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असम के मंत्री ने NRC की फाइनल लिस्ट पर उठाए सवाल, बोले- डेटा से हुई छेड़छाड़ फिर से हो वेरिफिकेशन

असम के वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा

असम के वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा

NRC में शामिल होने के लिए 3,30,27,661 लोगों ने आवेदन दिया था. इनमें से 3,11,21,004 लोगों को शामिल किया गया है और जबकि 19,06,657 लोगों को बाहर कर दिया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 31, 2019, 3:37 PM IST
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असम के वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय नागिरक रजिस्टर (NRC) की फाइनल लिस्ट में कई ऐसे लोगों के नाम शामिल नहीं हैं जो 1971 से पहले बांग्लादेश से भारत आए थे. सरमा ने एक के बाद कई ट्वीट करते हुए आरोप लगाया कि डेटा के साथ छेड़छाड़ की गई है.

सरमा ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘‘एनआरसी में कई ऐसे भारतीय नागरिकों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं जो 1971 से पहले शरणार्थियों के रूप में बांग्लादेश से आए थे क्योंकि अधिकारियों ने शरणार्थी प्रमाण पत्र लेने से इनकार कर दिया.’’

हिमंता बिस्वा सरमा का ट्वीट




उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारों के पहले किए अनुरोध के अनुसार सुप्रीम कोर्ट को सीमावर्ती जिलों में कम से कम 20 प्रतिशत और बाक़ी असम में 10 प्रतिशत फिर से वेरिफिकेशन की अनुमति देनी चाहिए.
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मैं दोहराता हूं कि केंद्र और राज्य सरकारों के अनुरोध पर सुप्रीम कोर्ट को सटीक और निष्पक्ष एनआरसी के लिए (सीमावर्ती जिलों में) कम से कम 20 प्रतिशत और (शेष जिलों में) 10 प्रतिशत फिर से वेरिफिकेशन की अनुमति देनी चाहिए.’’

हिमंता बिस्वा सरमा


दोनों सरकारों ने खासकर बांग्लादेश की सीमा से लगे जिलों में एनआरसी में गलत तरीके से शामिल नाम और बाहर किए गए नाम का पता लगाने के लिए नमूनों के फिर से वेरिफिकेशन को लेकर न्यायालय से दो बार अपील की थी.

न्यायालय ने इस महीने की शुरुआत में कड़े शब्दों में कहा था कि निश्चित पैमानों के आधार पर एनआरसी की पूरी प्रक्रिया फिर से शुरू नहीं की जा सकती.

बता दें कि असम में एनआरसी की आखिरी लिस्ट शनिवार को ऑनलाइन जारी कर दी गई. एनआरसी में शामिल होने के लिए 3,30,27,661 लोगों ने आवेदन दिया था. इनमें से 3,11,21,004 लोगों को शामिल किया गया है और जबकि 19,06,657 लोगों को बाहर कर दिया गया है.

(भाषा इनपुट के साथ)

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