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हाई स्कूल में बदलेंगे असम के मदरसे और संस्कृत विद्यालय, शिक्षा मंत्री बोले-ये हमारा काम नहीं

News18Hindi
Updated: February 13, 2020, 11:42 AM IST
हाई स्कूल में बदलेंगे असम के मदरसे और संस्कृत विद्यालय, शिक्षा मंत्री बोले-ये हमारा काम नहीं
असम सरकार बंद करेगी मदरसे और संस्कृत विद्यालय, शिक्षा मंत्री बोले ये हमारा काम नहीं

असम के शिक्षा मंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि हमने सभी मदरसों और संस्कृत विद्यालयों को हाई स्कूल और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में बदलने का फैसला किया है.

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  • Last Updated: February 13, 2020, 11:42 AM IST
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गुवाहाटी. असम सरकार ने राज्य में सरकार द्वारा संचालित सभी मदरसों और संस्कृत विद्यालयों को बंद करने का फैसला किया है. राज्य में चल रहे सभी धार्मिक स्कूलों को हाई स्कूल और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में बदला जाएगा. सरकार इस काम को एक महीने के अंदर पूरा करेगी.

असम के शिक्षा मंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि हमने सभी मदरसों और संस्कृत विद्यालयों को हाई स्कूल और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में बदलने का फैसला किया है. सरकार ने इस फैसले के पीछे फंड न दे सकने का हवाला दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक संस्थानों को फंड नहीं दे सकती है. हालांकि, गैर सरकारी संगठनों और सामाजिक संगठनों द्वारा संचालित मदरसे जारी रहेंगे, लेकिन इनके लिए भी नियम तैयार किए जाएंगे.



हिमंत विश्व शर्मा ने कहा, 'किसी भी मदरसे या संस्कृत स्कूल में धार्मिक उद्देश्यों के लिए धर्म, धार्मिक शास्त्र, अरबी या फिर कोई अन्य भाषा की पढ़ाई कराने का काम सरकार का नहीं है. अगर कोई गैर सरकारी संगठन या सामाजिक संगठन इन स्कूलों के लिए फंड की व्यवस्था करता है तो मुझे इससे कोई आपत्ति नहीं है.' उन्होंने कहा कि लेकिन इन गैर सरकारी संस्थानों को भी एक नियम के मुताबिक ही ऐसे स्कूलों को चलाने का अधिकार दिया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अगर मदरसों में कुरान को पढ़ाने के लिए राज्य सरकार की ओर से धन दिया जाता है तो हमें गीता, बाइबिल भी सिखानी होगी.इसे भी पढ़ें :- अब मूल मुस्लिम आबादी की पहचान करेगी असम सरकार, जल्द होगा सर्वे

हिमंत विश्व शर्मा ने साफ किया कि इस तरह धार्मिक उद्देश्य के लिए चलाए जाने वाले स्कूलों के लिए सरकार फंड नहीं देगी इसलिए इन्हें बंद किया जा रहा है. उन्होंने साफ किया कि मदरसों और संस्कृत स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों की नौकरी नहीं जाएगी. इन शिक्षकों को घर बैठे सेवानिवृत्त होने तक वेतन दिया जाएगा. इसी के साथ इन शिक्षकों को सामान्य स्कूलों में पढ़ाने का भी मौका दिया जाएगा.

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First published: February 13, 2020, 10:49 AM IST
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