जोरहाटः अस्पताल स्टाफ ने कहा- "कुछ बच्चों को फर्श पर सुलाया गया था"

अटेंडेंट ने नाम ज़ाहिर न किए जाने की शर्त पर बताया कि कुछ बच्चों को फर्श पर सुलाया गया जिसकी वजह से उन्हें सर्दी लग गई. उन्हें मच्छरदानी भी उपलब्ध नहीं कराई गई थी.

News18.com
Updated: November 10, 2018, 1:29 PM IST
जोरहाटः अस्पताल स्टाफ ने कहा-
अटेंडेंट ने नाम ज़ाहिर न किए जाने की शर्त पर बताया कि कुछ बच्चों को फर्श पर सुलाया गया जिसकी वजह से उन्हें सर्दी लग गई. उन्हें मच्छरदानी भी उपलब्ध नहीं कराई गई थी.
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Updated: November 10, 2018, 1:29 PM IST
असम के जोरहाट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जेएमसीएच) में हुई 15 बच्चों की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है. अस्पताल के एक अटेंडेंट ने नाम ज़ाहिर न किए जाने की शर्त पर बताया कि कुछ बच्चों को फर्श पर सुलाया गया जिसकी वजह से उन्हें सर्दी लग गई. उन्हें मच्छरदानी भी उपलब्ध नहीं कराई गई थी.

सीएनएन न्यूज़ 18 को एक दूसरे सूत्र ने बताया कि पूरे यूनिट में मौजूद आठ वेंटिलेटर्स में से सिर्फ तीन ही काम कर रहे थे. अस्पताल में बच्चों के एक डॉक्टर ने बताया कि पूरे यूनिट की क्षमता 41 बच्चों की है जबकि 84 बच्चों को भर्ती कर लिया गया. अस्पताल के अधीक्षक सौरभ बोरकाकोटी ने मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं और सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सब्मिट करने को कहा है.

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बोरकाकोटी के अनुसार 1 से 6 नवंबर के बीच में 15 नवजात बच्चों की मौत हो गई थी. हालांकि उन्होंने कहा था कि बच्चों की मौत अस्पताल की लापरवाही के कारण नहीं हुई थी. उन्होंने कहा,‘कभी-कभी अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा होती है इसलिए मरने वाले नवजात शिशुओं की संख्या ज्यादा हो सकती है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि मरीज को किस अवस्था में अस्पताल लाया गया. हो सकता है कि लंबे समय तक दर्द करने के बाद गर्भवती महिला को यहां लाया गया हो या बच्चे का वजन कम हो. इन परिस्थितियों में नवजात की मौत होती है.'

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बोरकाकोटी ने बताया कि अस्पताल ने इन मौतों की जांच के लिए छह सदस्यों वाली एक समिति का गठन किया है.
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