे सुनिश्चित करेंगे, लेकिन यह एनआरसी हमें विदेशियों से छुटकारा पाने में मदद नहीं करेगा.'

सरमा ने कहा, 'दिसपुर और दिल्ली में हमने पहले से ही नई रणनीति शुरू कर दी है कि कैसे हम अवैध प्रवासियों को बाहर निकाल सकते हैं और हम नई योजनाओं के साथ आएंगे.'

कई बीजेपी नेताओं ने बड़ी संख्या में बंगाली हिंदुओं के एनआरसी से बाहर होने पर चिंता जताई है. मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पिछले हफ्ते गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक के बाद कहा था कि केंद्र उन विदेशियों को हटाने के लिए एक कानून पर विचार कर सकता है जो सूची में शामिल हो सकते हैं और वास्तविक नागरिकों को जोड़ सकते हैं जिन्हें छोड़ा जा सकता था.

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First published: August 31, 2019, 11:41 AM IST
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