अगले विधानसभा सत्र में गौ संरक्षण विधेयक पेश करेगी असम सरकार, जानें इसके बारे में

राज्यपाल ने कहा कि सरकार मवेशी की सुरक्षा को लेकर कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाएगी

राज्यपाल ने कहा कि सरकार मवेशी की सुरक्षा को लेकर कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाएगी

Assam Latest news: राज्यपाल ने कहा कि सरकार मवेशी की सुरक्षा को लेकर कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाएगी और असम के बाहर परिवहन करते पाए जाने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करेगी.

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गुवाहाटी. असम के राज्यपाल जगदीश मुखी ने शनिवार को कहा कि गाय का परिवहन राज्य के बाहर किये जाने पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार की अगले विधानसभा सत्र में गौ संरक्षण विधेयक पेश करने की योजना है.

मुखी ने 15वीं असम विधानसभा के पहले सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि लोग गाय को पवित्र जानवर मानते हैं और उसकी पूजा करते हैं. उन्होंने कहा, 'मुझे आपको यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि मेरी सरकार अगले विधानसभा सत्र में गौ संरक्षण विधेयक पेश करने की योजना बना रही है. प्रस्तावित विधेयक में मवेशी के राज्य के बाहर परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की परिकल्पना की गई है.'

विधेयक पारित होने के बाद इस लिस्ट में शामिल हो जाएगा असम

राज्यपाल ने कहा कि सरकार मवेशी की सुरक्षा को लेकर कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाएगी और असम के बाहर परिवहन करते पाए जाने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करेगी.
उन्होंने कहा, ‘‘एक बार (विधेयक) पारित होने के बाद, असम उन राज्यों में शामिल हो जाएगा जिन्होंने इस तरह के विधेयक पारित किए हैं.’’ मुखी ने यह भी कहा कि गाय लोगों का पोषण करती है क्योंकि यह उन्हें ‘‘जीवनदायी दूध’ देती है.


कर्नाटक में पास हो चुका है बिल



इससे पहले कर्नाटक में गौ हत्या पर रोक लगाने के लिए इस तरह का विधेयक पास हो चुका है. इस बिल में गाय की तस्करी, अवैध ढुलाई, अत्याचार एवं गो-हत्या में लिप्त पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है.

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