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NRC आवेदकों को आधार कार्ड देने के लिए SC जाएगी असम सरकार, 27 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

NRC आवेदकों को आधार कार्ड देने के लिए SC जाएगी असम सरकार, 27 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

मुख्यमंत्री ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक में लिया फैसला. (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक में लिया फैसला. (फाइल फोटो)

Assam News: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कैबिनट की बैठक में यह फैसला लिया है कि राज्य सरकार आधार कार्ड से वंचित रहने वाले लोगों के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. सीएम ने कहा कि इससे राज्य के लाखों लोगों को फायदा होगा. इस समय उच्चतम न्यायलय एक मामले में इस मुद्दे पर सुनवाई कर रही है

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नई दिल्ली. असम सरकार राष्ट्रीय नागिरक रजिस्टर (एनआरसी) से बाहर रह गए करीब 27 लाख से अधिक लोगों को आधार कार्ड प्रदान करने के लिए उच्चतम न्यायालय में एक इंटरलोक्यूटरी एप्लीकेशन दाखिल करेगी. पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार की शाम को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया. बाद में मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया- ‘एसओपी के पैरा 9 में छूट के लिए और एनआरसी आवेदकों को आधार कार्ड प्रदान करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में इंटरलोक्यूटरी एप्लीकेशन दाखिल करने की मंजूरी दी गई है. इससे गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों, छात्रों, पेंशनभोगियों और नौकरी की चाह रखने वालों के एक बड़े वर्ग को फायदा होगा, जिनके पास आधार कार्ड नहीं है.’

राज्य में एनआरसी को अपडेट करने के लिए दावों और आपत्तियों के दौरान राज्य में 27 लाख से अधिक एनआरसी आवेदकों ने अपने बायोमेट्रिक्स जमा किए थे. इनमें से 19 लाख नाम 31 अगस्त, 2019 को प्रकाशित एनआरसी के अंतिम मसौदे में शामिल नहीं थे, और इन लोगों को अब आधार बनाने में समस्या हो रही है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के कारण उनके बायोमेट्रिक्स को लॉक कर दिया गया है.

मामले पर उच्चतम न्यायालय की है नजर
गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय एनआरसी के अपडेट पर अपनी नजर रखे हुए है. मौजूदा समय में सुप्रीम कोर्ट तृणमूल कांग्रेस की राज्य सभा सदस्य सुष्मिता देव की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें 8 लाख से अधिक आवेदकों के बायोमेट्रिक्स जारी करने की मांग की गई है, जिनके नाम एनआरसी में शामिल हो गए हैं. वहीं राज्य सरकार ने पिछले महीने विधानसभा में कहा था कि उसने पिछले दो वर्षों में केंद्र को कम से कम दो बार पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि आधार कार्ड जारी करने वाले प्राधिकरण को कम से कम उन लोगों के बायोमेट्रिक्स तक पहुंचने की अनुमति दी जाए, जिनके नाम एनआरसी में शामिल थे.

राज्य के संगठनों से हुई थी चर्चा
वहीं असम सरकार में मंत्री पीयूस हजारिका का कहना है कि उन्होंने इस विषय पर ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन, असम पब्लिक वर्क्स, असम जातीयतावादी युवा छात्र परिषद जैसे कई संगठनों के साथ बात की और सभी ने राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट में जाने की बात कही. साथ ही मंत्री का यह भी कहना है कि आधार कार्ड नागरिकता का दस्तावेज नहीं है.

Tags: Assam, NRC Assam

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