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Assam Election: CM के चुनाव पर बोले हेमंत बिस्वा- PM मोदी और अमित शाह जो कहेंगे वही होगा

स्वास्थ्य मंत्री हिमांत बिस्वा शर्मा की फाइल फोटो

स्वास्थ्य मंत्री हिमांत बिस्वा शर्मा की फाइल फोटो

Assam Election 2021: बीजेपी (BJP) नेता ने कहा कि अब असमिया एक भाषा है, आपको इसे पढ़ना होगा. आप अपनी भाषा तैयार नहीं कर सकते. शर्मा ने कहा कि अजमल केवल एक चिन्ह है. जैसे 1935 में सार्शादुल्लाह थे, 1979 में गुलाम उस्मानी थे आज अजमल हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 26, 2021, 10:04 AM IST
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दिसपुर. असम विधानसभा चुनाव 2021 (Assembly Election 2021) की मतदान प्रक्रिया शुरू होने में महज एक दिन बाकी है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उत्तर-पूर्वी राज्य असम (Assam) में दोबारा सत्ता हासिल करने की कोशिश में लगी हुई. राज्य में सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) का मुद्दा बड़ी भूमिका निभा सकता है. इस बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हिमांत बिस्वा शर्मा (Himanta Biswa Sarma) का कहना है कि लोग इसके बारे में बात नहीं करना चाहते हैं. इस दौरान उन्होंने अपने मुख्यमंत्री बनने और पार्टी के सामने चुनौतियों को लेकर भी चर्चा की.

अंग्रेजी अखबार 'टाइम्स ऑफ इंडिया' को दिए इंटरव्यू में शर्मा से AIUDF और कांग्रेस के गठबंधन को लेकर सवाल किया गया. इसपर उन्होंने कहा कि AIUDF और कांग्रेस ने 1:1 के अनुपात पर लोकसभा चुनाव लड़ा था. असम के लोग जानते हैं कि बदरुद्दीन अजमल असमिया नहीं है. वे भारतीय हैं, लेकिन असमिया नहीं हैं. आपको फर्क करना होगा. इस दौरान उन्होंने साफ किया है कि 'मियां' (बंग्ला बोलने वाले मुस्लिम) और असमियों के बीच जारी सांस्कृतिक विवाद बीजेपी ने तैयार नहीं किया है.

जब उनसे इस विवाद के खत्म होने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी मानसिकता बदलनी होगी. शर्मा ने कहा कि असमिया लोग 2-3 बच्चों को जन्म देते हैं, वे 12-14 को देते हैं. परिणामस्वरूप हम अपनी जगह खो रहे हैं. उन्हें खुद को बदलना होगा. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वे मदरसा जाते हैं, हम आम स्कूल जाते है. हम नहीं बदल सकते हैं, हम मदरसा नहीं जा सकते हैं. शर्मा ने कहा कि उन्हें बदलना होगा.



बीजेपी नेता ने कहा कि अब असमिया एक भाषा है, आपको इसे पढ़ना होगा. आप अपनी भाषा तैयार नहीं कर सकते. शर्मा ने कहा कि अजमल केवल एक चिन्ह है. जैसे 1935 में सार्शादुल्लाह थे, 1979 में गुलाम उस्मानी थे आज अजमल हैं. अपने सीएम बनने की बात को लेकर उन्होंने कहा है कि जैसे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहेंगे, वैसा होगा.
कहा जा रहा है कि असम चुनाव प्रचार में सीएए और एनआरसी मुद्दा गायब सा है. इसपर शर्मा ने कहा कि लोग इसके बारे में नहीं सुनना चाहते. उन्होंने इस दौरान साइकोलॉजी का हवाला दिया है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जब कोविड-19 शुरू नहीं हुआ था, तो सीएए-एनआरसी मौजूद था. लेकिन जब हम लॉकडाउन में थे और सीएए को जो भी पब्लिसिटी मिली, लोगों को लगा कि नए लोग बांग्लादेश से आ रहे हैं.

शर्मा ने बताया कि लोगों को लगा कि यह कानून हमारे गांवों में मौजूद लोगों को नियमित करने नहीं, बल्कि बाहर से आने वालों के मकसद से लाया गया है. ऐसे में हमने लोगों को कोविड-19 की सावधानियों के साथ-साथ सीएए की बारीकियों को भी समझाया. इसलिए लोग इस बारे में बात नहीं करना चाहते हैं. राज्य में 27 मार्च को पहले चरण में 47 सीटों पर वोटिंग होगी. इसके बाद 1 अप्रैल को 39 सीटों पर दूसरे चरण और 6 अप्रैल को तीसरे चरण में 30 सीटों पर वोटिंग होगी. यहां भी काउंटिंग 2 मई को की जाएगी.
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